किशोर गर्भावस्‍था में हो सकती है संक्रमण और पोषण संबंधी परेशानी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 21, 2012
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Quick Bites

  • बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है बुरा असर।
  • मां को रहता है संक्रमण का खतरा।
  • पोषण संबंधी समस्‍यायें कर सकती हैं परेशान।
  • कम उम्र में मां बनने से महिला की जान को खतरा।

किशोर गर्भावस्था के कारण नवजात शिशु में स्‍वास्‍थ्‍य समस्याएं होने की आशंका बढ़ जाती हैं और भी कई तरह के नुकसान किशोरावस्था में गर्भधारण करने से होते हैं।

किशोर गर्भावस्‍था की समस्‍यायें
किशोर गर्भावस्‍था के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैं। 19 साल से कम उम्र की किशोरी द्वारा बच्चे को जन्म देना जज्‍चा और बच्‍चा दोनों के लिये खतरनाक हो सकता है। हमारे देश में उच्च मातृ-मृत्यु दर तथा उच्च शिशु मृत्यु दर का एक प्रमुख कारण, कम उम्र में किशोरियों द्वारा गर्भधारण तथा बच्चे को जन्म देना है।

किशोरावस्था में गर्भधारण करने के कई नुकसान होते है। इस दौरान गर्भकाल में देखभाल ठीक से नहीं हो पाती! आइए जानें किशोर गर्भावस्था से जुडी परेशानियां।

 

किशोर गर्भावस्‍था से जुड़ी परेशानियां

 

कम भार के शिशु का जन्म

किशोरावस्था में गर्भ धारण से नवजात शिशु का भार सामान्य महिलाओं के नवजात शिशुओं की अपेक्षा कम होता है जो कि बच्चे के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक हैं। किशोर गर्भवतियों द्वारा अपरिपक्व शिशु और कम भार के शिशु को जन्म देने की संभावना ज्यादा होती है जिससे नवजात शिशु मृत्यु जैसे गंभीर खतरे जुड़े होते हैं।

 

 

लंबाई एवं ऊंचाई

जिन किशोर लड़कियों का गर्भावस्था के समय वजन 37 किलोग्राम से कम तथा ऊंचाई 145 से.मी. से कम होती है उन्हें गर्भावस्था में जोखिम के दायरे मे माना जाता है क्योंकि इस स्थिति में उनके शारीरिक ढांचे का विकास हो ही रहा होता है। जिससे डिलिवरी के समय बाधा उत्त्पन हो सकती है जो मां और बच्चे दोनो के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।

 

संक्रमण

किशोरियों में संक्रमण का खतरा प्रसव संबंधी कारण ज्‍यादा होता है। यह खतरा उस हालत मे और अधिक बढ जाता है जब डिलिवरी डाक्‍टर की देख-रेख के बिना या सही जगह पर नही होती है। इस दौरान टेटनस और बैक्‍टीरिया से उत्‍पन्‍न संक्रमण का खतरा और अधिक हो जाता है।

 

पोषण

गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त पोषण की आवश्यकता होती है परन्तु हमारे देश में करोडो लड़कियां कुपोषण तथा खून की कमी वाली स्थिति में बच्चे को जन्म देने के लिए बाध्य होती हैं। जो बच्चा व माता दोनो के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है। युवा अवस्था मे शरीर को ज्‍यादा पोषण की आवश्यकता होती है तथा इसी दौरान गर्भधारण करने से, गर्भ व मां दोनो को एक साथ बराबर पोषण दे पाना कठिन हो जाता है।

 

लम्‍बे समय तक स्वास्थ्य समस्याएं

किशोरावस्था में गर्भधारण करने से इस दौरान होने वाली समस्याएं किशोरी को लंबे समय तक प्रभावित कर सकती है। जैसे-प्रजनन तंत्र को नुकसान पहुंच सकता हैं। प्रसव के दौरान होने वाली पीड़ाएं स्थायी रह सकती हैं। किसी प्रकार का संक्रमण हो सकता हैं या फिर गर्भाशय के फटने की आशंका भी रहती हैं।

 

गर्भपात

किशोरावस्था में गर्भधारण कई बार चिंता का कारण बन जाता है और गर्भपात तक कराना पड सकता है जो कि किशोरी के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक हो सकता हैं। स्वास्थ्य समस्याओं के साथ-साथ कई बार मौत का कारण भी बन सकता है।

 

 

 

 

 

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