लू लग जाने पर क्‍या करें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 08, 2012
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loo lag jaane par kya kare

 

लू लग जाने पर क्‍या करें 
अगर गर्मी के मौसम में ज़रा सी  भी लापरवाही बरती जाए तो लू लगने की संभावना जबध  होती है। गर्मी के मौसम में लू चलना आम बात होती है। अगर अधिकतम तापमान सामान्‍य से 5 डिग्रीसेल्सिय अधिक हो जाता है तब लू चलती है। जब शरीर में नमक और पानी की कमी होती है तब लू लगती है। गर्मी में पसीने के रूप में नमक और पानी बाहर निकलता है जिसके कारण खून और नाडी की गति तेज हो जाती है। सांस लेने की गति भी ठीक नहीं रहती है और शरीर में ऐंठन शुरू हो जाती है। लू लगने के कारण बुखार काफी तेज हो जाता है। आंखें व हाथ-पैरों के तलुओं में जलन होती है। इससे आदमी बेहोश हो सकता है। आइए हम आपको बताते हैं कि अगर लू जग जाए तो कैसे बचें। 


लू लग जाने पर क्या करें – 

लू लगने पर सबसे पहले रोगी को ठंडी और खुली हवा में आराम करने देना चाहिए। 
अगर बुखार 104 डिग्री से अधिक है तो बर्फ की पट्टी सिर पर रखना चाहिए। 
लू लगने वाले को तुरंत प्याज का रस शहद में मिलाकर खिलाना चाहिए। 
अगर रोगी को प्‍यास लगी हो तो प्यास बुझाने के लिए नींबू के रस में मिट्टी के घड़े अथवा सुराही का पानी देना चाहिए। बर्फ का या ज्‍यादा ठंडा पानी नहीं पिलाना चाहिए क्योंकि इससे रोगी और बीमार हो सकता है। 
रोगी के शरीर को दिन में चार-पाँच बार गीले तौलिए से पोंछना चाहिए। 
लू लगने पर चाय-कॉफी जैसे गर्म पेय पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। 
कैरी का पना पिलाने से रोगी को आराम मिलता है। कच्चे आम को गरम राख पर मंद आँच वाले अंगारे में भूनकर, उसके ठंडा होने पर उसका गूदा निकालकर उसमें पानी मिलाकर पना बनाकर पीजिए। 
जौ का आटा व पिसा प्याज मिलाकर शरीर पर लेप करने से लू में तुरंत राहत मिलती है। 


लू से बचने के कुछ उपाय – 

दोपहर में सबसे ज्‍यादा लू चलती है। इसलिए अगर बहुत जरूरी न हो तो दोपहर के समय घर से बाहर मत निकलिए। अगर बाहर जाना ही पड़े तो सिर व गर्दन को तौलिए या अंगोछे से ढंककर बाहर निकले। 
गर्मी के मौसम में हल्‍का और जल्‍दी पचने वाले खाद्य-पदार्थों का सेवन करना चाहिए। अगर आप घर से बाहर निकल रहे हैं तो खाली पेट न निकलें। 
गर्मी के दिनों में बार-बार पानी पीते रहना चाहिए जिससे कि शरीर में पानी की कमी नहीं होने पाए। पानी में नींबू व नमक मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीते रहने से लू नहीं लगती।
गर्मी के मौसम में कपडों पर भी ध्‍यान देना चाहिए। गर्मी के दौरान नरम, मुलायम और सूती कपड़े पहनना चाहिए जिससे हवा और कपड़े शरीर के पसीने को सोखते रहें। 
गर्मी में ठंडाई का सेवन नियमित करना चाहिए। मौसमी फलों जैसे – खरबूज, तरबूज, अंगूर मौसमी आदि का सेवन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होता है। 
गर्मी के दिनों में प्याज का सेवन भी अधिक करना चाहिए एवं बाहर जाते समय कटे प्याज को जेब में रखकर निकलना चाहिए।
अगर गर्मी के मौसम में ज़रा सी भी लापरवाही बरती जाए तो लू लगने की संभावना जबध  होती है। गर्मी के मौसम में लू चलना आम बात होती है। अगर अधिकतम तापमान सामान्‍य से 5 डिग्रीसेल्सिय अधिक हो जाता है तब लू चलती है। जब शरीर में नमक और पानी की कमी होती है तब लू लगती है। गर्मी में पसीने के रूप में नमक और पानी बाहर निकलता है जिसके कारण खून और नाडी की गति तेज हो जाती है। सांस लेने की गति भी ठीक नहीं रहती है और शरीर में ऐंठन शुरू हो जाती है। लू लगने के कारण बुखार काफी तेज हो जाता है। आंखें व हाथ-पैरों के तलुओं में जलन होती है। इससे आदमी बेहोश हो सकता है। आइए हम आपको बताते हैं कि अगर लू जग जाए तो कैसे बचें। 

