फूलों में छिपा स्वास्‍थ्‍य

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 26, 2012
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Quick Bites

  • गुड़हल से कॉलेस्ट्रॉल, मधुमेह और गले के संक्रमण आदि का इलाज किया जाता है।
  • आंखों की जलन और खुजली दूर करने के लिए गुलाबजल का प्रयोग किया जाता है।
  • कमल का फूल फोड़े-फुंसी आदि को दूर करने में मदद करता है।
  • मोगरे की कलियाँ चबाने से महिलाओं को मासिक धर्म की परेशानी कम होती है।

फूलों के बीच महिला

यूं तो सभी जानते है शरीर को स्वस्‍थ्‍ा बनाने के लिए खानपान और व्यायाम बहुत जरूरी होता है, लेकिन क्या आपको पता है कि फूलों से भी सेहत बनाई जा सकती है। जी हां, फूल सिर्फ खुशबू देने के लिए नहीं होते, बल्कि इनमें कई प्रकार के पोषक तत्व भी मौजूद होते है। ये पोषक तत्व कई बीमारियों को शरीर से दूर रखते हैं। फूलों में फाइबर, कैल्शियम, विटामिन, प्रोटिन और मिनरल का भंडार होता है जिनकी जरूरत शरीर को होती है। आइए हम आपको बताते है कि किस फूल में सेहत के कितने राज छिपे है-

•    गुडहल- गुडहल का फूल देखने में ही सुंदर नही होता बल्कि इसमें सेहत का खजाना हैं, इसे हम हिबिसकस भी कहते है। इसका इस्तेमाल खाने-पीने या दवाओं के लिए किया जाता है। इससे कॉलेस्ट्रॉल, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और गले के संक्रमण जैसे रोगों का इलाज किया जाता है। यह विटामिन सी, कैल्शियम, वसा, फाइबर, आयरन का बढिया स्रोत है। गुडहल के ताजे फूलों को पीसकर लगाने से बालों का रंग सुंदर हो जाता है। मुंह के छाले में गुडहल के पते चबाने से लाभ होता है।

•    गुलाब- गुलाब फूलों का राजा है यह फूल के साथ-साथ एक जड़ी बूटी भी है, इसमें शरीर के विकास के लिए जरूरी विटामिन, अम्ल और रसायन है। गुलाब की पंखुडियो से गुलाब का शर्बत, इत्र, गुलाबजल और गुलकन्द बनाया जाता है। आंखों की जलन और खुजली दूर करने के लिए गुलाबजल का प्रयोग किया जाता है। मुंह में छाले होने पर गुलाब के फूलों का काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से छाले दूर होते हैं। गुलकन्द खाने से पका हुआ मुंह और शारीरिक कमजोरी दूर होती है।
 
•    कमल- कमल के फूल फोड़े-फुंसी आदि को दूर करता है। शरीर पर विष का कुप्रभाव कम होता है। इसकी पॅखुडियों के खाने से मोटापा कम होता है, रक्त विकार दूर होते हैं और मन प्रसन्न रहता है। इसकी पॅखुड़ियों को पीसकर चेहरे पर मलने से सुंदरता बढ़ती है, इनके फूलों के पराग से मधुमक्खियाँ शहद बनाती हैं।

•    मोगरा- यह गर्मियों का एक खास खुशबूदार फूल है। इन फूलों को अपने पास रखने से पसीने की दुर्गंध नहीं आती है। इसकी कलियाँ चबाने से महिलाओं को मासिक धर्म में होने वाली परेशानी कम होती है। मोगरे के फूल मसलकर स्नान करने से त्वचा में सनसनाती प्राकृतिक ठंडक का एहसास होने लगेगा।

•    गेंदा- अपने घरों में गेंदे के फूल जरूर लगाना चाहिए क्योंकि इसके फूलो को घाव भरने का सर्वश्रेष्ठ मरहम माना जाता है। गेंदे के फूलों को तुलसी के पतों के साथ पीस कर मलहम बनाया जाता है। चर्म रोग या शरीर के किसी हिस्से में सूजन आ जाने पर इन फूलों को पीसकर पेस्ट बनाकर लगाने से फायदा होता है। गेंदे के रस से कुल्ला करने पर दांत दर्द और कान में डालने से कान का दर्द ठीक होता है।

•    चमेली- खुशबू से भरे ये फूल बेहद नाजुक होते हैं। चमेली के फूलों से बना तेल चर्म रोग, दंत रोग, घाव आदि पर गुणकारी है। चमेली के पत्ते चबाने से मुँह के छालों में तुरंत राहत मिलती है। ये त्वचा व बालों के लिए भी उपयोगी है, रात को पानी में भिगो दीजिए, सुबह पीस लीजिए व गुलाब जल मिला दीजिए। इसे बालों में लगाने से चमक व चेहरे पर लगाने से त्वचा में निखार आता हैं।

इस प्रकार प्रकृति की अनमोल देन है फूल। यदि आप चाहें तो इनका उपयोग करके शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्‍थ, सुंदर, आकर्षक रह सकते है।

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