कैसे रखें याददाश्त को दुरुस्त

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 27, 2012
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उम्र के साथ याददाश्त पर असर पड़ना स्वभाविक प्रक्रिया मान लिया जाता है लेकिन, काम के तनाव और अनियमित जीवनशैली का प्रतिकूल प्रभाव न सिर्फ हमारे शारीरिक स्वास्थ्‍य पर बल्कि मानसिक स्वास्‍थ्‍य पर भी पड़ने लगा है। नींद पूरी न होना। व्या‍याम न करना। जंक फूड पर बढ़ती निर्भरता को युवा वर्ग ने अपनी आदत बना ली है नतीजा नींद कम और चिडचिडापन। लेकिन कुछ आसान से टिप्स अपनाकर याददाश्त को दुरुस्त रखा जा सकता है।

 

याददाश्त को दुरुस्त‍ करने के कुछ उपाय

1. फल- फाइबर और एंटीऑक्सीकडेंट्स से भरपूर ताजा फल समरण शक्ति को बढाने के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। सेब और ब्लूंबैरी खाने से आपमें छोटी-छोटी चीजों को भूलने की बीमारी दूर होती हैं।

2. ऑलिव ऑयल- ऑलिव ऑयल में मानोसेच्युसरेटेड फैट्स की पर्याप्त मात्रा होती है, जिनसे रक्त-शिराओं की सक्रियता बढ़ती है। रक्त शिराओं में सक्रियता से याददाश्त बढ़ती है।  

3. बादाम- बादाम में मौजूद पोषक तत्व याददाश्त बढ़ाने के लिए अच्छे होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार प्रतिदिन सुबह भिगोकर 5 बादाम खाने से याददाश्त मजबूत होती है।   

4. हर्ब- मेंहदी के पत्तों में इतनी ताकत होती है कि यह आदमी की खोई हुई याददाश्त को भी वापस ले आए। इसकी खुशबू में कारनोसिक एसिड पाया जाता है जो दिमाग की मासपेशियों को उत्तेजित करता है।

5. सब्जि़यां- सब्जियों का प्रयोग करके भी आप याददाश्त को दुरुस्त रख सकते है। दिमाग तेज़ करने के लिए अपने खाने में बैगन का प्रयोग जरुर करें। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व मस्तिष्क के टिशू को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। चुकंदर और प्याज़ भी दिमाग बढाने में उपयोगी हैं। जिन्हें भूलने की बीमारी है उन्हें अगर खूब हरी सब्जियां खिलाईं जाएं फायदा होगा।

6. मछली- मछली को ब्रेन फूड भी कहा जाता हैं क्योंकि इसके तेल में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है जो याददाश्त और कंसंट्रेशन में बहुत फायदेमंद होता है। फिश ऑयल पाया जाने वाला पोषक तत्व आपकी उम्र को जवां बनाने के साथ-साथ दिमाग को भी बढाता है।

7. विटामिन्स - विटामिन ई और सी की पर्याप्त मात्रा कंसन्ट्रेशन और स्मरण शक्ति के लिए फायदेमंद है। सोयाबीन ऑयल, दाल, ओट, ताजा हरी सब्जियां, खट्टे फल, फ़िश, बींस, फ्लैक्स सीड्स जैसे खाद्य पदार्थो में विटमिन ई भरपूर मात्रा में होता है।

इन सब के अलावा कुछ अन्य उपाय भी है जिनको अपनाकर आप अपनी याददाश्त को दुरुस्त कर सकते हैं।

- प्रतिदिन स्ना्न करें।
- जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठनें की आदत बनायें।
- सुबह टहलने जाएं, गहरी सांसें लें, ध्यान, प्राणायाम और व्यायाम करें।
- पैर के तलवों और सिर की मालिश करें।
- किसी भी विषय को ध्यान से, इच्छापूर्वक, एकाग्रता से पढ़ें, सुने या देखें।
- भोजन में सब्जियां और फल जैसे दूध, दलिया, पालक, टमाटर, गाजर, मूली, पपीता, आंवला, दही, अमरूद, सीताफल, केला, सेंवफल, लौकी, तुराई, पत्तागोभी, चीकू, खीरा, ककड़ी, तरबूज आदि का सेवन करें।

 

याददाश्त को बढ़ाने वाले योग

प्राणायाम- ध्यान, प्राणायाम और व्यायाम से तनाव दूर होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है, एकाग्रता बढ़ती है और मस्तिष्को को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन, रक्त और पोषक तत्व मिल जाते हैं। इन सबसे याददाश्त बढ़ती है

भ्रामरी प्राणायाम- भ्रामरी प्राणायाम से ऐसे हार्मोंस निकलते हैं जो मस्तिष्क को रिलेक्स करते हैं। साथ ही भ्रामरी प्राणायाम दिमाग में जूझने की क्षमता को ब़ढ़ाता है।

उष्ट्रासन- उष्ट्रासन करने पर रीढ़ से गुजरने वाली स्त्रायु कोशिकाओं में तनाव पैदा होता है जिससे उनमें खून का संचार बढ़ जाता है और याददाश्त में बढ़ने लगती है। रोज तीन मिनट तक लगातार करने से बहुत फायदा होता है।

चक्रासन- चक्रासन करने से मस्तिष्क की कोशिकाओं में खून का प्रवाह बढ़ जाता है और खून मस्तिष्क की उन कोशिकाओं तक पहुंचने लगता है, जहां पहले खून पूरी मात्रा नहीं पहुंचती थी। इसका नियमित अभ्यास मस्तिष्क के लिए फायदेमंद होता है।

त्राटक- स्मरण शक्ति का संबंध मन की एकाग्रता से होता है। मन जितना एकाग्र होगा, बुद्धि उतनी ही तेज और स्मरण शक्ति उतनी ही मजबूत होगी। बिना पलक झपकाए एकटक किसी भी बिंदु को अपनी आंखों से देखते रहना त्राटक कहलाता है। त्राटक से मस्तिष्क के सोयें हुए केंद्र जाग्रत होने लगते हैं, जिससे याददाश्त दुरूस्त होती है।

 

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