क्या तनाव है डायबिटीज़ का कारण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 23, 2012
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

 

क्या तनाव है डायबिटीज़ का कारण 

भागदौड भरी जिंदगी में लगभग सभी तनावग्रस्त दिखते हैं और तनावग्रस्त दिखना मधुमेह का सबसे बड़ा कारण है। खानपान में लापरवाही और अनियमित दिनचर्या के अलावा तनाव में रहने वालों को मधुमेह हो सकता है। तनाव के दौरान हमारे शरीर में कुछ ऐसे हार्मोन पैदा हो जाते हैं जो कि इंसुलिन के विपरीत कार्य करते हैं। तनाव ही डायबिटीज का कारण बनता है। मधुमेह के शिकार लोगों में ग्लूकोज की मात्रा अनियंत्रित हो जाती  है। हालांकि, तनाव को पूरी तरह दूर करने का कोई तरीका नहीं है, लेकिन तनाव को कम किया जा सकता है। 

तनाव और डायबिटीज का संबंध – 
शारीरिक और मानसिक तनाव का मधुमेह से बहुत ही गहरा संबंध है। तनाव के कारण मधुमेह हो सकता है। तनाव में खून का शुगर लेवेल बढता है। तनाव से बनने वाले हार्मोन्स जैसे – एपीनेफ्रिन और कार्टिसोल ब्लड शुगर को बढाते हैं। अगर आपका ब्लड शुगर स्तर कम होता है तो आपको डायबिटीज होने का खतरा कम होता है लेकिन खून में शुगर स्तर बढने से मधुमेह होने का खतरा बढ जाता है। तनाव के कारण बच्चे भी मधुमेह का शिकार हो रहे हैं। 

तनाव के कारण – 

जीवनशैली - 
पूरी तरीके से बदली हुई जीवनशैली तनाव का सबसे प्रमुख कारण है। अनियमित दिनचर्या के कारण लोग अपने स्वास्‍थ्‍य का ध्यान नहीं रख पाते हैं जिसके कारण कई बीमारियां शुरू हो जाती हैं। समय से न सो पाने और देर से उठने के कारण भी तनाव होता है। 

काम का दबाव - कंपटीशन की जिंदगी में हर कोई सबसे आगे निकलना चाहता है। इसके लिए आदमी ऑफिस और बिजनेस में ज्यादा काम करता है। काम के दबाव के कारण तनाव होना लाजमी है। 

खान-पान – 
खाद्य-पदार्थों के रूप में फास्ट फूड का ज्यादा मात्रा में प्रयोग भी तनाव का कारण बनता है। फास्ट फूड खाने के कारण शरीर और दिमाग को भरपूर पोषण नहीं मिल पाता है जिसके कारण तनाव शुरू होता है। 

जिम्मेदारी – 
पारिवारिक जिम्मेदारी भी तनाव का प्रमुख कारण है। कई बार घर की जरूरतों को पूरा करते-करते आदमी के ऊपर ज्यादा दबाव बढ जाता है। बच्चों की जरूरतें भी तनाव का कारण बनती हैं। 

तनाव दूर करने के कुछ तरीके – 

तनाव से लडें – 
जब ज्यादा तनाव हो तो उसे कम करने की कोशिश कीजिए। पहले यह सोचिए कि आप किस वजह से तनाव में हैं। अगर घर में परिवार में तनाव का माहौल है तो कुछ समय के लिए उस माहौल को छोड दीजिए। 

गुस्सा मत कीजिए- 
काम के बोझ और लोगों के व्यवहार के कारण कभी-कभी न चाहते हुए भी गुस्सा आ जाता है। आप कोशिश कीजिए कि गुस्सा न हों। अगर गुस्से वाली कोई स्थिति उत्पन्न हो जाए तो उसे टालने की कोशिश किजिए। 

ज्यादा खाना न खाएं – 
कुछ लोग तनाव में ज्यादा खा लेते है। इसलिए ज्यादा मात्रा में खाना खाने से बचने की कोशिश कीजिए। 

व्यायाम और योगा – 
ध्यान और योगा से शरीर और मन दोनों को सुकून मिलता है। हर रोज सुबह-सुबह योगा और व्यायाम करने की आदत डालिए इससे शरीर को एनर्जी मिलेगा और दिमाग शांत रहेगा। 

हंसना और संगीत – 
तनाव की स्थिति में हंसने की कोशिश कीजिए। खुश रहने से दिमाग शांत होता है। मन को बहलाने वाला संगीत सुनिए। 

प्लान बनाइए – 
अपने हर काम को करने के लिए एक नियमित प्लान बनाइए। सबसे पहले जो ज्यादा जरूरी हो उस काम को निपटाइए। इससे दिमाग पर ज्यादा दबाव नहीं बनेगा। 

