किडनी के कैंसर का पूर्वानुमान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 24, 2009
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kidney cancer ka purvanuman

गुर्दा के कैंसर में गुर्दे की कोशिकाओं की एक असामान्य वृद्धि होती है,जो वास्तव में गुर्दे ऊतक में एक ट्यूमर बन जाता है। गुर्दे के कैंसर के विभिन्न प्रकार हैं, जिनमें से सबसे साधारण बच्चों में विल्म ट्यूमर और वयस्कों में गुर्दे के सेल का कार्सिनोमा(हाईपरनेफ्रोमा भी कहा जाता है) होना होता है।


अक्सर मूत्र के साथ खून आना या मूत्र का रंग रतुआ या गाढ़ा लाल है। यदि आप के पेट में दोनों तरफ लगातार टीस के साथ दर्द हो रहा है, तो आपको बिना देरी किये अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए क्योंकि यह आपके शरीर में छिपा हुआ कैंसर हो सकता है, जो कि खतरनाक ढंग से आपके गुर्दों को अपनी चपेट में ले रहा हो। हल्का बुखार, लगातार वज़न कम होना, लगातार थकान महसूस होना और मितली आना, ये सारे लक्षण बताते हैं कि आपके गुर्दे के साथ सब कुछ ठीक नहीं है। ऊपर बताये गए लक्षणों और पेट के दोनों तरफ गाँठ की उपस्थिति यह बताने के लिए पर्याप्त है कि आपके गुर्दे में कार्सिनजेनिक कोशिकाएं विकसित हो रही हैं, जो कि आपके स्वास्थ्य और जीवन के लिए खतरा हैं।



हालांकि गुर्दा कैंसर विकसित होने का सही कारणों की पहचान नहीं हो पाई है, विभिन्न जोखिम कारकों में ये शामिल हैं:

  •    धूम्रपान: यह सर्वसाधारण और सबसे शक्तिशाली प्रेरणा का कारक है।
  •    रसायनों से संपर्क: लंबे समय तक अभ्रक, सीसा और कैडनियम की तरह कुछ रसायनों के संपर्क से गुर्दे के कैंसर के खतरे को बढ़ सकता है।
  •    क्रोनिक किडनी रोग, गुर्दे की विफलता, पॉलिसिस्टिक रोग, डायलिसिस, लंबे समय से उच्च रक्तचाप में भी खतरा हो सकता है।
  •    कुछ दवाएँ: एनएसआईडी का लम्बे समय तक उपयोग करना, जो कि अधिकतर सामान्यतः दर्दनाशक और बुखार कम करने के लिये इस्तेमाल होने वाली दवाओं से गुर्दे के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती हैं।
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