ज्यादा या कम सोना मतलब चैन खोना

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 10, 2015
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Quick Bites

  • अच्छी नींद सेहत के लिए बहुत जरूरी होती है।
  • कम या ज्यादा दोनों ही तरह से सोना हानिकारक।
  • लंबे जीवन के लिए अच्छी नींद लेना आवश्यक।
  • ज्यादा नींद से प्रभावित होती है याद्दाश्त औऱ ऊर्जा।

ज्यादा या कम सोना मतलब चैन खोना आप यकीन करें अथवा नहीं, लेकिन ज्यादा देर तक सोना भी कम सोने की तरह ही शरीर की थकान और आलस्य का कारण बनता है। इससे यह बात साफ होती है कि सोने के मामले में संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है। शोधकर्ता दल का नेतृत्व कर रहे माइकल ए ग्रांडनर कहते हैं कि हालांकि यह बात अब तक साफ नहीं हुई है कि कम और ज्यादा सोने वाले लोग एक जैसी समस्याओं से क्यों जूझते हैं लेकिन हमारा शोध इस विचार को चुनौती देता है कि सात अथवा आठ घंटे से ज्यादा की नींद लेने से सेहत अच्छी और शरीर स्वस्थ रहता है।

Sleepless

कम सोने के नुकसान

आमतौर पर वयस्कों की लाइफस्टाइल में पर्याप्त नींद मिलना भी एक लक्जरी बन गया है. वयस्कों को रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद चाहिए। अगर आप लगातार कम नींद ले रहे हैं, तो आगे चलकर यह कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। अमेरिका के नेशनल स्लीप फाउंडेशन की सलाह है कि वयस्क लोगों को हर रात सात से नौ घंटे तक सोना चाहिए। एक ताजा शोध के अनुसार हर रोज बीस मिनट तक कसरत करने से असामयिक मौत का खतरा 16 से 30 प्रतिशत तक घट जाता है। इसलिए लंबा जीवन जीना है तो हर रात अच्छी नींद लेना भी उसी ओर एक कदम है।

ज्यादा सोने के नुकसान

एक्सपर्ट मानते हैं कि एक व्यक्ति को सामान्य तौर पर 8 घण्टे से ज्यादा की नींद नहीं लेनी चाहिए, लेकिन अमूमन लोग 10 घण्टे तक सोते हैं। इससे कोई नुकसान नहीं होता। नुकसान तब होता है, जब आप इससे ज्यादा सोते हैं। इससे ज्यादा सोने वालों में सुस्ती घर कर जाती है। दिन के किसी भी पहर उन्हें खुद में उत्साह महसूस नहीं होता। याद्दाश्त भी कमजोर पड़ने लगती है। आलस सा सवार रहता है। शरीर हमेशा भारी-भारी सा लगता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए बेहतर है कि नींद को सामान्य किया जाए।

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ज्यादा या कम सोना मतलब चैन खोना

साइंस डेली के मुताबिक अमेरिका के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि वे लोग जो दिन में आठ घंटे से ज्यादा सोते हैं, सात से भी कम घंटे की नींद लेने वालों की तरह रात भर परेशान रहते हैं। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने नेशनल स्लीप फाउंडेशन के सौ वयस्कों से बातचीत के बाद उक्त निष्कर्ष निकाला। सभी वयस्कों से पूछा गया कि वे आमतौर पर दिन में कितने घंटे सोते हैं। क्या उन्हें अपनी नींद या इसके प्रभावों से संबंधित कोई शिकायत है। जवाब में जो आंकडे़ मिले उसके मुताबिक ज्यादा सोने वालों को दिन भर नींद आती रहना, रात में बार-बार नींद का टूटना और सुबह उठने पर खुद को ताजा महसूस न करने की शिकायत थी। हैरत की बात यह है कि कम सोने वालों ने भी ऐसी ही समस्याएं गिनाई।

अध्ययन के मुताबिक ज्यादा सोने के  मामले में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा लती पाई गई।


ImageCourtesy@gettyimages
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