भागदौड भरी जिंदगी में तनाव को एकदम से समाप्त‍ तो किया नहीं जा सकता है लेकिन तनाव को कम किया जा सकता है। अगर इन नियमों को अपनाकर भी आपका तनाव समाप्त नहीं हो रहा है तो आप चिकित्सक से संपर्क कीजिए, नहीं तो आप मधुमेह का शिकार हो सकते हैं। 
 


kya tanaav hai diabetes ka kaaranभागदौड भरी जिंदगी में लगभग सभी तनावग्रस्त दिखते हैं और तनावग्रस्त दिखना मधुमेह का सबसे बड़ा कारण है। खानपान में लापरवाही और अनियमित दिनचर्या के अलावा तनाव में रहने वालों को मधुमेह हो सकता है। तनाव के दौरान हमारे शरीर में कुछ ऐसे हार्मोन पैदा हो जाते हैं जो कि इंसुलिन के विपरीत कार्य करते हैं। तनाव ही डायबिटीज का कारण बनता है। मधुमेह के शिकार लोगों में ग्लूकोज की मात्रा अनियंत्रित हो जाती  है। हालांकि, तनाव को पूरी तरह दूर करने का कोई तरीका नहीं है, लेकिन तनाव को कम किया जा सकता है। 

 

तनाव और डायबिटीज का संबंध – 

शारीरिक और मानसिक तनाव का मधुमेह से बहुत ही गहरा संबंध है। तनाव के कारण मधुमेह हो सकता है। तनाव में खून का शुगर लेवेल बढता है। तनाव से बनने वाले हार्मोन्स जैसे – एपीनेफ्रिन और कार्टिसोल ब्लड शुगर को बढाते हैं। अगर आपका ब्लड शुगर स्तर कम होता है तो आपको डायबिटीज होने का खतरा कम होता है लेकिन खून में शुगर स्तर बढने से मधुमेह होने का खतरा बढ जाता है। तनाव के कारण बच्चे भी मधुमेह का शिकार हो रहे हैं। 

 

तनाव के कारण – 

 

जीवनशैली - पूरी तरीके से बदली हुई जीवनशैली तनाव का सबसे प्रमुख कारण है। अनियमित दिनचर्या के कारण लोग अपने स्वास्‍थ्‍य का ध्यान नहीं रख पाते हैं जिसके कारण कई बीमारियां शुरू हो जाती हैं। समय से न सो पाने और देर से उठने के कारण भी तनाव होता है। 

 

काम का दबाव - कंपटीशन की जिंदगी में हर कोई सबसे आगे निकलना चाहता है। इसके लिए आदमी ऑफिस और बिजनेस में ज्यादा काम करता है। काम के दबाव के कारण तनाव होना लाजमी है। 

 

खान-पान – खाद्य-पदार्थों के रूप में फास्ट फूड का ज्यादा मात्रा में प्रयोग भी तनाव का कारण बनता है। फास्ट फूड खाने के कारण शरीर और दिमाग को भरपूर पोषण नहीं मिल पाता है जिसके कारण तनाव शुरू होता है। 

 

जिम्मेदारी – पारिवारिक जिम्मेदारी भी तनाव का प्रमुख कारण है। कई बार घर की जरूरतों को पूरा करते-करते आदमी के ऊपर ज्यादा दबाव बढ जाता है। बच्चों की जरूरतें भी तनाव का कारण बनती हैं। 

 

तनाव दूर करने के कुछ तरीके – 

 

तनाव से लडें – जब ज्यादा तनाव हो तो उसे कम करने की कोशिश कीजिए। पहले यह सोचिए कि आप किस वजह से तनाव में हैं। अगर घर में परिवार में तनाव का माहौल है तो कुछ समय के लिए उस माहौल को छोड दीजिए। 

 

गुस्सा मत कीजिए- काम के बोझ और लोगों के व्यवहार के कारण कभी-कभी न चाहते हुए भी गुस्सा आ जाता है। आप कोशिश कीजिए कि गुस्सा न हों। अगर गुस्से वाली कोई स्थिति उत्पन्न हो जाए तो उसे टालने की कोशिश किजिए। 

 

ज्यादा खाना न खाएं – कुछ लोग तनाव में ज्यादा खा लेते है। इसलिए ज्यादा मात्रा में खाना खाने से बचने की कोशिश कीजिए। 

 

व्यायाम और योगा – ध्यान और योगा से शरीर और मन दोनों को सुकून मिलता है। हर रोज सुबह-सुबह योगा और व्यायाम करने की आदत डालिए इससे शरीर को एनर्जी मिलेगा और दिमाग शांत रहेगा। 

 

हंसना और संगीत – तनाव की स्थिति में हंसने की कोशिश कीजिए। खुश रहने से दिमाग शांत होता है। मन को बहलाने वाला संगीत सुनिए। 

 

प्लान बनाइए – अपने हर काम को करने के लिए एक नियमित प्लान बनाइए। सबसे पहले जो ज्यादा जरूरी हो उस काम को निपटाइए। इससे दिमाग पर ज्यादा दबाव नहीं बनेगा। 

 

भागदौड भरी जिंदगी में तनाव को एकदम से समाप्त‍ तो किया नहीं जा सकता है लेकिन तनाव को कम किया जा सकता है। अगर इन नियमों को अपनाकर भी आपका तनाव समाप्त नहीं हो रहा है तो आप चिकित्सक से संपर्क कीजिए, नहीं तो आप मधुमेह का शिकार हो सकते हैं। 

 

 

 

 

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES6 Votes 13336 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर