हिंदू रीति से कैसे रखें बच्चे का नाम

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 12, 2014
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Quick Bites

  • शिशु का जन्म जिस नक्षत्र में हुआ है नाम भी उसी के अनुसार रखा जाता है।
  • शिशु के राशि और नक्षत्र की जानकारी पूरी तरह सही होनी चाहिए।
  • शिशु का नाम अर्थपूर्ण होना बहुत जरूरी है।
  • परिवार के अहम सदस्य इस संस्कार में शिशु को अपना आर्शीवाद देते हैं।

हिंदुओं में नामकरण संस्कार का विशेष महत्व होता है। नामकरण के अर्थ को समझें तो यह दो शब्दों से मिलकर बना है नाम और करण। नाम का अर्थ तो ज्ञात ही है संस्कृत में करण का अर्थ होता है बनाना या सृजन करना। नामकरण संस्कार में नवजात के नाम रखने की प्रक्रिया को संपन्न किया जाता है। नाम रखने की इस प्रक्रिया को पूरी विधि के साथ खुशीपूर्वक पूरा किया जाता है। इस मौके पर परिवार सभी मुख्य सदस्य एकत्र होते हैं।


नामकरण संस्कार

शिशु के जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन के बाद उसका नामकरण संस्कार किया जाता है, जिसमें शिशु का नाम रखा जाता है। परिवार के सभी सदस्य बच्चे की जन्म राशि के प्रथम अक्षर के अनुसार या अपनी पसंद से नाम रखने की सलाह देते हैं और इनमें से ही सबसे अच्छा नाम तय कर लिया जाता है। नामकरण संस्कार किसी शुभ दिन और मुहूर्त में किया जाता है। शिशु के जन्म के बाद घर में यह पहला कार्यक्रम होता है। घर में हर तरफ सजावट की जाती है। इस दिन शिशु को नहला कर उसे नए कपड़े पहनाए जाते हैं साथ ही माता-पिता भी नए कपड़े पहन कर इस संस्कार में शामिल होते हैं।

baby name

कैसे करें नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार में एक तरह की छोटी पूजा होती है, जिसमें माता-पिता शिशु को गोद में लेकर बैठते हैं। इसके अलावा घर के बाकी लोग भी इसमें शामिल रहते हैं। पूजा करवाने वाले पंडित जी बच्चे की राशि के अनुसार एक अक्षर बताते है जिससे बच्चे के माता-पिता या अन्य सदस्यों को एक नाम रखना होता है। उसके बाद बच्चे के माता-पिता चुने गए नाम को बच्चे के कान में धीरे बोलते हैं। इसी तरह नामकरण संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। उस दिन बच्चे का वही नाम हो जाता है और वह उसी से जाना जाता है।

नामकरण संस्कार क्यों जरूरी

बच्चे के जन्म के बाद परिवार के लोग प्यार से उसे कई नामों से पुकारते हैं जैसे छोटू, गोलू आदि और धीरे-धीरे बच्चे का वहीं नाम हो जाता है। बच्चे के बड़े होने पर भी वही नाम रहते हैं। नामकरण संस्कार से माता-पिता व परिवार वाले मिलकर बच्चे का एक अच्छा सा नाम रखते हैं जिससे उसे बुलाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि राशि के अनुसार रखे गए नाम से बच्चे को बुलाने पर उस पर अच्छा असर होता है।

 
choose baby name

कैसे करें नाम का चुनाव

आप पर यह भी दबाव होता है कि बच्चे के बड़ा होने पर उसे अपना नाम पंसद आए कहीं ऐसा ना हो कि उसे अपना नाम बताने पर शर्म आए। आजकल लोग बच्चे के नाम के लिए इंटरनेट का सहारा लेते हैं। इसमें उन्हें जिस अक्षर से नाम चाहिए वो आसानी से अर्थ के साथ मिल जाता है। इसके अलावा बच्चों के नाम के लिए किताबें भी मिलती है जिससे आप अपने बच्चों के नाम का चुनाव कर सकते हैं। नाम रखते वक्त यह ध्यान रहें कि नाम बुलाने में सरल व आसान होना चाहिए। आइए जाने नाम चुनते वक्त क्या ध्यान में रखें।

  • सबसे पहले आपको अपने पार्टनर से चर्चा करके कुछ गाइडलाइन सेट कर लेना चाहिए। उसके बाद आप चाहें तो बच्चों के नाम की साइट पर जाकर या नाम की किताबों की मदद ले सकते हैं।
  • बच्चे का नाम चुनते वक्त यह ध्यान रखें कि नाम बुलाने में आसान हो जिससे लोग आसानी से बुला सकें।
  • बच्चे का नाम सुनने में अर्थपूर्ण लगना चाहिए। नाम रखने से पहले उसका अर्थ जरूर जान लें।  
  • बच्चों का नाम चुनते वक्त कोशिश करें नाम अलग सा हो,जिससे बच्चे के स्कूल में जाने पर उसके नाम के कई बच्चे ना हो। बच्चे का अलग सा नाम उसे भीड़ में अन्य बच्चों से अलग रखता है।
  • आमतौर पर लोग बच्चे की राशि के अनुसार नाम का चुनाव करते हैं। इससे बच्चे पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
  • कई नाम दूसरों की नजरों में पॉजटिव व निगेटिव छाप छोड़ते है। आपको नाम से ही आपकी पहचान होती है इसलिए बच्चे का नाम रखते वक्त सावधान रहना चाहिए।
  • अगर आप बच्चों का नाम में परिवार के नाम से मिलता जुलता रखना चाहतें हैं, तो नाम के बीच में उसे जोड़ सकते हैं।
  • किसी प्रसिद्ध इंसान के नाम पर बच्चे का नाम रखने का तरीका काफी सामान्य है। देखा जाता है कि माता-पिता जिससे भी प्रेरित होते हैं उसी पर बच्चे का नाम रख देते हैं।
  • नाम रखते समय यह ध्यान रखें कि आपने जो नाम रखा है वो बच्चे के बड़े होने पर भी बुलाया जा सके।
  • बच्चे का नाम ढूढंने में आप अंक विज्ञान की भी मदद ले सकते हैं।

 

 

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टिप्पणियाँ
  • naina13 Mar 2014

    bahut hi achi jankari di hai aapne..hamare yahan bhi bacche ka namkaran aise hi hota hai. uski grah nakshtron ki hisab se hi bacche ke naam ka chunav karte hain

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