महिलाओं में रक्‍तअल्‍पता

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 06, 2012
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हमारे देश में काफी लोगो को उचित खान पान नहीं मिल पाने से वे रक्तअल्पता की समस्या से जूझ रहे हैं। जिसमें ज्यादातर महिलाएं हैं। एक सर्वे के अनुसार हमारे देश में 60 प्रतिशत लोगों रक्तअल्पता के शिकार हैं जिसमें से 40 प्रतिशत महिलाएं हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि इस रोग की शिकार महिलाएं अधिक हैं। रक्त की कमी का यह रोग रक्त अल्पता या एनीमिया के नाम से जाना जाता है। आमतौर पर लोग अनीमिया को बीमारी नहीं मानते। लोगों की यह धारणा गलत है क्योंकि यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है। विशेषकर गर्भवती महिला अगर इस बीमारी का शिकार है तो उसका शिशु मरा हुआ पैदा हो सकता है और यदि प्रसवकाल में ज्यादा रक्तस्राव हो जाये तो फिर महिला को बचा पाना भी असंभव है।


महिलाओं में रक्तअल्पता

 

महिलाओं में रक्त की कमी इसलिए पायी जाती है, क्योंकि भारतीय समाज में लड़कियों की परवरिश पर उचित ध्यान नहीं दिया जाता है, उन्हें पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता है जिससे उनमें खून की कमी हो जाती है। गर्भावस्था के दौरान यह कमी और बढ़ जाती है क्योंकि इस समय महिलाओं को ज्यादा पोषण की जरूरत होती है जो उन्हें नहीं मिल पाता है। एक पुरुष के मुकाबले एक महिला को दुगने लौह तत्व की जरूरत होती है। इसके अलावा गर्भावस्था के समय तथा स्तनपान करवाने के समय में उनके शरीर में लौह तत्व जरूरत और बढ़ जाती है। इसलिए जो महिला हर साल बच्चा पैदा करती है। और जिस महिला का मासिक स्राव तीन दिनों से ज्यादा चलता है या फिर जिस महिला का मासिक स्राव 15 से 20 दिन को ही फिर से शुरू हो जाता है, ऐसी महिलाएं निश्चित रूप से एनीमिया की मरीज हो जाती हैं।

 

लक्षण

 

किसी व्यक्ति में खून की कमी है या नहीं, इसका पता तो तभी चल सकता है जब व्यक्ति के रक्त की जांच हो। इसके अलावा कुछ अन्य लक्षण है जिनसे इसकी पहचान कर सकते हैं।

  •  थकावट
  •  सीने में दर्द
  •  जल्दी-जल्दी साँस लेना
  •  शरीर का फूलना
  •  नाखूनों व आंखों का पीला होना

 

 

उपचार

  • रक्त अल्पता में दवाओं के अलावा रोगी को लौह तत्व से भरपूर चीजें खानी चाहिए। गाजर, टमाटर, पत्तागोभी व हरी पत्तेदार सब्जियों का खूब प्रयोग करना चाहिए।
  • लोहे की कड़ाही में बना खाना खाना चाहिए इससे रोगी को आयरन मिलता है।
  • मूंग, तिल, बाजरा आदि अनाज का सेवन करना चाहिए।
  • फलों में आम, चीकू, केला, पपीता, नाशपाती, सेब आदि फलों का सेवन करना चाहिए।
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