नवजात के स्वास्‍थ्‍य की देखभाल

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 02, 2011
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Quick Bites

  • जन्‍म के बाद नवजात को मां का दूध ही पिलाइये।
  • नवजात को 37 डिग्री सेल्सियस वाले तापमान में रखें।
  • नवजात को ढककर थोड़ी देर तक धूप में टहलाइए।
  • बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीके लगवायें।

बच्‍चे के जन्‍म के बाद कुछ महीनों तक मां की जिम्‍मेदारियां बहुत बढ़ जाती हैं। नवजात को स्वस्‍थ व रोगमुक्त रखने के लिए अतिरिक्‍त देखभाल की आवश्यकता होती है। ऐसे में शिशु का सम्पूर्ण स्वास्‍‍थ्य उसके जन्म से 28 दिन के बीच निर्धारित होता है।

यदि आपका बच्चा अस्वस्थ है वो उसे चिकित्सक के परामर्श अनुसार नियोनेटल केयर या नर्सरी में रखें। इसके अलावा शिशु का शरीर बहुत ही संवेदनशील होता है, यदि बच्‍चे के कमरे का तापमान कम और ज्‍यादा हुआ तो बच्‍चे के लिए नुकसानदेह हो सकता है। स्वस्थ बच्चों में भी कुछ बातों का खास ख्याल रखने की आवश्यकता होती है। इस लेख में जानिए कैसे करें नवजात की देखभाल।

Newborn Care


स्तनपान कराना

मां के दूध को नवजात के लिए सर्वोत्तम माना जाता है क्योंकि इसमें पाया जाने वाला कोलेस्‍ट्रॉम नामक पदार्थ बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत जरूरी है और यह बच्‍चे को भविष्‍य में बीमारियों से भी बचाता है। इसलिए जन्‍म के बाद बच्‍चे को मां का दूध पिलाना चाहिए।

 

बच्चे को ढकना

नवजात शिशु के शरीर को हमेशा ढककर रखना चाहिए क्यों कि छोटे बच्चों का शरीर बाहरी तापमान के अनुसार स्वयं को ढाल नहीं पाता है। नवजात जहां हो वहां का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास होना चाहिए।

 

बच्चे  की मालिश

छोटे बच्चों की मालिश करने से उनकी हड्डियां मजबूत बनती हैं और यह मालिश बेहद आवश्यचक है। नवजात की मालिश के लिए बादाम का तेल प्रयोग कर सकती हैं। जन्‍म के 10 दिन के बाद बच्‍चे के शरीर की मालिश कर सकते हैं।

Newborn health care

शिशु का रोना

नवजात का रोना हमेशा चिंता की बात नहीं होती। ज्यादातर बच्चे भूख लगने पर या बिस्तर गीला करने पर रोते हैं। बच्चे के रोने पर इन बातों का ध्यान दें। अगर बच्चा लगातार रोता रहता है, तो उसे चिकित्सक को दिखायें।

 

बच्चे  के लिए फोटोथेरेपी

बच्चे को कुछ देर धूप में ले जाने की प्रकिया को फोटोथेरेपी कहते हैं। नवजात को कुछ समय के लिए कपड़े में ढककर धूप भी दिखाएं। इससे बच्‍चे की हड्डियां मजबूत होंगी।

 

खानपान पर ध्‍यान

बच्‍चे को 6 महीने तक केवल मां का दूध देना चाहिए। 6 महीने के बाद बच्‍चे को ठोस आहार भी दे सकते हैं, लेकिन बच्‍चे को ऐसे आहार बिलकुल न दीजिए जो पचने में दिक्‍कत हो।

 

कपड़ों पर ध्‍यान

बच्‍चे को मुलायम कपड़े पहनाने चाहिए, इसके अलावा बच्‍चे के कपड़े हमेशा अलग से साफ करें और अलग से सुखायें। नहीं तो उनकी त्‍वचा में संक्रमण हो सकता है।



आपके लाडले की त्‍वचा और शरीर बहुत ही नाजुक है, इसलिए उसपर विशेष ध्‍यान देने की जरूरत है। यदि आपको बच्‍चे के देखभाल के निर्देश की जानकारी नहीं है तो चिकित्‍सक से सलाह अवश्‍य लीजिए।

 

 

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