डायबिटीज की समस्‍या के साथ प्रेग्‍नेंसी की योजना

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 29, 2011
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Quick Bites

  • गर्भधारण करने से पहले आपको चिकित्‍सक से मिलना चाहिए।
  • शुगर लेवल बढ़ने से प्रसव के समय परेशानी हो सकती है।
  • डायबिटिक महिला का प्रेग्‍नेंट होना मुश्‍किल भरा होता है।
  • प्रेग्‍नेंसी के दौरान आपको शुगर नियंत्रित रखनी चाहिए।

डायबिटिज रोगी को स्वास्थ्य और खानपान ध्यान देने की आवश्यकता होती है। ऐसे में डायबिटीज से ग्रसित गर्भवती महिला को अपने स्वास्थ्य का खास खयाल रखने की जरूरत होती है।

pregnancy in diabetes
प्रेग्‍नेंसी की दूसरी जरूरतों के साथ डायबिटीज़ से ग्रस्‍त महिलाओं को रक्‍त के स्तर की लगातार जांच भी करानी पड़ती है और डायबिटिज को कंट्रोल करने वाली दवाएं लेनी पड़ती हैं। इस लेख के जरिए हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसी जानकारी जिनसे गर्भवती महिला और होने वाला बच्चा दोनों सुरक्षित रह सकते हैं।

तैयारी

गर्भधारण करने से पहले अपने फिजीशियन से मिलें। रक्‍त जांच से आपका फिजीशियन यह बताएगा कि आप अगले 8 से 12 हफ्तों में डायबिटीज को कितना नियंत्रित कर सकती हैं या ऐसे में गर्भनिरोधक गोलियां लेना सुरक्षित है या नहीं।
दूसरी मेडिकल जांच कराएं जैसे यूरिनेलिसिस, कोलेस्‍ट्रॉल की जांच, ग्लूकोमा, मोतियाबिंद या रेटिनोपैथी के लिए आंखों की जांच। इस जांच से प्रेग्‍नेंसी के दौरान डॉक्‍टर डायबिटज से संबंधित जटिलताओं का समाधान निकाल सकता है। दूसरा महत्वपूर्ण चरण यह हो सकता है कि आप अपने फिजी‍शियन से काउंसलिंग करें।

pregnancy in diabetesप्रेगनेंसी के दौरान रक्त में शुगर की मात्रा

  • रक्‍त में शुगर की मात्रा पर नियंत्रण का अर्थ है रक्‍त में ग्लूकोज के स्तर को खानपान और व्यायाम से नियंत्रित रखने के तरीके अपनाना।
  • प्रेग्‍नेंसी के दौरान रक्‍त में शुगर की मात्रा पर नियंत्रण जरूरी है, क्योंकि महिलाओं को यह तब तक पता नहीं चलता जब तक कि भ्रूण दो से चार हफ्ते हफ्ते का न हो जाए।


प्रेग्‍नेंसी के दौरान शुगर के स्तर के बढ़ने से बच्चे को प्रसव के समय परेशानी हो सकती है। ऐसे में गर्भपात की आशंका रहती है और इससे डायबिटीज से संबंधित जटिलताएं भी आ सकती हैं।

बच्चे पर डायबिटिज का असर

डायबिटीक महिला के बच्चों में मैक्रोसामिया जैसी बीमारी के होने का अधिक खतरा रहता है। मां के रक्‍त में अधिक शुगर होने से ऐसे बच्चों के रक्‍त में शुगर की मात्रा अधिक होती है। डिलीवरी के दौरान बच्चों में यह अतिरिक्‍त शुगर वसा में बदल जाती है और ऐसे बच्चे मोटे होते हैं। कभी कभी बच्चे इतने मोटे हो जाते है कि डिलीवरी वैजाइनल नहीं हो पाती और ऐसे में सिजेरियन डिलीवरी करनी पड़ती है।

अगर प्रेग्‍नेंसी के दौरान आपके रक्‍त्त में शुगर का स्तर ज्‍यादा है, तो ऐसे में डिलीवरी के बाद बच्चे में लो ब्लड शुगर होता है। बच्चे में कैल्शियम, मैग्निशीयम की मात्रा भी असंतुलित होती है लेकिन दवाओं से इसे ठीक किया जा सकता है।

प्रेग्‍नेंसी के दौरान डायबिटीज की दवाएं

फिजीशियन आपको बता सकता है कि आपको प्रेग्‍नेंसी के दौरान किस तरह की दवाओं का सेवन करना चाहिए। प्रायः प्रेग्‍नेंसी के दौरान लोगों को अधिक मात्रा में इन्सुलिन की जरूरत होती है। अगर आप दवाएं ले रहे हैं तो आपका फिजिशियन आपको इन्सुलिन की दवा दे सकता है। लेकिन इन दवाओं की सुरक्षा का अभी तक ठीक से पता नहीं चल पाया है।

डायट प्लान

गर्भावस्‍था के दौरान आपको संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। आपको किसी भी ऐसे आहार का सेवन नहीं करना चाहिए, जिसके सेवन से आपके रक्‍त में शुगर की मात्रा बढ़ सकती है। आपका डॉक्‍टर और आप रक्‍त में शुगर की मात्रा नियंत्रित करके डायबिटीज पर नियंत्रण पा सकते हैं और अपने बच्चे को उसकी जरूरत के हिसाब से कैलोरी प्रदान कर सकते हैं।

गर्भावस्था का समय

वो महिलाएं जिनके शरीर में डायबिटिज का स्‍तर नियंत्रित है वो अपने बच्चे का आसानी से जन्म दे सकती हैं। लेकिन बहुत से फिजीशियन डायबिटिक महिलाओं को जल्दी डिलीवरी की सलाह देते हैं जैसे 38 से 39 हफ्तों में।

लेबर पेन के दौरान रक्‍त में शुगर के स्तर पर नियंत्रण रखना जरूरी होता है। अगर आप दवा के रूप में इन्सुलिन ले रही हैं तो ऐसे में आपको इन्सुलिन का इंजेक्‍शन भी दिया जाता है लेकिन डिलीवरी के तुरंत बाद इन्सुलिन की जरूरत नहीं होती। इन तथ्यों को ध्यान में रखने के अलावा आपको स्मोकिंग छोड़ देनी चाहिए क्योंकि इससे आपके होने वाले बच्चे को भी परेशानी हो सकती है।

प्रेग्‍नेंट होने से पहले फोलिक एसिड के सप्‍लीमेंट लेने से बच्चों में न्यूरल ट्यूब दोष नहीं होता। डायबिटिक महिला के लिए प्रेग्‍नेंट होना बहुत आसान नहीं होता लेकिन यह नामुमकिन भी नहीं है। डॉक्‍टर की सही सलाह लेकर और स्वस्थ डायट, व्यायाम के साथ और अपने पति और परिवार के समर्थन से डायबिटीक महिला भी मातृत्व का सुख उठा सकती है।

 

 

 

 

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