फाइब्रॉएड के लिए सर्जरी ही एकमात्र विकल्प नहीं

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 12, 2014
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Quick Bites

  • फाइब्रॉएड गर्भाशय में होने वाले नॉन-कैंसरस ट्यूमर होते हैं।  
  • मांसपेशियों और रेशेदार ऊतकों की वृद्धि होते हैं, फाइब्रॉएड।
  • 30 से 50 के बीच की आयु की महिलाओं को अधिक खतरा।
  • फाइब्रॉएड के लिए सर्जरी ही एकमात्र विकल्प नहीं होता है।

फाइब्रॉएड नॉन-कैंसरस (सौम्य) ट्यूमर होते हैं, जो गर्भाशय (कोख) की मांसपेशी की परतों पर बढ़ते हैं। इन्हें गर्भाशय फाइब्रॉएड, म्यॉमास तथा फ़िब्रोमयोमस के नाम से भी जाना जाता है। गर्भाशय फाइब्रॉएड का विलक्षण गर्भाशय फिब्रोमा भी है। फाइब्रॉएड चिकनी मांसपेशियों और रेशेदार ऊतकों की विस्‍तृत रूप होते हैं। फाइब्रॉएड का आकार भिन्न हो सकता है, यह सेम के बीज से लेकर तरबूज जितना हो सकता है।



लगभग 20 प्रतिशत महिलाओं को पूरे जीवन में फाइब्रॉएड कभी न कभी जरूर प्रभावित करता है। 30 से 50 के बीच आयु वर्ग की महिलाओं को फाइब्रॉएड विकसित होने की आशंका सबसे अधिक होती है। सामान्य वजन वाली महिलाओं की तुलना में अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में फाइब्रॉएड विकासित होने का उच्च जोखिम होता है।

 

Treatment For Fibroids in Hindi

 

गर्भ के अंदर घातक (कैंसर वाली) चिकनी मांसपेशियां विकसित हो सकती हैं, इन्हें गर्भ का लेमियोसार्कोमा (leiomyosarcoma) कहा जाता है। हालांकि ये अत्यंत दुर्लभ होते हैं। यह चार प्रकार, इंट्राम्यरल फाइब्रॉएड, सबसरोसल फाइब्रॉएड, सरवाइकल फाइब्रॉएड तथा सरवाइकल फाइब्रॉएड का होता है। यह क्यों होता है इसका ठीक-ठीक कारण अभी तक पचा नहीं चल सका है।

उपचार व दवाएं

फाइब्रॉएड के इलाज के लिए कोई अकेला कारगर इलाज नहीं है। इससे निपटने के लिए कई प्रकार से इलाज किया जाता है और इसके कई उपचार विकल्प मौजूद हैं। यदि आपको इसके लक्षण दिखाई देते हैं तो अपने डॉक्टर से इसके उपचार के संभावित विकल्पों के बारे में चर्चा करें। फाइब्रॉएड के होने के कई बार कोई संकेत नहीं मिलते हैं, ये कैंसर रहित होते हैं और शायद ही कभी गर्भावस्था में हस्तक्षेप करते हैं। ये धीरे-धीरे बढ़ते हैं, और और रजोनिवृत्ति के बाद हटने भी लगते हैं, जब प्रजनन हार्मोन का स्तर कम होता है।   

 

Treatment For Fibroids in Hindi

 

फाइब्रॉएड के लिए दवाएं

गर्भाशय फाइब्रॉएड के लिए ली जाने वाली दवाएं मासिक धर्म चक्र को विनियमित करने वाले हॉर्मोंस को लक्षित करती हैं। इनसे मासिकधर्म के भारी लक्षणों जैसे माहवारी रक्तस्राव और श्रोणि दबाव का इलाज होता है। ये दवाएं फाइब्रॉएड को खत्म तो नहीं करतीं, लेकिन, छोटा जरूर कर सकती हैं। इसके उपचार में गोनाडोट्रोपिन-रिलेक्सिंग हॉर्मोन अगोनिस्ट्स (Gonadotropin-releasing hormone (Gn-RH) agonists), प्रोजेस्टिन-रिलेक्सिंग इंट्रॉटरीने डिवाइस (Progestin-releasing intrauterine device, IUD) आदि उपयोग किये जा सकते हैं।   

अन्य उपचार माध्यम

आपका डॉक्टर आपको अन्य दवाएं लेने की सलाह दे सकता है। उदाहरण के लिए मौखिक गर्भ निरोधकों या जेस्टिन्स माहवारी रक्तस्राव को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन ये फाइब्रॉएड का आकार कम नहीं कर सकती हैं। नोनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs), जोकि हार्मोनल दवाएं नहीं हैं, फाइब्रॉएड से संबंधित दर्द से राहत दिलाने में प्रभावी हो सकती हैं। लेकिन ये फाइब्रॉएड की वजह से हो रही ब्लीडिंग को कम नहीं करतीं। इसके अलावा भारी माहवारी रक्तस्राव और एनीमिया होने पर आपका चिकित्सक आपको विटामिन और आयरन सप्लीमेंट लेने का सुझाव भी दे सकता है।

 

तो, अगर आपको किसी भी प्रकार की समस्‍या हो, तो आप फौरन अपने चिकित्‍सक से संपर्क करें।

 

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