इस पेन ड्राइव से बस 30 मिनट में करें एचआईवी टेस्ट

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 30, 2016
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Quick Bites

  • एड्स फिलहाल तक लाइलाज बीमारी है।
  • ऐसे में सावधानी ही है इसका सबसे बड़ा इलाज।
  • पेनड्राइव से करें 30 मिनट में एचआईवी टेस्ट।

कड़वा सच- एड्स फिलहाल तक लाइलाज बीमारी है।
संभावना- शोध जारी है और वैज्ञानिक पूरी कोशिश कर रहे हैं।
उम्मीद- कुछ नहीं तो नए-नए शोध और टेस्ट ला रहे हैं जिससे समय रहते सावधानी बरती जाए।
सफलता- ये पेनड्राइव। वैज्ञानिकों ने एक पेनड्राइव तैयार की है जिससे केवल आधे घंटे में एचआईवी टेस्ट कर सकते हैं।


एड्स के इलाज के लिए दुनिया भर के वैज्ञानिक और शोधकर्ता शोध कर रहे हैं। जल्द ही उपचार मिलने की संभावना है। लेकिन तब तक इसे ऐसे ही तो नहीं छोड़ सकते। इसलिए ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने एचआईवी संक्रमण की पहचान के लिए एक नया पेनड्राइव बनाया है जो केवल आधे घंटे में बता देगा की इंसान एचआईवी संक्रमित है कि नहीं। इसे अब तक की सबसे बड़ी सफलता बताई जा रही है।

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क्या है ये यूएसबी टेस्ट

  • इस पेनड्राइव से जांच करने को यूएसबी टेस्ट नाम दिया गया है।
  • जैसे ही कोई इंसान इस यूएसबी को कंप्यूटर या दूसरे उपकरण में लगाता है तो उसे आधे घंटे के अंदर ही पता चल जाता है कि अमूक इंसान के खून में एचआईवी का वायरस है कि नहीं, और अगर है तो कितनी मात्रा में है।

पेनड्राइव

ऐसे करता है काम

  • इस पेनड्राइव से एचआईवी संक्रमण का पता करने के लिए केवल इंसान के खून की एक बूंद की जरूरत होगी।
  • पेनड्राइव में एक जगह है जहां खून की एक बूंद डाली जाती है।
  • अगर इंसान के खून में एचआईवी का वायरस मौजूद होगा तो खून की अम्लता में परिवर्तन हो जाएगा।
  • ये बदलाव उपकरण में एक विद्युत संकेत द्वारा होता है।
  • इस संकेत को किसी कंप्यूटर पर आसानी से पढ़कर खून में वायरस के स्तर का पता लगाया जा सकता है।
  • इस पेनड्राइव का इस्तेमाल एक हजार लोगों पर किया गया है जिसका परिणाम 95 फीसदी सटीक पाया गया।


इस पेनड्राइव को इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने निजी फर्म डीएनए के विशेषज्ञों के साथ मिलकर तैयार किया है। ये पेनड्राइव संक्रमित इंसान के खून में संक्रमित खून की जांच कर एचआईवी वायरस का स्तर बता देता है। जिससे की संक्रमित व्यक्ति अपने इलाज की निगरानी खुद कर पाएगा। साथ ही इससे मरीज को ये भी पता चल जाएगा कि उसे दी जा रही दवा उस पर असर कर रही है कि नहीं।

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एक ही बार है उपयोगी

इस पेनड्राइव का इस्तेमाल केवल एक ही बार किया जा सकता है। ये पेनड्राइव केवल एक बार खून में एचआईवी संक्रमण की जांच करता है और उसके बाद ये पेनड्राइव खराब हो जाती है।
इस अध्ययन के मुख्य शोधकर्ता व इंपीरियल कॉलेज के चिकित्सा वैज्ञानिक डॉ. ग्राहम कूक ने कहा 'एड्स रोगियों में वायरस के स्तर को कम करने के लिए शक्तिशाली एंटी-रेट्रोवाइरल दवाएं दी जाती हैं। दवा से मरीजों को फायदा हो रहा है या नहीं इसकी जांच के लिए समय-समय पर रक्त में एचआईवी वायरस के स्तर का पता लगाना जरूरी होता है। पहले इसकी जांच में कई घंटे लग जाते थे, लेकिन अब इस उपकरण की मदद से सिर्फ 21 मिनट में कंप्यूटर पर इसकी जांच हो सकेगी।'

 

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