जानें क्‍या है मयूरासन और इसके लाभ

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 16, 2012
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Quick Bites

  • मयूर की तरह किया जाने वाला आसन।
  • कंधे की मांसपेशियों में मजबूती आती है।
  • मधुमेह के रोगियों के लिए लाभकारी है।
  • मयूरासन खुली हवादार जगह में करना चाहिए।

मयूरासन यानी मयूर की तरह किया जाने वाला आसन। योगा में यह वह आसन है जिसमें आपका शरीर मयूर की तरह दिखाई पड़ता है। इस आसन को करने के लिए बहुत सावधानियां बरतने की आवश्यकता होती है। इस आसन में शरीर का पूरा भार हाथों पर टिका होता है और शरीर हवा में लहराता है।

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मयूरासन के भी कई लाभ हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि मयूरासन कैसे किया जाए। मयूरासन के लाभ क्या हैं। मयूरासन करने की विधि क्या है। मयूरासन कब करना चाहिए। इत्यादि सवालों के जवाब जानने के लिए यह जानना जरूरी है कि मयूर आसन क्या है। आइए जानें मयूर आसन के बारे में कुछ और बातें।

किसे नहीं करना चाहिए

  • आमतौर पर मयूरासन उन लोगों को करने के लिए मना किया जाता है जो उच्चे रक्तचाप की समस्या से पीडि़त हैं।
  • टी.बी यानी तपेदिक के मरीजों को भी मयूरासन नहीं करना चाहिए।
  • हृदय रोग या हार्ट की बीमारियों से ग्रसित लोगों को भी मयूरासन नहीं करना चाहिए। अल्सर और हर्निया रोग से पीडि़त लोगों को भी मयूरासन करने से बचना चाहिए।


मयूरासन के लाभ

  • मयूरासन के कई लाभ है। आमतौर पर मयूरासन से गुर्दे, अग्नाश्‍य और आमाशय के साथ ही यकृत इत्यादि को बहुत लाभ होता है।
  • चेहरे पर चमक लाने के लिए मयूरासन करना चाहिए। मयूरासन करने से हाथ, पैर व कंधे की मांसपेशियों में मजबूती आती है। जिन लोगों को बहुत अधिक कब्ज रहती है उनके लिए मयूरासन से बढि़या कोई उपाय नहीं। मधुमेह के रोगियों के लिए भी यह आसन लाभकारी है। 
  • यदि आपको आंखों संबंधी कोई समस्या है तो उसका निदान भी मयूरासन से किया जा सकता है।
  • पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए मयूरासन करना चाहिए। यदि आपको पेट संबंधी समस्याएं जैसे गैस बनना, पेट में दर्द रहना, पेट साफ ना होना इत्यादि होता है तो आपको मयूरासन करना चाहिए।
  • सामान्य रोगों के अलावा मयूर आसन से आंतों व अन्य अंगों को मजबूती मिलती है। मयूरासन से आमाशय और मूत्राशय के दोषों से मुक्ति मिलती है।

 

मयूरासन करने की विधि

  • मयूरासन खुली हवादार जगह में करना चाहिए। इसके लिए आप सबसे पहले घुटनों के बल बैठ जाएं और आगे की ओर झुके।
  • आगे झुकते हुए दोनों हाथों की कोहनियों को मोड़कर नाभि पर लगाकर जमीन पर सटा लें। इसके बाद अपना संतुलन बनाते हुए घुटनों को धीरे-धीरे सीधा करने की कोशिश करें। अब आपका शरीर पूरी सीध में है और सिर्फ आपके हाथ जमीन से सटे हुए हैं।
  • इस आसन को करने के लिए शरीर का संतुलन बनाए रखना जरूरी है जो कि पहली बार में संभव नहीं। यदि आप रोजाना मयूर आसन का अभ्यास करेंगे तो आप निश्चित तौर पर आसानी से इसे कर पाएंगे।


मयूरासन के दौरान सावधानी

मयूरासन करते हुए बहुत सावधानी की जरूरत पड़ती है, इसीलिए आप जब भी मयूरासन करें तो किसी योग एक्सपर्ट की देखरेख में करें या फिर पहले इस आसन को करने की विधि को अच्छी तरह से जानें। तभी आप मयूर आसन को सही तरह से कर पाएंगे और इसका भरपूर लाभ उठा पाएंगे।

 

Image Source : yogajournal.com

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टिप्पणियाँ
  • Goutam04 Jul 2016

    Mayurasan ke faydo ke bare me apne bahut hi achhi janakari di hai, is asana ko sabhi ko roz karna chahiye.

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