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इस साल ऐसा लग रहा है की यह जानलेवा मलेरिया नई दिल्ली पर अपना निशान छोड़ जाएगा। हमारी राष्ट्रीय राजधानी में 90 मलेरिया की घटनाये आ चुकी हैं और इससे निपटने के लिए अगर तेज और पर्याप्त उपाय नहीं किये गए तो इसकी संख्या और भी बढ़ सकती है। इसी समय पिछले साल नयी दिल्ली में लगभग 90 मलेरिया की घटनाये हुई थी। पर डेंगू की भी महाविपत्ति भी बढ़ रही है और अभी तक इसकी 15 घटनाये आ चुकी हैं। यहाँ तक की नयी दिल्ली में डेंगू से पिछले हफ्ते एक मौत भी हो चुकी है ।
दिल्ली नगर पालिका अब तैयारी कर रही है ताकि शहर में मलेरिया के इस हमले को रोका जा सके । हाल ही में नगर पालिका ने 24000 लोगो को सूचित किया है और लगभग 50 लोगो का परिचालन भी किया है ।
इसी के साथ शहर में 19000 घरों को भी मच्छर के पैदा होने की जगह पहचानी गयी हैं और इनके खिलाफ कार्यवाही भी की गयी है । एमसीडी स्वास्थ्य सेवा कर्मचारी भी उन हिस्सों की नियमित रूप से पड़ताल कर रहे हैं जहां पर पानी बार बार जमा हो जाता है और जहाँ से धीरे धीरे निकलता है ।
एनोफिलिस मच्छरों के पैदा होने के लिए गीली नमी युक्त जगह सबसे बढ़िया होती है और यहं पर यह मच्छर पैदा होकर मलेरिया कर सकता है। पर इतने सारे काम होने के बावजूद भी कुछ अधिकारियों को इस बात का दुःख भी है की मलेरिया का पता करने वाले कलीनिक के पास पुख्ता सबूत हैं कि मलेरिया करने वाले मच्छर के पैदा होने की कघ बढ़ रही है ।
मलेरिया नयी दिल्ली में बहुत पुराने समय से है। हर साल अधिकारियों के मलेरिया के निवारण और नियंत्रण के दावों के बावजूद भी मलेरिया से मौते हो रही । यह देखना बाकी है की 2011 दिल्ली वासी के लिए मलेरिया की कितनी घटनाये लाता है।

