कामकाजी गर्भवती महिलाओं के लिए है मैटर्निटी लीव पालिसी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 30, 2011
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Quick Bites

  • सरकारी नौकरी और गैर सरकारी संस्‍थानों में होती है मैटर्निटी लीव पॉलिसी।
  • यह लीव कामकाजी महिलाओं को गर्भावस्‍था के दौरान उपलब्‍ध की जाती है।
  • तीन महीन से लेकर छह महीने की मैटर्निटी लीव इस बीच दी जा सकती है।
  • मैटर्निटी लीव पालिसी मां और बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए है बहुत जरूरी है।

कामकाजी गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव और उससे पहले भरपूर आराम के लिए मै‍टर्निटी लीव पॉलिसी का प्रावधान है। यह योजना सरकारी और गैर सरकारी संस्‍थानों में अनिवार्य रूप से सरकार द्वारा लागू की गई है। इसका लीव पॉलिसी का उपयोग प्रत्‍येक कामकाजी गर्भवती महिला कर सकती है।
Maternity Leave Policy

काम के दौरान आराम बेहद जरूरी है और जब बात हो महिलाओं के गर्भावस्था के दौरान आराम की, तो यह और भी जरूरी हो जाता है। कैरियर ओरियेंटेड महिलाओं को गर्भधारण के दौरान कई अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ता करना पढ़ता है। ऐसे में कामकाजी महिलाओं के लिए प्रसवावकाश एक बहुत बड़ी राहत होती है।

लेकिन अकसर उत्‍साह में महिलाएं ये भूल जाती हैं कि कब उन्हें मैटरनिटी लीव यानी प्रसवावकाश लेना है। वास्तव में मैटरनिटी लीव को एक योजनाबद्घ तरीके ढंग से लिया जाए तो ये आपके और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। आइए हम आपको मैटर्निटी लीव के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

 

मैटर्निटी लीव पॉलिसी

  • सरकारी नौकरी और गैर सरकारी संस्‍थानों में कार्यरत महिलाओं को यह पॉलिसी गर्भावस्‍था के दौरान दी जाती है।
  • तीन महीन से लेकर छह महीने की मैटर्निटी लीव इस बीच दी जा सकती है।
  • इतना ही नहीं इसके अलावा महिलाओं को दो साल की चाइल्ड केयर लीव भी दी जाएगी और यदि बच्चे जुड़वा हैं तो तीन साल की छुट्टी का प्रावधान है।
  • इस दौरान महिला भरपूर आराम ले सकती है और उनको संस्‍थाना द्वारा पूरी तनख्‍वाह दी जायेगी। ऐसा जच्चा-बच्चा के बेहतर स्वास्थ्य के लिए किया गया है।
  • हालांकि छुट्टी का समय इतना ज्यादा कर देने से महिलाओं के कैरियर पर असर पड़ सकता है। कोई महिला यदि एक साल का ब्रेक लेगी, तो उसकी योग्यता और अनुभव तो कम होगा होना निश्चित है।
  • मैटर्निटी लीव को कैरियर से जोड़कर देखें तो ऑफिस से करीब एक साल बाहर रहना कैरियर के लिहाज से बहुत बड़ा अंतराल है।
  • इतने समय में बॉस आपकी जगह दूसरे को मैनेज कर लेता है और फिर जॉइंन करने के बाद आपको अपने लिए जगह बनाना काफी मुश्किल हो जाता है।
  • इतना ही नहीं प्रमोशन, सैलरी इनक्रिमेंट आदि जगहों पर लंबी छुट्टी पर जाने से महिलाएं पीछे रह सकती हैं।
  • हालांकि यह लीव पॉलिसी गर्भवती महिला के लिए बहुत जरूरी है, क्‍योंकि गर्भावस्‍था के अंतिम दिनों में काम करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
  • प्रसव के दो-तीन महीने बाद तक भी महिला को भरपूर आराम के साथ पोषण की जरूरत होती है, ताकि वह शारीरिक और मानसिक रूप से स्‍वस्‍थ हो सके।

 

मैटर्निटी लीव पॉलिसी यानी प्रसवाकाश मां और बच्‍चे के बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से कार्यान्वित है। इस लीव से मां प्रसव के बाद कुछ दिनों तक घर पर आराम कर सकती है और इसके बाद में उसका दोबारा काम करने का सपना पूरा होता है। इस लीव पॉलिसी को लेकर संस्‍थानों के नियम अलग-अलग हो सकते हैं।

 

 

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