नवजात के स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी भ्रम और तथ्‍य

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 07, 2011
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Quick Bites

  • बच्चे को जन्म के छ महीने तक मां का दूध ही दें।
  • मां को स्वच्छता का पूरा ख्याल रखना चाहिए।
  • बच्चों को आंखों में काजल नहीं लगाना चाहिए।
  • बच्चे की मालिश करना फायदेमंद होता है। 

नवजात शिशु की देखभाल के लिए मां को पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है। बच्चे के जन्म के बाद से ही मां की जिम्मेदारी शुरु हो जाती है। जन्म के आधे घंटे के अंदर बच्चे को मां का दूध मिलना चाहिए। जीवन के पहले 6 महीनों तक बच्चे के लिए मां का दूध ही संपूर्ण आहार है। इस दौरान मां के दूध के अलावा कोई भी चीज न दें। कई लोग बच्चे को पानी, घुट्टी, शहद, नारियल पानी, चाय या गंगा जल पिलाने की गलती करते हैं, ऐसा नहीं करना चाहिए।

बच्चे के जन्म से लेकर उसके विकास तक में कई सारे मिथ्य फैले हुए हैं। अक्सर नई माताएं बिना किसी चिकित्सीय सलाह के इस मिथ्यों को सच मान बैठती हैं जिससे बच्चे की देखभाल प्रभावित हो सकती है। आइए जानें इसी मिथ्यों के बारे में विस्तार से।

 

newborn

 

नव प्रसव देखभाल से संबंधी मिथक और तथ्य:

  • मिथक - जन्म के बाद पहले कुछ घंटों के लिए माँ का दूध बच्चे को नहीं दिया जाना चाहिए.
  • तथ्य - माँ का दूध शिशुओं के लिए पोषक तत्वों का सबसे अच्छा स्रोत है और यह जितना जल्दी संभव हो उतने जल्दी दिया जाना चाहिए।
  • मिथक - शहद बच्चे के लिए एक बेहतर पोषक तत्व का स्रोत हो सकता है,और यह माँ के दूध से पहले दिया जाना चाहिए।
  • तथ्य - शहद आपके बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है। यह आपके बच्चे के लिये संक्रमण का कारण हो सकता है और यह पूरी तरह से अस्वच्छ तरीका है।
  • मिथक - बच्चे के जन्म के बाद पहले दूध को त्याग देना चाहिए।
  • तथ्य - यह तथ्य कई लोगों को ज्ञात नहीं है. वास्तव में, सबसे पहले माँ का दूध पीले रंग का और पतला होता है। इस पदार्थ को कोलस्‍ट्रम कहा जाता है और यह बहुत ही पौष्टिक है। यह पदार्थ शिशुओं को रोगप्रतिकार शक्ती प्रदान करता है।
  • मिथक - एक महीने तक नई माँ और नवजातशिशु को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
  • तथ्य - एक हवादार कमरा मां और बच्चों के लिए अच्छा होता है।अगर माँ और बच्चा ठीक हैं, तो बाहर जाने में कोई बुराई नहीं है. दरअसल माँ और बच्चे दोनों को कुछ ताजी हवा और धूप की जरूरत होती है।

 

baby care

 

  • मिथक – दात आने के दौरान होने वाली असुविधाएँ, अस्वस्थता, दस्त और बुखार सामान्य हैं।
  • तथ्य - असुविधा हालांकि मसूड़ों की सूजन द्वारा हो सकती है। दांत आने के दौरान ये सामान्य है, लेकिन दस्त, बुखार सामान्य नहीं हैं। अगर शिशु बुखार और दस्त से पीड़ित है, तो अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के पास जाए।
  • मिथक - अपने शिशु की दात आते वक्त होने वाली असुविधासे रक्षा करने के लिये बच्चे के मुँह में टीथर डाले।
  • तथ्य - कुछ टीथर प्लास्टिक से बने होते है, जो शिशुओं के लिए बहुत ही हानिकारक और अस्वच्छ होते है. इनमें रोगाणु हो सकते है और संक्रमण होने की संभावना हो सकती हैं।
  • मिथक - शिशुओं को काजल लगाए।
  • तथ्य - यह मिथक सालों से चला आ रहा है, लोगों का ये मानना है कि काजल दृष्टि के लिए अच्छा होता है। लेकिन इन दिनों काजल में भी बड़ी मिलावट हो रही है, इसलिए इससे बच्चे की आंखों को एलर्जी हो सकती है।
  • मिथक - थोडी सी खाँसी और छींकना हानिकारक हो सकता है।
  • तथ्य -  नवजात शिशु में थोडी खाँसी और छींकना सामान्य है।
  • मिथक - स्तनपायी मां को हल्का आहार करना चाहिए।
  • तथ्य - स्तनपायी माताओं को पौष्टिक संतुलित आहार की जरूरत है। क्योंकि शिशुओं को केवल माँ के दूध से ही समग्र पोषण मिलता है।
  • मिथक -  यदि बच्चे का सिर गर्म है, तो इसका मतलब है कि उसे बुखार है।
  • तथ्य - आम तौर पर, बच्चे का सिर पूरे शरीर की अपेक्षा थोडा गर्म होता है। तापमान में थोड़ा परिवर्तन सामान्य है।

 

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