मिसकैरेज की चिकित्सा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 29, 2011
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Quick Bites

  • गर्भपात से बचने के लिए सेहत का रखें खास खयाल।
  • गर्भावस्था के शुरुआती दौर में गर्भपात का खतरा होता है।
  • गर्भावस्था में फोलिक ऐसिड की कमी से समस्या हो सकती है।
  • नियमित जांच व डॉक्टर से सलाह लेना फायदेमंद रहता है।

आमतौर पर प्रारंभिक गर्भपात तब होता है जब भ्रूण जिस रूप में विकसित होना चाहिए नहीं हो पाता । क्रोमोजोम समस्याओं को इसका सबसे आम कारण माना जाता है । इन असामान्यताओं का कारण हो सकता है गुणसूत्रों की गलत संख्या हैं या फिर एक गुणसूत्र की संरचना में परिवर्तन ।

Treatment of miscarriageइन मामलों में, गर्भावस्था भ्रूण स्तर पर ही पहले 10 हफ्तों में समाप्त हो जाता है । देर से गर्भपात बच्चे से अधिक मां के स्वास्थ्य के लिए समस्या की वजह बन सकते हैं, लेकिन यह हमेशा नहीं होता है ।

 

गर्भपात के दो मुख्य लक्षण होते हैं- योनि से रक्तस्राव और पेट के निचले हिस्से में दर्द। शुरुआत में रक्तस्राव बहुत कम होता है, लेकिन बाद में यह तेज हो जाता है और जल्दी ही खून के थक्के दिखाई देने लगते हैं। रक्तस्राव और दर्द, विशेषकर प्रारंभिक गर्भपात के दौरान आमतौर पर वैसे ही होते हैं, जैसा कि मासिक धर्म के दौरान होता है।

 

कुछ गर्भपात के बारे में नियमित प्रसव पूर्व मुलाकात के दौरान पता चलता है जब डाक्टर शिशु की धड़कन खोज नहीं लगा पाते हैं। इसे मिस्ड मिस्कैरिज कहा जाता है । यह सुन कर हो सकता है की आपको धक्का लगे या फिर आपको पहले से ही कुछ आभास हो सकता है की सब कुछ ठीक नहीं है । कभी-कभी महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच के लिए जाने तक पता नहीं होता है कि उनका गर्भपात हो गया है। यदि गर्भपात हो गया है तो उसका पता अल्ट्रासाउंड से ही चल सकता है।

कभी कभी, गर्भावस्था के हार्मोन स्थर गिर जाते हैं - इतने की आपको यह पता चल जाता है कि आप कम मितली महसूस कर रहीं है और आपके स्तनों में कम निविदा महसूस हो रही है । हालांकि, याद रखें कि यह स्वाभाविक है की 12 या 13 सप्ताह के बाद गर्भावस्था के यह लक्षण दूर हो जाते हैं । मिस्कैरेज की चिकित्सा के बारे में जानें-

 

  • अगर गर्भपात के लक्षण पहली या दूसरी तिमाही में आतें है तो डॉक्टर आपको बिस्तर पर आराम करने की सलाह देगा। इसके अलावा व्यायाम व सम्भोग से बचना चाहिए।  यह पैमाने गर्भपात के रोकथाम के कोई सबूत नहीं हैं लेकिन बहुत से डॉक्टरों का मानना है कि इन बातों के जरिए गर्भपात के खतरे को टाला जा सकता है।
  • यदि आपकी गर्भवस्था एक खतरा है कि आपकी ग्रीवा अक्षम नहीं है तो डॉक्टर ग्रीवा को मजबूत करने के लिए ग्रीवा के आसपास टांका ( सर्स्लेग ) लगाएगा ग्रीवा कनाल को बंद करे के लिए। इस टांके को आमतौर पर गर्भावस्था के 36 हफ्तों के बाद काट दिया जाता है। जब यह टांका लगाया जायेगा तो आपकी उचित देखभाल का पूरा प्रबंध किया जाएगा।
  • यदि आपका अपूर्ण गर्भपात है तो आपकी स्त्री  रोग विशेषज्ञ  ( गी वाई एन ) डील्टेशन  और कुरेटेग( डी सी ) नाम की सर्जरी से ग्रीवा में से आराम से भ्रूण के बचे हुए उतक गर्भाशय  से हटाएगी । यदि आप गर्भावस्था की देर की दूसरी तिमाही में हैं तो डॉक्टर आपको अस्पताल में दाखिल करेगा और आपको लेबर जिससे आप भ्रूण और प्लासेन्टा को प्रसव कर सकें।
  • यदि गर्भपात गर्भाशय के आकर की वजह से होता है तो आपको सर्जरी की आवश्यकता है इस समस्या को ठीक करने के लिए , इससे पहले की आप फिर से गर्भवती हों।

 

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