काफी हद तक सटीक हो सकती है ईपीटी गर्भवस्‍था जांच किट

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 27, 2012
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Quick Bites

  • आजकल गर्भावस्‍था की जांच के लिए ईपीटी का प्रयोग करना आम है।
  • इस किट के कई फायदे होते हैं और यह आसानी से उपलब्‍ध हो जाती है।
  • ईपीटी किट यूरीन में एचसीजी हार्मोन की मौजूदगी की पुष्टि करती है।
  • प्रेग्‍नेंसी के 10 दिन बाद इसका प्रयोग करने से रिजल्‍ट आते हैं पॉजिटिव।

आजकल गर्भावस्‍था की जांच के लिए ईपीटी का प्रयोग करना आम हो गया है। ज्‍यादातर महिलाएं गर्भवती होने की आशंका होने पर गर्भावस्‍था जांच किट का प्रयोग करती हैं। इस किट के कई फायदे होते हैं और यह बड़ी ही आसानी से उपलब्‍ध भी हो जाती है।

EPT Pregnancy Testइसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इस टेस्‍ट को बड़ी ही आसानी ने घर पर ही किया जा सकता है। इस किट के जरिए कई बार महिलाएं एकदम सटीक जानकारी प्राप्‍त करती हैं। लेकिन कई मामलों में इस मशीन का प्रयोग नकारात्‍मक होता है। आइए हम आपको बताते हैं कि ईपीटी गर्भावस्‍था जांच किट कितनी सटीक होती है।


ईपीटी की विश्‍वसनीयता

ईपीटी किट यूरीन में एचसीजी हार्मोन के स्‍तर को ढूंढ कर गर्भावस्‍था की पुष्टि करती है। लेकिन कुछ मामलों में इसके परिणाम निगेटिव आते हैं। गर्भधारण करने के लगभग दस दिन बाद अगर यह किट प्रयोग किया गया तो परिणाम पॉजिटिव आता है। लेकिन समय से पहले इसका इस्‍तेमाल करने से एचसीजी हार्मोन के उचित स्‍तर का पता इस किट के जरिए नहीं हो पाता है।

इसके अलावा अगर कोई महिला पहले से ही किसी बीमारी से ग्रस्‍त है और दवाइयों का प्रयोग कर रही है तो इसके परिणाम नकारात्‍मक ही आते हैं। गर्भपात के बाद भी गर्भवती होने के सामान्‍य लक्षण दिखायी देते हैं। गर्भावस्‍था के बाद अगर महिला का गर्भपात हो जाए तो भी एचसीजी हार्मोन यूरीन के जरिए बाहर आता है। ऐसे में किट के जरिए तो यह पता चल जाता है कि महिला गर्भवती है लेकिन अन्‍य मेडिकल जांचो के दौरान गर्भवस्‍था की सही स्थिति का पता चल‍ता है।

 

ईपीटी टेस्‍ट अगर निगेटिव हो

महिलाएं मां बनने की खुशी में अक्‍सर जल्‍दबाजी में प्रेगनेंसी टेस्‍ट किट का प्रयोग करती हैं जिसके कारण ईपीटी टेस्‍ट किट सही जानकारी नहीं दे पाता है और टेस्‍ट निगेटिव आता है। ऐसे में ज्‍यादा घबराने की जरूरत नहीं है। आप दोबारा फिर से करीब 72 घंटे के बाद टेस्‍ट कर लीजिए। गर्भवती होने के लगभग दस दिन बाद प्रेगनेंसी किट का प्रयोग किया जाए तो परिणाम सटीक होते हैं। कभी-कभी गर्भावस्‍था जांच किट भी सही परिणाम नहीं दे पाती है जिसके कारण गलत परिणाम निकल सकते हैं। 

 

ईपीटी टेस्‍ट अगर पॉजिटिव हो

कई बार इस किट के जरिए गर्भावस्‍था की सही स्थिति का पता नहीं चल पाता है। इसलिए अगर घर पर ही गर्भावस्‍था जांच किट के प्रयोग के बाद अगर परिणाम सकारात्‍मक आता है तो उसकी पुष्टि के लिए एक बार डॉक्‍टर के पास जांच अवश्‍य करा लीजिए। कभी-कभी बच्‍चा होने के कुछ दिन बाद अगर गर्भवती होने के संकेत दिखते हैं और आपने इस किट का प्रयोग किया है तो परिणाम पॉजिटिव आते हैं। क्‍योंकि डिलीवरी और गर्भपात के बाद भी एचसीजी हार्मोन यूरीन के जरिए स्रावित होता है।

 

गर्भवती होने की पुष्टि के लिए ईपीटी जांच किट पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जाता है। लेकिन इसके परिणामों को नजरअंदाज भी नही किया जा सकता है। इसलिए प्रेगनेंसी टेस्‍ट किट के प्रयोग के बाद भी चिकित्‍सक से संपर्क अवश्‍य कर लीजिए।

 

 

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