पार्किंसंस की प्रारंभिक अवस्‍था में हो सकेगी पहचान, वैज्ञानिकों ने खोजी नई तकनीक

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 30, 2016
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

पार्किंसंस डिजीज एक तरह का क्रोनिक और प्रोग्रेसिव मूवमेंट डिसऑर्डर है, जिससे तमाम लोग प्रभावित हैं। मौजूदा समय में इसका कोई इलाज नही है। इनके लक्षणों की भी सही जानकारी किसी विशेषज्ञ के पास नही होती है। शुरूआती स्‍टेज में इसका लक्षण एक बार उभरने के बाद यह धीरे-धीरे खतरनाक हो जाता है। जो कि मस्तिष्‍क में मौजूद वाइटल नर्व सेल को पूरी तरह से नष्‍ट कर देता है। यह शुरूआती चरण में न्‍यूरोंस को प्रभावित करते हैं। इस बीमारी को लेकर वैज्ञानिकों ने एक अच्‍छी खोज की है।

parkinsons in hindi


पार्किंसंस डिजीज का प्राइमरी स्‍टेज में पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों ने एक टेस्‍ट विकसित किया है, जिसके माध्‍यम से इस घातक बीमारी के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है। पार्किंसंस की पहचान करने के लिए एक नई तकनीक विकसित है, जिसमें रोगियों की रीड़ की हड्डी के तरल पदार्थों में पार्किंसंस मॉलीक्‍यूल के होने की जांच की जाती है। इस शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने लगभग 20 पार्किंसंस डिजीज के मरीजों का सैंपल लिया, इसके साथ ही तीन अन्‍य व्‍यक्तियों के सैंपल लिए गए जिनमें इस बीमारी की होने की आशंका थी।     
 
यूनिवर्सिटी ऑफ इडेनबर्ग, स्‍कॉटलैंड में हुए रिसर्च के मुताबिक, इस नए टेस्‍ट में एक नए तरीके के प्रोटीन मॉलीक्‍यूल की खोज की जाती है जो पार्किंसंस और डिमेंसिया के मरीजों में पाई जाती है। इस प्रोटीन मॉलीक्‍यूल का नाम अल्‍फा साई न्‍यूक्‍लीन है जो मनुष्‍य के मस्तिष्‍क की कोशिकाओं में थक्‍के बनाती है जिसे लीवी बॉडीज कहते हैं।  

वैज्ञानिकों ने इस टेस्‍ट तकनीक का 15 स्‍वस्‍थ्‍य व्‍यक्तियों में किया गया, जिनमें ऐसा कुछ भी नही था। यह टेस्‍ट किसी भी स्‍वस्‍थ्‍य व्‍यक्ति में पार्किंसंस डिजीज का पता नही लगा सका। हालांकि रिसर्च की सटीकता को जांचने की और अधिक जरूरत है, लेकिन जांचकर्ताओं का मानना है कि इस तकनीक पार्किंसंस डिजीज को ठीक करने में मदद मिलेगी।

Image Source : nursebuddy.co

Read More Health News in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES286 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर