ओवर एक्टिव थायराइड के लिए व्‍यायाम

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 20, 2012
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हायपरथाइराडिज्‍म ग्रस्‍त लोगों के लिए व्‍यायाम बहुत जरूरी होता है। हायपोथायराइडिज्‍म में लोगों का अक्‍सर वजन घटने लगता है। थायराइड ग्रंथि के ज्‍यादा सक्रिय होने से मेटाबॉलिज्‍म का स्‍तर भी कम हो जाता है। व्‍यायाम करने से थायराइड ग्रंथि के प्रति संवेदनशील ऊतक ज्‍यादा सक्रिय हो जाते हैं। हालांकि सभी प्रकार के व्‍यायाम हायपरथायराइडिज्‍म से ग्रस्‍त व्‍यक्ति के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। लेकिन कुछ ऐसे व्‍यायाम भी हैं जिनको करने से ओवरएटिव थायराइड फंक्‍शन सुचारु होता है। आइए जानें ऐसे व्‍यायाम के बारे में।

 

[इसे भी पढ़ें : क्‍यों होता है हायपरथायराइडिज्‍म]

 

हायपरथायराइडिज्‍म और एक्‍सरसाइज के तरीके –

 स्‍टेप एरोबिक्‍स - हायपरथायराइडिज्‍म के लिए स्‍टेप एरोबिक बहुत ही फायदेमंद व्‍यायाम है। इसके स्‍टेप्‍स को हायपरथायराइडिज्‍म के बहुत कम स्‍तर पर किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले अपने शरीर को सीधा रखिए, फिर धीरे-धीरे अपने दाहिने पैर को ऊपर उठाइए। उसके बाद बाएं पैर को ऊपर उठाइए। शुरुआत में अपने पैरों को कम ऊपर उठाइए उसके बाद पैरों को ज्‍यादा से ज्‍यादा ऊपर उठाने की कोशिश कीजिए। इस व्‍यायाम को करते वक्‍त आपके कदम सही पड़ें इसके लिए संगीत का सहारा भी लिया जा सकता है। इस व्‍यायाम को 20 से 30 मिनट तक किया जा सकता है।

 

पुश-अप – हायपरथायराइड के लिए पुश-अप एक अच्‍छा व्‍यायाम का प्रकार है। चूंकि हायपरथायराइडिज्‍म में आदमी का वजन घटता है इसलिए पुश-अप से वजन बढ़ाया जा सकता है। इस एक्‍सरसाइज को करने के लिए पैर और हाथ के सहारे जमीन पर टिका दीजिए, आपका पूरा शरीर सीधा होना चाहिए। ध्‍यान रहे कि आपकी बॉडी जमीन को न छुए। आपकी कोहनी लगभग 90 डिग्री का कोण बना रही हो। फिर अपने सीने को हाथों के सहारे धीरे-धीरे जमीन के पास लाइए। शुरूआत में इस एक्‍सरसाइज को 10 से बार कीजिए, उसके बाद अपनी सुविधानुसार इसे धीरे-धीरे बढ़ाइए।

 

[ इसे भी पढ़ें : हायपरथायराइडिज्‍म में व्‍यायाम]

 

चाइल्‍ड पोज – इस कसरत को करने से न केवल हायपरथायराइडिज्‍म में फायदा होता है बल्कि तनाव भी समाप्‍त होता है। इस पोज के लिए सबसे पहले घुटनों के बल झुक जाइए, दोनों पैरों की उंगलियां एक दूसरे को छूएं। उसके बाद फर्श पर अपने माथे को रखिए, इस बीच आपके दोनों हाथ सिर के दोनों साइड में हों।

 

कुर्सी आसन – हायपरथायराइडिज्‍म में योगा के कुछ मुद्राओं को भी अपनाया जा सकता है। योगा की ये मुद्राएं हायपरथायराइडिज्‍म में सुधार कर सकती हैं। इस मुद्रा को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पैरों को सीधाकरके खड़े हो जाइए। अपने दोनों हाथों को सर के ऊपर उठा लीजिए, दोनों हाथों की हथेलियां एक दूसरे से चिपकी हुई होनी चाहिए। फिर सांसों को अंदर की तरफ खींचते हुए आगे की तरफ झुककर घुटनों को छूने की कोशिश कीजिए, उसके बाद सांसों को बाहर निकालते हुए सामान्‍य मुद्रा में आइए। इस क्रिया को 10 से 12 बार दोहराइए।

 

 

हायपरथायराइड को कंट्रोल करने के लिए व्‍यायाम से अच्‍छा तरीका नहीं हो सकता है। व्‍यायाम के इन आसनों को करने से पहले एक बार अपने एक्‍सपर्ट ट्रेनर से सलाह अवश्‍य लीजिए।

 

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