खुद खाएं सब्‍जी, तो बच्‍चा भी खाएगा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 21, 2012
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

khud khayen sabji to bachha bhi khayega

आमतौर पर बच्‍चे फल-सब्‍जी के नाम पर नाक-भौं सिकोड़ने लगते हैं। माता-पिता को इन बच्‍चों को पौष्टिक पदार्थ खिलाने के लिए काफी मशक्‍कत करनी पड़ती है। तो, क्‍या आप जानना चाहेंगे कि कैसे आप अपने बच्‍चों को फल-सब्‍जी खिलाना चाहते हैं, लीड्स यूनिवर्सिटी का हालिय अध्‍ययन इस समस्‍या का संभावित हल लेकर आया है।

अपने बच्‍चे को पौष्टिक चीजों का सेवन की चाह हर माता-पिता को होती है। लेकिन, बच्‍चों को पसंद आता है फास्‍ट फूड, जिसमें पौष्टिकता के नाम पर तो कुछ होता नहीं, उल्‍टे इन्हें खाने से मोटापा व अन्‍य बीमारियां होने का खतरा रहता है। लेकिन, इतना सब जानते हुए भी आप अक्‍सर खुद को असहाय महसूस करते हैं।

 

[इसे भी पढें- फल-सब्जियां बचाएंगी कैंसर से]


लेकिन लीड्स यूनिवर्सिटी का हालिया अध्‍ययन इसमें आपकी मदद कर सकता है। इस अध्‍ययन में कहा गया है कि जो माता-पिता हफ्ते में दो से तीन बार अपने परिवार के साथ भोजन करते हैं, अमूमन उनके बच्‍चे फल-सब्जियां खाने के नाम पर नाक-भौं नहीं सिकोड़ते। अध्‍ययन में अभिभावकों को सुझाव दिया गया है कि अगर वे अपने बच्‍चे को अधिक मात्रा में फल-सब्जियां खिलाना चाहते हैं तो खुद भी इन आदतों का पालन करें। 

 

[इसे भी पढें- कब कौन सा फल खाएं]

तो अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्‍चे पौष्टिक भोजन को अपने पसंदीदा फास्‍ट फूड पर तरजीह दें, तो इसकी जिम्‍मेदारी आप ही की है। आपको न सिर्फ उनके साथ खाना खाने के लिए वक्‍त निकालना पड़ेगा, बल्कि खुद भी उसी तरह का भोजन खाना होगा।

 

Read More Articles on Health News in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES1 Vote 2638 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर