जानें कैसे बच्‍चों को भाषा सीखने में मदद करती है म्‍यूजिक ट्रेनिंग

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 18, 2017
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Quick Bites

  • म्यूजिक ट्रेनिंग करती है बच्चों को भाषा सीखने में मदद।
  • रिसर्च के अनुसार शुरुआती उम्र की म्यूजिक ट्रेनिंग मददगर।
  • संगीत थैरेपी से होता है दिमाग विकसित। होती है याद्दाश्त तेज।

आपने अब तक सुना होगा कि म्यूजिक तनाव को दूर करने में मदद करती है। लेकिन हाल ही में हुए शोध से पता चला है कि जो बच्चे शुरुआती उम्र में ही म्यूजिक सीखने लगते हैं उनको भाषा का ज्ञान अन्य बच्चों की तुलना में अधिक होता है। यूएस रिसर्च के अनुसार म्यूजिक ट्रेनिंग बच्चों को भाषा सीखने में मदद करती है।
इस रिसर्च में नौ महीने के बच्चों को शामिल किया गया है। जो खिलौने से खेलते हैं। लेकिन उनमें से कुछ बच्चे खिलौने के जरिये बैंगिंग करते हैं जिससे म्यूजिक बनता है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि जो बच्चे खेल-खेल में म्यूजिक की आवाज निकालते हैं उनका ब्रेन उन्य बच्चों की तुलना में ज्यादा एक्टिव था।

 

शोध के अनुसार

रिसर्च की मुख्य लेखिका क्रिस्टीना झाओ कहती हैं कि "हमारा अध्ययन अपनी तरह का पहला अध्ययन है जिसमें इस बात की पुष्टि की गई है कि म्यूजिक की रिदेमिक पैटर्न छोटे को भाषा सीखने और एक्टिव करने में मदद करती है।"

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"इसका मतलब है कि शुरूआती दौर में म्यूजिक सुनना या उसका अनुभव बच्चे पर एक वैश्विक प्रभाव छोड़ता है जिससे उनमें संज्ञानात्मक कौशल आती है।"

यह अध्ययन बहुत ही छोटा था। इस अध्ययन में 39 बच्चों और उनके माता-पिता को शामिल किया गया। जिसमें इन लोगों की एक महीने तक 15 मिनट के खेल की अवधि पर नजर रखी गई।

child play keyboard



उनमें से बीच बच्चों को रिकॉर्डेड चिल्ड्रेन म्यूजिक सुनाया गया। ये बच्चे अपने अभिभावकों के साथ बैठ कर म्यूजिक सुनते और म्यूजिक प्ले करने जैसे कि ड्रम बीट, ट्यून बजाने आदि की प्रैक्टिस करते।
अन्य 19 बच्चों ने सक्रिय रुप से खेल खेलने में भाग लिया। ऐसा उन्होंने म्यूजिक के बिना किया।

जिन बच्चों ने खेल के दौरान संगीत सुना उनका दिमाग श्रवण और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स दोनों स्तर पर ज्यादा सक्रिय था। श्रवण और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स ध्यान को नियंत्रित करता है और किसी भी चीज के (भाषा,स्पीच या संगीत) पैटर्न को पता लगाने में मदद करता है।

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ब्रेन पावर बढ़ाता है

अगर आप अपने बच्चे को मेंटली एडवांटेज देना चाहते हैं तो उन्हें संगीत थैरेपी दें। इस स्टडी के अलावा अन्य स्टडी में भी इस बात की पुष्ट हुई है कि बच्चे एकेडमिक लेवल में काफी अच्छा करते हैं अगर वो म्यजिक के संपर्क में रहते हैं। म्यूजिक दिमाग के पढ़ने और इमेशनल वाले हिस्सों को  उत्तेजित कर विकसित करने में मदद करता है।

 

याद्दाश्त बढ़ाता है

बच्चों के याद्दाश्त बढ़ाता है। जैसे कि बच्चों के लिए ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर के लिए अलग-अलग तरह की म्यूजिक का इस्तेमाल करें। इससे बच्चे उस म्यूजिक से पहचान जाते हैं कि उन्हें किस समय क्या खाना है। ये थैरेपी विकलांग और मेंटली चैलेंज बच्चों के लिए फायदेमंद है।

रिसर्च से साबित हुआ कि जो बच्चो म्यूजिक सुनने के आदि होते हैं उनका दिमाग अन्य बच्चों की तुलना में कम उलझा हुआ था। साथ ही उनमें किसी भी चीज को याद रखने की क्षमता अन्य बच्चों की तुलना में अधिक थी।

 

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