सात कुदरती उपाय जो हाई बीपी पर लगाम लगाएं

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 11, 2014
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Quick Bites

  • भोजन में नमक का सेवन कम कर किया जा सकता है बीपी को काबू।
  • बीपी को काबू करने के लिए आराम भी बेहद जरूरी है।
  • कैफीन का अधिक सेवन भी बीपी के खतरे को बढ़ा देता है।
  • संगीत भी आपको मानसिक रूप से शांति दिलाकर करता है बीपी को कम।

 

तेज रफ्तार भागती जिंदगी ने हमारी रगों में खून की रफ्तार को भी जरूरत से बढ़ा दिया है। खून की यह बेहद तेज रफ्तार हमारी सेहत के लिए अच्‍छी नहीं।  डॉक्‍टरी जुबान में इसे हाइपरटेंशन कहा जाता है यानी हाई बीपी। उच्‍च रक्‍तचाप को नियंत्रित करने के लिए हमें दवाओं का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन इसके साथ ही कुछ कुदरती उपाय भी हैं जिनके जरिये बीपी को काबू किया जा सकता है।


पॉवर वॉक

तेज गति से चलते से न केवल आपकी फिटनेस में सुधार होता है, बल्कि साथ ही साथ इससे रक्‍तचाप को भी नियंत्रित करने में मदद मिलती है। व्‍यायाम करने से हमारे दिल की कार्यक्षमता में इजाफा होता है और वह ऑक्‍सीन का बेहतर इस्‍तेमाल कर पाता है। इसके लिए आपको कड़ा व्‍यायाम करने की जरूरत नहीं। सप्‍ताह में चार से पांच दिन तक 30 मिनट कार्डियो एक्‍सरसाइज करने से ही आपको काफी फायदा होगा।

गहरी सांस लें

प्राणायाम, योग और ताई ची जैसी श्‍वास प्रक्रियायें तनाव को कम करने में मदद करती हैं। इससे भी रक्‍तचाप को कम करने में मदद मिलती है। सुबह शाम पांच से दस मिनट तक इन क्रियाओं को करना आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। गहरी सांस लें, आपका पेट पूरी तरह फूल जाना चाहिए। सांसे छोड़ते ही आपकी सारी चिंता बाहर निकल जाएगी।

dark chocolate

आलू

आहार में पोटेशियम युक्‍त फलों और सब्जियों को शामिल करने से आप रक्‍तचाप को कम कर सकते हैं। यदि आप रोजाना 2 हजार से 4 हजार मिलीग्राम पोटेशियम का सेवन करने से आप स्‍वयं को उच्‍च रक्‍तचाप से दूर रख सकते हैं। शकरकंदी, टमाटर, संतरें का रस, आलू, केला, राजमा, नाशपति, किशमिश, सूखे मेवे और तरबूज आदि में पोटेशियम काफी मात्रा में होता है।


नमक का सेवन करें कम

नमक का अधिक सेवन करने से उच्‍च रक्‍तचाप का खतरा बढ़ जाता है। इसे कम करने के लिए आपको अपने भोजन में नमक की मात्रा कम करनी चाहिए। डॉक्‍टरों का मानना है कि नमक में मौजूद सोडियम की अधिक मात्रा हमारे शरीर के लिए अच्‍छी नहीं होती। इसलिए जरूरी है कि नमक का सेवन अल्‍प मात्रा में ही किया जाए।


डार्क चॉकलेट

डार्क चॉकलेट में फ्लेनोल्‍ड होते हैं, जो रक्‍तवा‍हिनियों को अधिक लचीला बनाने में मदद करते हैं। एक शोध के अनुसार डार्क चॉकलेट का सेवन करने वाले 18 फीसदी लोगों ने रक्‍तचाप में कमी आने की बात कही।

कॉफी

रक्‍तचाप पर कैफीन के असर को लेकर वैज्ञानिकों में मतभेद हैं। कुछ का मानना है कि कैफीन और रक्‍तचाप में कोई संबंध नहीं है, वहीं कुछ इससे असहमत हैं। इनके मुताबिक कैफीन रक्‍चाप को बढ़ाता है और रक्‍तवाहिनियों को संकरा कर देता है इसके साथ ही यह तनाव का खतरा भी बढ़ा देता है। इसके कारण दिल को अधिक क्षमता से काम करना पड़ता है। इससे रक्‍तचाप का खतरा बढ़ जाता है।

 

चाय पियें

गुलहड़ की चाय पीने से उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या से बचा जा सकता है। डेढ़-दो महीने इस चाय का सेवन करने से रक्‍तचाप को सात प्‍वाइंट तक नीचे लाने में मदद मिलती है। कई शोध भी इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि इस चाय का सेवन रक्‍तचाप को नियंत्रित करने में काफी मदद करता है।

high bp
आराम है जरूरी

बेशक, जीवन में कामयाबी के लिए काम करना जरूरी है, लेकिन आराम की अहमियत को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोध के मुताबिक जो लोग सप्‍ताह में 41 घंटे से ज्‍यादा ऑफिस में गुजारते हैं, उन्‍हें उच्‍च रक्‍तचाप होने का खतरा 15 फीसदी तक बढ़ जाता है। हालांकि, आज के इस दौर में दफ्तर में काम करना बेहद जरूरी है, लेकिन इसकी भरपाई के लिए आपको व्‍यायाम करना चाहिए। आप जिम जा सकते हैं, खाना पका सकते हैं और सैर आदि के लिए कुछ समय निकाल सकते हैा। आप काम के घंटे समाप्‍त होने से आधा घंटा पहले ही अपना सारा काम निपटाने का लक्ष्‍य रखें ताकि आप समय पर घर जा सकें।

 

संगीत

संगीत आपके रक्‍तचाप को कम करने में काफी मदद करता है। इटली स्थित फ्लोरेंस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का दावा है कि सही स्‍वर लहरियां आपके उच्‍च रक्‍तचाप को कम करने में मदद करती हैं। रोजाना हल्‍की-हल्‍की सांसें लेते हुए यदि आप मद्धम संगीत सुनें तो आपको उच्‍च रक्‍तचाप और थकान आदि से मुक्ति मिलती है।

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