आपकी नौकरी पर भी असर डालती है किशोर गर्भावस्‍था

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 11, 2012
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Quick Bites

  • कामकाजी महिलाओं के लिए चुनौती भरा होता गर्भावस्‍था का समय।
  • नौकरी के अच्‍छे अवसरों पर विपरीत प्रभाव डालती है किशोर गर्भावस्‍था।
  • ऑफिस में काम के दौरान खड़े रहना या बैठना भी होता है घातक।
  • मौजूदा नौकरी में भी प्रदर्शन पर असर डालती है किशोर गर्भावस्‍था।

किशोर गर्भावस्‍था यानी युवती का 19 वर्ष से कम उम्र में मां बनना। मां के लिए बच्‍चे की परवरिश करना एक बड़ी जिम्‍मेदारी है, कामकाजी महिलाओं के लिए इस दौर से गुजरना ज्‍यादा चुनौती भरा होता है।

effect on job in teenage pregnancy

बच्‍चे के जन्‍म के बाद अतिरिक्‍त जिम्‍मेदारी आ जाती है। कम उम्र में मां बनने का विपरीत असर महिला के करियर पर भी पड़ सकता है। कम उम्र में जिम्‍मेदारियों का अतिरिक्‍त बोझ आपके करियर की गाड़ी को पटरी से उतार सकता है। किशोर गर्भावस्‍था पारिवारिक एवं निजी जीवन के साथ ही आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करती है। सरकार की तरफ से कानून बनाएं जाने के बाद भी किशोरी के मन में अपने और बच्‍चे के भविष्‍य को लेकर चिंता बनी रहती है।


कई शोध से यह बात सामने आई है कि किशोर गर्भावस्‍था से नौकरीपेशा युवती प्रभावित होती है। किशोर गर्भावस्था से शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। कम उम्र में शादी के चलते युवती की पढा़ई पूरी नहीं हो पाती और नतीजतन अच्‍छी नौकरी के अवसर भी कम हो जाते हैं। कई बार कम उम्र में शादी करने के बाद युवती घर- परिवार तक ही सीमित रह जाती है या फिर उन्‍हें कम पगार में नौकरी करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

किशोर गर्भावस्‍था का नौकरी पर असर

नौकरी पेशा युवतियों के कैरियर पर किशोर गर्भावस्‍था कई तरह से असर डालती है। इसके कुछ असर निम्‍न लिखित हैं।

अच्‍छे अवसरों की कमी

अच्‍छी नौकरियों के अवसर मिलने पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है किशोर गर्भावस्‍था। साथ ही इससे मौजूदा नौकरी में भी प्रदर्शन पर असर पड़ता है। रिटेल और सेल्‍स सेक्‍टर में ज्‍यादा देर तक खड़े रहना पड़ता है। ऐसे में इस फील्‍ड में काम करने वाली महिलाओं को खासी दिक्कत होती है। गर्भावस्‍था के अंतिम दिनों में महिला को खड़े रहने में बहुत परेशानी होती है।

तनाव की समस्‍या

यदि कोई किशोर गर्भवती महिला ऐसी जगह पर नौकरी करती है जहां पूरे समय एक ही जगह पर बैठे रहना पड़ता है। गर्भवती को एक ही जगह लंबे समय तक बैठे रहने के कारण थकान हो जाती है। इसके साथ ही यदि किशोर गर्भवती नौकरी के साथ पढ़ाई भी करती है तो उसे दोहरे तनाव का सामना करना पड़ता है। कम उम्र में नौकरी और परिवार के बीच सामंजस्‍य बना पाना किशोरी के लिए मुश्किल होता है।

 

किशोर गर्भावस्‍था में युवती मानसिक रूप से बच्‍चे को जन्‍म देने के लिए तैयार नहीं होती। इस कारण वह तनाव में रहती है और उसका परिवार के साथ ही ऑफिस में लोगों से सही तालमेल नहीं बैठ पाता। गर्भावस्‍था के कारण ही वह बेहतर मौके आने पर भी उन्‍हें स्‍वीकार नहीं कर पाती।

 

 

 

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