किशोर गर्भावस्‍था और शिशु के जन्‍म से जुड़े हुए सात दुष्‍प्रभाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 21, 2013
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • भविष्‍य की योजनाओं पर असर डालती है किशोर गर्भावस्‍था।
  • कम उम्र में शिशु को जन्‍म देने से हो सकती है सामाजिक उपेक्षा।
  • पीढ़ी दर पीढ़ी गरीबी का कारण बन सकती है टीनएज प्रेग्‍नेंसी।
  • महिला के शिक्षा व कैरियर पर असर डालती है किशोर गर्भावस्‍था।

कम उम्र में गर्भावस्‍था का असर किशोरी पर मा‍नसिक और शारीरिक दोनों रुप से पढ़ता है। जल्‍द शादी होने का असर यह होता है कि वे समय से पहले मां बन जाती हैं, जो कि उनकी सेहत को स‍बसे ज्‍यादा प्रभावित करता है।

bet effect of teenage pregnancy

किशोर गर्भावस्‍था और मां बनने का असर कई बार सामाजिक रुप से भी पड़ता है। हमारे समाज में शादी से पहले मां बनना स्‍वीकार्य नहीं है, ऐसी युवती समाज की नजर में गिर जाती है। यूं तो किशोर गर्भावस्‍था के बहुत से दुष्‍प्रभाव होते हैं, लेकिन हम यहां बात करते हैं टीनएज प्रेग्‍नेंसी के सबसे ज्‍यादा पड़ने वाले दुष्‍प्रभावों के बारे में।

 

किशोर गर्भावस्‍था के सात दुष्‍प्रभाव

कम उम्र में किशोरी का गर्भ धारण करना या मां बनना उसे मानसिक और शारीरिक दोनों रुप से प्रभावित करता है। ऐसे में कई बार किशोरी डिप्रेशन तक का शिकार हो जाती है या किसी गंभीर बीमारी से भी ग्रस्‍त हो जाती है। इसलिए जहां तक संभव हो कम उम्र में शिशु को जन्‍म देने से बचना चाहिए।

 

भविष्‍य की योजनाओं पर असर

किशोर गर्भावस्था का समस माता एवं शिशु दोनों के लिए जोखिम भरा होता है। छोटी उम्र में मां बनने से युवती के जीवन की सभी योजनाएं प्रभावित हो जाती हैं। इससे उसके खुद और परिवार के विकास में बाधार आती है, चाहे वह शिक्षा संबंधी हो या नौकरी संबंधी या जीवन यापन के अन्य अवसर से जुड़ी हुई।

 

सामाजिक उपेक्षा का सामना

समाज में विवाह के पहले यौन सक्रियता की अनुमति नहीं है। इस हालात में यदि कोई लड़की गर्भवती हो जाती है तो उसे सामाजिक उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। ऐसी युवतियों को सामाजिक, आर्थिक व मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार युवा किशोरियों को शिक्षा व संसाधनों के अभाव में अपने तथा बच्चों की जीविका के लिए अनैतिक कार्यों तक का सहारा लेना पड़ जाता है।

 

गरीबी का कारण

गरीबी के पीढ़ी-दर पीढ़ी चक्र को जन्म देती है किशोर गर्भावस्‍था। कम उम्र में गर्भ ठहरने से भविष्‍य की योजनाओं पर असर पड़ता है। इससे उनके आर्थिक स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अनुभवहीन माता-पिता अपने बच्चों का उचित लालन-पालन करने में सक्षम नहीं होते। उन्हें अपने किशोर बच्चों को या तो कार्य करने के लिए बाध्य करना पड़ता है या फिर उनकी भी कम उम्र मे शादी कर देते हैं।

 

डिलिवरी में परेशानी

किशोर गर्भावस्था को जोखिम के दायरे मे माना जाता है। इस उम्र में किशोरी का पूरी तरह से शारीरिक विकास नहीं हो पाता। उनकी कमर की हड्डियां इस उम्र में पूरी तरह विकसित नहीं हो पाती। इसका परिणाम यह होता है कि डिलिवरी के समय परेशानी होती है, जो बच्चे के साथ ही मां के स्वास्थ्य के लिए भी घातक है।

 

पोषण की कमी

गर्भावस्था में शिशु के लिए पर्याप्‍त पोषण की आवश्यकता होती है और साथ ही युवा अवस्था में शरीर को भी पोषण की जरूरत होती है। कम उम्र में गर्भ धारण करने से गर्भ व माता के शरीर के विकास के लिए उचित पोषण प्रदान करा पाना मुश्किल हो जाता है।

 

दीर्घकालिक समस्याएं

किशोरावस्था में डिलिवरी के समय होने वाली समस्याएं शिशु के जन्म के बाद भी बनी रह सकती हैं। डिलिवरी के समय होने वाली पीड़ा स्थायी रुप से प्रजनन तंत्र को क्षति पहुंचा सकती है। इसके अलावा बहुत सारी दीर्घकालिक समस्याएं जैसे गर्भाश्‍य का फटना, संक्रमण और स्त्री प्रसूति संबंधी समस्याएं भी पैदा हो सकती है।

 

नौकरी के अवसरों की कमी

कम उम्र में मां बनने का असर यह होता है कि ऐसी महिलाओं की पढ़ाई पूरी नहीं हो पाती। पढ़ाई में कमी का असर यह होता है कि महिला को अच्‍छी नौकरी नहीं मिल पाती। भविष्‍य में भी उसे नौकरी के अच्‍छे अवसर नहीं मिलते, साथ ही इसका असर पगार पर भी पड़ता है।

लड़कियों को शिक्षा के समान अवसर मुहैया कराए जाने चाहिए। कहा भी जाता है कि अगर एक पुरुष को शिक्षित किया जाए तो आप वह अकेला शिक्षित होता है वहीं महिला को शिक्षित करने से पूरा परिवार शिक्षित होता है।

 

 

 

 

Read More Articles on Teenage Pregnancy in Hindi


Write a Review
Is it Helpful Article?YES3 Votes 42583 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर