मधुमेह का खतरा कम करना है, तो धीरे खाइए

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 17, 2012
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madhumeh ka khatraधारे-धीरे खाने के फायदे तो हम बचपन से ही सुनते आये हैं, ले‍किन आपको यह जान कर हैरानी होगी कि धारे-धीरे खाने से  डायबिटीज का खतरा भी कम होता है। डायबिटीज एक बेहद ही गंभीर बीमारी है इसलिए इससे बचना जरुरी है। आजकल की भागदौड वाली जिंदगी और अनियमित दिनचर्या होने के कारण डायबिटीज किसी को भी हो सकता है। आप इससे तभी बच सकते हैं जब आपको इसके रोक थाम के सही तरीके का पता हों। अपने खाने की आदत में बदलाव करके आप मधुमेह के खतरे को कम कर सकते हैं।


क्या कहते हैं अध्ययन–
जापान में हुए एक अध्ययन में यह पता चला है कि धीरे-धीरे चबाकर खाने वालों का खाना ठीक प्रकार से पच जाता है ऐसे में ग्लूकोज़ भी ठीक प्रकार से टूट कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।


धीरे-धीरे खाने के फायदे –

मधुमेह से बचाव –
अनियमित दिनचर्या और खाद्य-पदार्थों में जंक फूड के ज्यादा प्रयोग करने के कारण किशोरों और युवाओं में डायबिटीज का खतरा बढा है। इसलिए डायबिटीज के खतरे को कम करने के लिए खाने को धीरे-धीरे चबाकर खाइए। चबा-चबाकर खाने से मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी का खतरा कम होता है।


धीरे-धीरे खाने के अन्य फायदे –

  • आराम से और धीरे-धीरे खाने से खाना अच्छे से पचता है। जिसके कारण शरीर का वजन नहीं बढता है।
  • खाने की हर बाइट को चबा-चबाकर खाने से आप शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहते हैं।
  • अगर आपको धीरे-धीरे खाने की आदत नहीं है तो अपने लंच या डिनर में कुछ कच्ची सब्जियां शामिल करें, इससे चबाने की आदत बनने लगेगी।
  • अगर आप मांस के शौकीन हैं तो मांस के कुछ टुकडे हल्के कच्चे खाइए, जिनको कई बार चबाकर खाया जाता है।  
  • धीरे-धीरे खाने से पूरा ध्यान खाने पर होता है जिसके कारण आपके दिमाग से तनाव समाप्त होता है। इसके अलावा आपकी व्यस्त जिंदगी में थोडा सा दिमागी ब्रेक भी मिलता है।
  • जब आप चबा-चबाकर खाते हैं तब दिमाग के संतुष्ट हो जाने के बाद और ज्यादा नहीं खा पाते। इसके कारण आप ओवरईटिंग से भी बचते हैं।
  • अगर आप आराम से अपना खाना एंजॉय करते हुए खाते हैं, तो छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ाना या गुस्सा आना भी कम हो जाता है।
  • चबा-चबाकर खाने से पेट से सं‍बंधित सामान्य बीमारियां जैसे- कब्ज व गैस नहीं होती हैं।

 

लाइफस्टाइल में बदलाव के कारण लोग खाने-पीने का तरीका भूल गए हैं। एक समय था जब लोगों के अंदर कम बीमारियां होती थी क्योंकि वे लोग चबा-चबाकर खाना खाते हैं। मोटे लोग पतले लोगों की तुलना में खाने को जल्दी-जल्दी खाते हैं। खान-पान की समस्या को लेकर आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।

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इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

टिप्पणियाँ
  • Leena01 Mar 2013

    madhumeh ke baare me achi jaankari hai....

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