 

लू लग जाने पर क्या करें – 

 

  • लू लगने पर सबसे पहले रोगी को ठंडी और खुली हवा में आराम करने देना चाहिए। 
  • अगर बुखार 104 डिग्री से अधिक है तो बर्फ की पट्टी सिर पर रखना चाहिए। 
  • लू लगने वाले को तुरंत प्याज का रस शहद में मिलाकर खिलाना चाहिए। 
  • अगर रोगी को प्‍यास लगी हो तो प्यास बुझाने के लिए नींबू के रस में मिट्टी के घड़े अथवा सुराही का पानी देना चाहिए। बर्फ का या ज्‍यादा ठंडा पानी नहीं पिलाना चाहिए क्योंकि इससे रोगी और बीमार हो सकता है। 
  • रोगी के शरीर को दिन में चार-पाँच बार गीले तौलिए से पोंछना चाहिए। 
  • लू लगने पर चाय-कॉफी जैसे गर्म पेय पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • कैरी का पना पिलाने से रोगी को आराम मिलता है। कच्चे आम को गरम राख पर मंद आँच वाले अंगारे में भूनकर, उसके ठंडा होने पर उसका गूदा निकालकर उसमें पानी मिलाकर पना बनाकर पीजिए। 
  • जौ का आटा व पिसा प्याज मिलाकर शरीर पर लेप करने से लू में तुरंत राहत मिलती है। 

 

 

लू से बचने के कुछ उपाय – 

  • दोपहर में सबसे ज्‍यादा लू चलती है। इसलिए अगर बहुत जरूरी न हो तो दोपहर के समय घर से बाहर मत निकलिए। अगर बाहर जाना ही पड़े तो सिर व गर्दन को तौलिए या अंगोछे से ढंककर बाहर निकले। 
  • गर्मी के मौसम में हल्‍का और जल्‍दी पचने वाले खाद्य-पदार्थों का सेवन करना चाहिए। अगर आप घर से बाहर निकल रहे हैं तो खाली पेट न निकलें। 
  • गर्मी के दिनों में बार-बार पानी पीते रहना चाहिए जिससे कि शरीर में पानी की कमी नहीं होने पाए। पानी में नींबू व नमक मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीते रहने से लू नहीं लगती।
  • गर्मी के मौसम में कपडों पर भी ध्‍यान देना चाहिए। गर्मी के दौरान नरम, मुलायम और सूती कपड़े पहनना चाहिए जिससे हवा और कपड़े शरीर के पसीने को सोखते रहें। 
  • गर्मी में ठंडाई का सेवन नियमित करना चाहिए। मौसमी फलों जैसे – खरबूज, तरबूज, अंगूर मौसमी आदि का सेवन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होता है। 
  • गर्मी के दिनों में प्याज का सेवन भी अधिक करना चाहिए एवं बाहर जाते समय कटे प्याज को जेब में रखकर निकलना चाहिए।

 

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