जीवन में सकारात्‍मकता लाने के तरीके

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 21, 2014
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Quick Bites

  • सकारात्‍मक लोगों से मिलने से आप भी रहेंगे सकारात्‍मक।
  • बदलाव के लिए तैयार रहना भी है सकारात्‍मकता की निशानी।
  • योग और ध्‍यान भी आपको सकारात्‍मक रहने में करते हैं मदद।
  • लक्ष्‍य से कभी न भटकें, लक्ष्‍य पर टिके रहने से रहेंगे सकारात्‍मक।

मुश्किलें उतनी ही बड़ी होती हैं, जितना आप सोचते हैं। कहते हैं आपकी सोच ही आपको कामयाब या नाकामयाब बनाती है। जिस व्‍यक्ति की सोच सकारात्‍मक होती है, उसके लिए कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। वह जीवन के कठिन से कठिन हालात का सामना आसानी से कर सकता है। लेकिन, जिस व्‍यक्ति की सोच ऐसी नहीं होती, उसके लिए हर समस्‍या बड़ी होती है।

ध्यान

ध्‍यान की महत्‍ता को अब वैज्ञानिक भी स्‍वीकार करते हैं। ऐसा माना जाता है कि जब आप ध्‍यान करते हैं तो आपका मस्तिष्‍क किसी एक विचार पर केंद्रित हो जाता है। ऐसे में उसमें से जो ऊर्जा निकलती है वह उसे मजबूत बनाती है। इससे इनसान जीवन की मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार होता है। दिन मं कम से कम 20 मिनट ध्‍यान जरूर लगाएं। किसी अंधेरे कमरे में ध्‍यान लगाने से आपको एकाग्र होने में आसानी होगी। दिमाग से सारे विचार निकाल दें। शुरुआत में यह प्रक्रिया मुश्किल लगेगी पर अभ्यास से यह काफी आसान हो जाएगा।

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अपने व्‍यवहार पर रखें काबू

अपने आप से वादा करें कि आप नकारात्‍मक नहीं सोचेंगे। आपकी यही सोच आपको सकारात्‍मक बनाने में मदद करेगी। जिंदगी को देखने का आपका नजरिया ही आपको कामयाब बना सकता है। याद रखिये, अपनी जिंदगी के मालिक आप हैं, किसी दूसरे व्‍‍यक्ति को इसे चलाने का मौका और अधिकार न दें। ऐसा करना आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। अपनी जिंदगी से जुड़े सभी अहम फैसलों का हक आपको है और यह हक किसी दूसरे को न दें।

लक्ष्य पर टिके रहें

जो आपको पसंद हो, वही आपका लक्ष्‍य होना चाहिए। अपने लक्ष्‍य पर टिके रहें ओर खुद पर विश्‍वास रखें। मुश्किलों से डर कर न तो अपना लक्ष्‍य बदलें और न ही हिम्‍मत हारें। खुले दिमाग और आशावादी सोच से आगे बढ़ते है, तो आपके कामयाब होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। कड़ी मेहनत कर आगे बढ़ते रहें, आपके जीवन में सफलता जरूर आएगी। हर छोटे या बड़े लक्ष्य को पाने के बाद आपमें अपनी क्षमता को लेकर आत्मविश्वास आएगा।


positivity

खुद से पूछें सवाल

इनसान आसानी से बदलावों को स्‍वीकार नहीं करता। वह हर बदलाव पर सवाल उठाता है। अपने आप से पूछें आखिर आपके प्रतिरोध का मकसद क्‍या है, तो आपकी समझ में आएगा कि आखिर मुश्किल इतनी बड़ी है, जितनी आप सोच रहे हैं। यह सवाल उठाना आपके रक्षात्‍मक स्‍वभाव को कम करेगा। इससे आप कामयाबी के लिए नयी संभावनाओं को देख पाएंगे। आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि सकारात्मक सोच सकारात्मकता लाती है जबकि प्रतिकूल सोच रखने वाले नकारात्मकता को अपने पास बुलाते हैं।

सकारात्मक लोगों से मिलें

ऐसे लोगों से मिलें जिनकी सोच सकारात्‍मक हो। सकारात्मक विचारधारा वाले व्यक्तियों से मिलने से आपकी सोच और उद्देश्य भी सकारात्मक होंगे। और आप भी सकारात्‍मक तरीके से उन पर आगे बढ़ सकेंगे। नकारात्मक सोच रखने वाले लोग आपकी जिंदगी से सकारात्मकता को निकाल देते हैं वे लोग आपको भी नकारात्‍मक बना सकते हैं। हर व्‍यक्ति की अपनी तरंगें होती हैं, ऐसे लोगों के साथ रहें, जो आपको सकारात्‍मक तरंगे देते हों। कुछ ही दिनों में आपको अपने भीतर एक बदलाव महसूस होगा।

 

Image Courtesy- Getty Images

 

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