सर्वाइकल कैंसर से बचना हैं तो सजग रहें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 17, 2015
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Quick Bites

  • ह्यूमन पैपीलोमा वायरस के कारण होता है।
  • बच्चेदानी के मुख में होने वाला कैंसर है।
  • खानपान भी बहुत हद तक जिम्‍मेदार होता है।
  • हमेशा साफ-सफाई का खास ख्याल रखें।

सर्वाइकल कैंसर आज महिलाओं में होने वाली एक आम बीमारी हो गई है। ये जितनी आम है उतनी ही खतरनाक भी। इसे बच्चेदानी, गर्भाशय या फिर यूट्राइन सर्विक्स कैंसर भी कहा जाता है। सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपीलोमा वायरस (एचपीवी) के कारण होता है।

दो साल पहले के आंकडों पर गौर करें तो भारत में लगभग 74 हजार से अधिक महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर से होती है और दुनिया में लगभग 2 लाख 73 हजार महिलाओं की मौत इस कैंसर की वजह से होती है। हालांकि एक्‍सरसाइज के जरिए इसकी गंभीरता को कम किया जा सकता है। सर्वाइकल कैंसर से छुटकारा पाने के लिए सजग ही है बचाव। आइए जानें कैसे सजग रहकर सर्वाइकल कैंसर से बचा जा सकता है।

cervical cancer in hindi

साफ-सफाई का खास ख्याल रखें

सर्वाइकल कैंसर बच्चेदानी के मुख यानी सर्विक्स में होने वाला कैंसर है। यह बच्चेदानी के भीतरी व बाहरी किसी भी सतह पर हो सकता है। थोड़ी सी अवेयरनेस और सावधानी सर्वाइकल कैंसर से बचाव कर सकती है। हमेशा साफ-सफाई का खास ख्याल रखें।

समय पर टेस्‍ट करवायें

थोड़ी सी परेशानी होने या दर्द होने पर महिलाएं पर पेटेस्ट, एचपीवी टेस्ट व कोल्पोस्कोपी टेस्ट करवाएं। जिससे आने वाले खतरे को पहचान उसका समय पर इलाज करवाया जा सकें।


शारीरिक संबंध के समय सावधानी     

समय से पहले शारीरिक संबंध न बनाएं। सर्वाइकल कैंसर यौन संबंध बनाने से भी होता है, इसलिए सेक्‍स संबंध बनाते वक्‍त कंडोम का प्रयोग कीजिए। इसके अलावा यदि आप एक से अधिक पार्टनर से यौन संबंध बना रही हैं तब भी यह वायरस फैलने का खतरा बना रहता है, ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है।

खानपान पर ध्‍यान दें

सर्वाइकल कैंसर के फैलने के लिए खानपान भी बहुत हद तक जिम्‍मेदार होता है। यदि आपकी डायट चार्ट में ताजे फल और हरी सब्जियों का अभाव है तो सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अपने आहार में स्‍वस्‍थ और ताजे फलों को शामिल कीजिए। और साथ ही आहार में विटामिन युक्त भोजन को प्राथमिकता दें।

cervical cancer patient with doctor in hindi

निदान होने पर डरें नहीं   

सर्वाइकल कैंसर का निदान होने पर डरें नहीं, पूरा इलाज करवाएं और डॉक्टर से पूरी जानकारी लें। यह कैंसर होने पर सर्जरी, कीमोथैरेपी व रेडियो थैरेपी के माध्यम से इलाज किया जाता है। सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों को पता करके भी आप सर्वाइकल कैंसर से बच सकते हैं। किसी भी कैंसर का पता अगर शुरूआत में ही लग जाए, तो उस पर काबू पाया जा सकता है, ऐसे में लापरवाही बरतना भी ठीक नहीं होगा ।

सावधानियां बरतें -

  • शारीरिक संबंध बनाते समय अत्यधिक दर्द व ब्लीडिंग होने और मासिक धर्म के अनियमित और अधिक रक्त स्राव होने को हल्के में न लेकर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
  • यूरीन पास करने में परेशानी होना, जलन होना, सफेद तरल पदार्थ का अत्यधिक मात्रा में रिसाव होना, कमर, पैरों में दर्द इत्यादि भी सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों में आते है।
  • कई महिलाएं सोचती हैं कि युवावस्था में इस तरह के कैंसर होना संभव नहीं लेकिन सर्वाइकल कैंसर 20 वर्ष की उम्र में भी हो सकता है।
  • इस कैंसर का इलाज संभव है, बशर्तें डॉक्टर के निर्दशानुसार ट्रीटमेंट लिया जाए तो।


 
Image Source : Getty

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