जानें क्‍यों बच्‍चों को परेशान करता है माइग्रेन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 12, 2013
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Quick Bites

  • बच्चों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है 'माइग्रेन'।
  • सिर के एक हिस्से में दर्द है माइग्रेन का एक प्रमुख लक्षण।
  • हैवी मेडिसन से भी बच्चों में माइग्रेन की समस्या हो सकती है।
  • पढ़ाई या बहुत अधिक टेंशन से भी होता है बच्चों में माइग्रेन का दर्द।

आजकल माइग्रेन एक आम बीमारी बन चुका है। यह दिमाग में नसों में सूजन होने से होता है। इसका दर्द बहुत तकलीफदेह होता है। बदलती जीवनशैली, अत्‍यधिक तनाव और असंतुलितखान-पान, आदि कई कारण है जो माइग्रेन की वजह बनते हैं। अब बच्चे भी माइग्रेन की चपेट में आने लगे हैं। इस लेख में जानते हैं बच्चों में माइग्रेन सिर दर्द के कारणों के बारे में।

Migraine Headache in Children

सिरदर्द का सामना हर किसी को कभी न कभी करना ही पड़ता है। खराब और नियमित खानपान और जीवनशैली इसका बड़ा कारण हैं। शोध बताते हैं कि सिरदर्द की समस्या महिलाओं में अधिक होती है, लेकिन आज-कल बच्चे भी इस समस्या से अछूते नहीं हैं।


माइग्रेन के लक्षण

सिर के एक हिस्से में दर्द, आंखों के सामने आड़ी-तिरछी लाइनें बनना और सिर पर हथौड़े जैसी चोट का लगना माइग्रेन के स्पष्ट लक्षण होते हैं। डॉक्टरों के अनुसार यह दर्द अचानक होने लगता है और फिर बढ़ता चला जाता है। माइग्रेन के दर्द में रोशनी अच्छी नहीं लगती। यह दर्द मस्तिष्क को रक्त पहुंचाने वाली नसों में तनाव व सूजन आने की वजह से होता है। महिलाओ में माइग्रेन की समस्या सबसे ज्यादा रहती हैं, लेकिन बच्चों में भी यह समस्या बढ़ती जा रही है। इस दर्द के कुछ बहुत ही गंभीर परिणाम होते हैं।

 

जब माइग्रेन का दर्द चरम पर पहुंच जाता है तो कई बार व्यक्ति में आत्महत्या की प्रवृत्ति भी आने लगती है। यदि बच्चा ज्यादा उल्टी कर रहा है तो डॉक्टरों के मुताबिक उल्टी की शिकायत के बाद माइग्रेन की बीमारी बच्चों में पाई गई है। माइग्रेन होने पर कुछ बातों का खास खयाल रखना चाहिए। खासतौर पर जब यह समस्या बच्चों में हुई हो तो। माइग्रेन के दौरान ज्यादातर सामान्य दवाएं बेअसर रहती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दिमाग के जिस हिस्से में समस्या होती है, वहां तक सामान्य दर्द निवारक दवाएं प्रभाव डाल ही नहीं पातीं।

बच्चों में माइग्रेन के कारण

बच्चों में माइग्रेन के दर्द के कई कारण हो सकते हैं। यह रोग बच्चों में दूसरे रोगों के कारण भी हो सकता है जैसे, नजला-जुकाम, पुरानी कब्ज व आंखों में दृष्टिदोष की वजह से भी माइग्रेन हो सकता है। अगर महिलाओं की बात की जाए तो उनमें यह रोग मासिकधर्म में गड़बड़ी के कारण हो सकता है। आइये जानें कि बच्चों में माइग्रेन के दर्द के अन्य कारण क्या हैं।

 

  • लीवर में किसी प्रकार की खराबी तथा शरीर में अधिक कमजोरी के कारण भी बच्चे माइग्रेन का शिकार हो जाते हैं।
  • डॉक्टरों के अनुसार बच्चों में माइग्रेन की शुरुआत सिरदर्द से नहीं होती। वह बच्चे सबसे ज्यादा माइग्रेन का शिकार बनते हैं, जिनके परिजन को माइग्रेन की शिकायत रही हो। अर्थात यह एक पारिवारिक समस्या है।
  • पढ़ाई का बहुत अधिक टेंशन बच्चों में माइग्रेन की वजह बन रही है। इनके अलावा अन्य मानसिक तनाव भी बच्चों में माइग्रेन का कारण बनते हैं। सर्दियों में सुबह-सुबह  जल्दी स्कूल जाने के समय ठंड से एक्सपोजर ज्यादा होने से भी यह समस्या हो सकती है।
  • कई बार अधिक दवाएं (या हैवी मेडिसन) के सेवन की वजह से भी बच्चों में माइग्रेन के दर्द की शिकायत सामने आती है।
  • भोजन में अनियमितता या भूखे रहने से भी माइग्रेन का दौरा पड़ सकता है। इसके अलावा तेज धूप में घूमने, अत्यधिक शारीरिक व मानसिक श्रम से हुई थकान तथा मौसम व तापमान में परिवर्तन के कारण भी माइग्रेन का दर्द हो जाता है।

 

माइग्रेन से बचने के लिए कम से कम 6 से 8 घंटों की गहरी नींद लें। तेज धूम व गर्मी में जब भी घर से बाहर निकले तो हाथ में छाता लें और सीधे सूरज की तेज किरणों के संपर्क में आने से बचें। घर पर खुद से, बिना डॉक्टरी सलाह के किसी तरह का उपचार करने से बचना चाहिए। पढ़ाई या अन्य किसी चीज का बहुत ज्यादा प्रेशर नहीं लेना चाहिए व खान-पान ठीक रखना चाहिए।

 

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