पलक झपकाने से दिमाग को मिलती है ताजगी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 04, 2013
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palke jhapkane se dimaag ko milti hai taajgi

झपकती पलकें दिमाग को सुकून पहुंचाने का काम करती हैं। यह बात भले ही आपको हैरान करे, लेकिन है यह पूरी तरह सच।

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पलकें झपकाने को एक सामान्‍य शारीरिक क्रिया ही माना जाता है। जानकार मानते आए हैं कि आंखों की तरलता बनाए रखने के लिए पलकों का झपकना जरूरी है। लेकिन, जापानी शोधकर्ताओं ने पलकें झपकाने का एक और फायदा पता लगाया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक पलकें झपकाने से दिमाग को भी तरोताजा रहने में मदद मिलती है। इस मौके का फायदा उठाकर आपका दिमाग जरा सी देर के लिए ही सही आराम कर लेता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक अपनी जागृत अवस्‍था के दस फीसदी समय में हमारी आंखें मूंदी रहती हैं। पलक झपकने के चलते ही ऐसा होता है। दिमाग इस बेहद छोटे लम्‍हे में खुद को तरोताजा कर लेता है।

जापान की ओसाका यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अध्‍ययन में पाया कि खासतौर पर किसी विशेष मुद्दे पर ध्‍यान केंद्रित करने से पहले दिमाग इसी तरह को खुद को तरोताजा करने का काम करता है। उन्‍होंने यह भी पाया कि इससे दिमाग की सक्रियता भी बढ़ती है।

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मस्तिष्‍क स्‍कैनिंग से शोधकर्ताओं ने दिमाग के कुछ खास हिस्‍सों में रक्‍त प्रवाह बढ़ने और घटने की रफ्तार का पता लगाया। किसी खास मुद्दे पर ध्‍यान केंद्रित करने वाले ये हिस्‍से पलक झपकने के दौरान बंद जैसे हो गए। इस दौरान दिमाग किसी खास मुद्दे पर ध्‍यान केंद्रित करने के बजाए सुस्‍ताने लगा। इस अवस्‍था में विचार मुक्‍त विचरण करने लगते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक दिमाग की ऐसी ही अवस्‍था तब होती है जब हम पढ़ने, बोलने या अन्‍य कोई संज्ञानात्‍मक कार्य नहीं कर रहे होते हैं। ऐसे समय हमारे विचार मुक्‍त हो जाते हैं।

प्रोसीडिंग्‍स ऑफ द नेशनल एकेडमीज ऑफ साइंस जर्नल के ताजा अंक में प्रकाशित शोध में अध्‍ययनकर्ताओं ने युवा और स्‍वस्‍थ प्रतिभागियों के मस्तिष्‍क के स्‍कैन के नतीजे निकाले हैं। स्‍कैनिंग के दौरान प्रतिभागियों को लोकप्रिय हास्‍य फिल्‍म मिस्‍टर बीन दिखाई गई। प्रतिभागियों के पलकें झपकाने के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि दिमाग के विजुअल कॉरटेक्‍स और सोमेटोसेंसरी कॉरटेक्‍स पल भर के लिए सुस्‍त हो जाते हैं।

 

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