कान पर दें ध्यान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 07, 2011
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Quick Bites

  • कान में फंगस, फुंसी, मैल इत्यादि होने के कारण हो सकता है दर्द।
  • कान के अंदर कोई कीड़ा या कोई चीज चुभने से भी हो सकती है दर्द की शिकायत।
  • कान दर्द से बचने के लिए कुछ मीठा या च्यूइंगम चबाना फायदेमंद रहता है। 
  • दर्द होने पर पानी पीने से यूस्टेसकियन ट्यूब रहती है ठीक और कम होता है दर्द।

कान में दर्द होना आम बात है। ऐसे बहुत से कारण है, जब कान में दर्द की शिकायत हो जाती है लेकिन कुछ ऐसे कारण भी मौजूद हैं जिन पर ध्यान देकर कान दर्द से बचा जा सकता हैं।

कान में दर्द की शिकायत कान के अंदर सूजन या संक्रमण के कारण हो सकती है। यदि बाहरी कान में संक्रमण हो, तो उसे ओटाइटिस एक्सटर्ना कहते हैं। यदि कान के मध्यवर्ती भाग में संक्रमण हो, तो उसे ओटाइटिस मीडिया कहते हैं। कभी-कभी कान के पर्दे में गीलापन आ जाता है। इस कारण भी कान में दर्द संभव है। आइए जानें कान दर्द से कैसे बचा जा सकता है।

 

ear pain managment

 

कान दर्द के कारण

  • कान में किसी चोट के लगने से दर्द।
  • कान के पर्दे में छेद या फटा होने के कारण दर्द होना।
  • कान में फंगस, फुंसी, मैल इत्यादि होने के कारण।
  • कान के अंदर कोई कीड़ा या किसी चीज के जाने से।
  • पहाड़ी इलाकों  पर जाने से होने भी कुछ लोगों को कानों में दर्द होता है।
  • हवाईजहाज यात्रा के दौरान

 

 


कान में समस्या होने पर कुछ लक्षणों के जरिए पता किया जा सकता है।

  • कान में दर्द होना
  • कान में भारीपन या कुछ हवा जैसा भरा महसूस होना
  • आवाज धीमी या ना सुनाई देना
  • सरसराहट सुनाई देना या फिर घंटी बजने जैसा महसूस होना
  • चक्कर आना या कान में दबाव महसूस होना
  • कान से किसी तरल पदार्थ का निकलना
  • कान का लाल होना या सूजन आना

 

ear pain

 

कान दर्द से बचाव


  • कान दर्द से बचने के लिए कुछ मीठा या च्यूइंगम खाना अच्छा रहता है।
  • आपके कान में दर्द हो रहा है, तो पानी पीयें क्योंकि पानी पीने से यूस्टेसकियन ट्यूब ठीक रहेगी।
  • नाक में डालने वाले स्प्रे का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • कान की समस्या है तो प्लेरन लैंडिंग के दौरान सोएं नहीं।
  • सामान्य कान दर्द होने पर किसी भी तरह का पेन किलर लेने से बचें।
  • स्नान करने के बाद कान को अच्छी तरह से पोछना चाहिए क्योंकि कान के अन्दर पानी रहने पर संक्रमण हो सकता है।
  • गला खराब होने पर हल्के  गर्म पानी से गरारा करें क्योंकि गला खराब होने के कारण भी कान में दर्द हो सकता है।
  • कान के मैल को निकालने या बाहरी तत्व फंस जाने पर उसे निकालने के लिए माचिस की तीली या पिन का उपयोग न करे।
  • हमेशा ईयर बड का ही इस्तेमाल करें।

इन टिप्स को अपनाकर आप न सिर्फ कान दर्द के लक्षणों को जान सकते हैं बल्कि समय रहते उनका बचाव भी कर सकते हैं।

 

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