छठ पूजा में रखें व्रत, पाएं तेज दिमाग और स्वस्थ तन-मन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 03, 2016
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Quick Bites

  • छठ पूजा सूर्योपासना का अनुपम लोकपर्व है।
  • इसमें अस्‍त होते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है।
  • विषाक्‍त पदार्थों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है।
  • आप और अधिक ऊर्जावान महसूस करते हैं।

छठ कार्तिक शुक्ल की षष्ठी को मनाया जाने वाला एक हिन्दू पर्व है। सूर्योपासना का यह अनुपम लोकपर्व मुख्य रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश और खासकर बिहार में मनाया जाता है। प्रायः हिंदुओं द्वारा मनाए जाने वाला यह पर्व धीरे-धीरे भारतीयों के साथ-साथ विश्वभर में प्रचलित हो गया है। छठ पर्व केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महापर्व है जो कुल चार दिन तक चलता है। नहाय खाय से लेकर उगते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य देने तक चलने वाले इस पर्व का अपना महत्व है।
chhath puja in hindi
यह बहुत पुराना त्यौहार है। इस दिन भगवान सूर्य और छठी मैया (सूर्य भगवान की पत्नी ऊषा) की पूजा की जाती है। माना जाता है कि अस्‍त होते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा से हर तरह की परेशानी दूर होती है, फिर समस्‍या सेहत से जुड़ी हुई क्‍यों न हो। छठ पूजा से कई प्रकार के रोग दूर होते है। आंखों और त्वचा के लिए इसे विशेष-तौर पर लाभदायक माना जाता है। आइए इस आर्टिकल के माध्‍यम से छठ पूजा व्रत के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ की जानकारी लेते हैं।

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शरीर को डिटॉक्‍स करें

विषाक्‍त पदार्थ हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं, और छठ पूजा का व्रत शरीर से विषाक्‍त पदार्थों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। डिटॉक्सिफाई वायु प्रवाह को नियमित करने में मदद करता है और आपको अधिक ऊर्जावान बनाता है। यह तर्क बहुत ही सरल है। शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों से लड़ने में अपनी ज्‍यादा ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। लेकिन, इस तरह के प्राणायाम, ध्यान, योग आदि और छठ प्रथा के व्र जैसे विषनाशक तरीकों का उपयोग कर, शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों की मात्रा काफी हद तक कम की जा सकती है।

इस प्रकार छठ पूजा में किये जाने वाले व्रत से विषाक्त पदार्थों की मात्रा में कमी के साथ, ऊर्जा का व्यय भी कम हो जाता है और आप और अधिक ऊर्जावान महसूस करते हैं। इससे आपकी त्वचा युवा और स्वस्थ लगती है, आपकी दृष्टि में सुधार होता हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करती है।


हार्मोन के स्राव में मददगार

छठ पूजा के दौरान गाएं जाने वाले लोक गीत मन और आत्‍मा को शांत करते हैं। लोक गीतों से प्राप्‍त सौर ऊर्जा शरीर की ऊर्जा की आवश्‍यकताओं को पूरा करती है। इससे शरीर को डिटॉक्‍स और स्‍वस्‍थ रहने में मदद मिलती है। व्रत की अवधि के दौरान रक्‍त प्रवाह द्वारा सौर ऊर्जा के अवशोषण से सफेद रक्‍त कोशिकाओं के कार्य में सुधार होता है। साथ ही सौर ऊर्जा हमारी ग्रंथियों को प्रभावित कर हार्मोन के स्राव के संतुलन को सक्रिय करने का काम भी करती है।



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मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य

छठ पूजा मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। पूजा प्रक्रिया के दौरान, एक रचनात्मक शांति मन में प्रबल होती है जो नकारात्मक ऊर्जा को शरीर से दूर करती है। यह प्राणिक प्रवाह को नियमित कर ईर्ष्या, क्रोध, और अन्य नकारात्मक भावनाओं को नियंत्रित करती है। इसके अलावा धैर्य और ईमानदारी से करने से, अन्‍य मानसिक शक्तियां जैसे चिकित्सा, अंतर्ज्ञान और टैलिपैथी जागृत होती हैं।


एंटीसेप्टिक प्रभाव

इस व्रत में आप काफी समय तक सूर्य के प्रकाश के सामने रहते हैं, इससे सूर्य की किरणों का सुरक्षित विकिरण आपकी त्वचा में मौजूद फंगल और बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन को दूर करने में मदद करता है।

इस तरह से छठ पूजा का व्रत धार्मिक महत्‍व के साथ-साथ तेज दिमाग और स्वस्थ तन-मन पाने में भी मदद करता है।

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Image Source : Getty

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