कहीं आपकी दवाएं तो नहीं बढ़ा रहीं वजन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 16, 2012
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Quick Bites

  • कुछ जीवन रक्षक दवाएं भी वजन बढ़ाने का काम करती हैं।
  • गर्भनिरोधक गोलियां से महिलाओं का वजन बढ़ने लगता है।
  • थॉयरायड संबंधी परेशानियां भी वजन बढ़ने का कारण हो सकती हैं।
  • डॉक्टर की सलाह द्वारा दवाओं में उचित बदलाव करें।

अक्‍सर हम वजन बढ़ने को हमारे खान-पान और दिनचर्या से जोड़कर देखते हैं, लेकिन कई बार इसके कई अन्‍य कारण भी हो सकते हैं। इनमें से दवाएं भी एक कारण हैं जो वजन बढ़ाने का काम कर सकती हैं।

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स्टेरॉयड से बढ़ सकता है वजन

कुछ जीवन रक्षक दवाएं भी वजन बढ़ाने का काम करती हैं।  विशेषज्ञों का कहना है कि अस्‍थमा और आर्थराइटिस के मरीजों को दी जाने वाली स्टेरॉयड दवाओं का लंबे समय तक सेवन करने से वजन बढ़ने का खतरा रहता है। माइग्रेन और मिर्गी के लिए दी जाने वाली दवाओं से भी वजन में इजाफा होता है।

कई लोग विटमिन या मल्टीविटमिन की गोलियों का सेवन करते हैं, लेकिन डॉक्‍टर की उचित सलाह के बिना इन दवाओं का सेवन न सिर्फ वजन बढ़ाता है, बल्कि इससे शरीर में कई अन्‍य तरह के विकार भी पैदा होने का खतरा होता है। ये दवाएं शरीर में मेटाबॉल्जिम को अधिक सक्रिय कर देती हैं। इसका असर लोगों की भूख पर पड़ता है और वे ज्‍यादा खाना लगते हैं। नतीजतन उनका वजन बढ़ने लगता है। लेकिन सिर्फ दवाएं ही इसके लिए जिम्‍मेदार नहीं होतीं। कई बार मरीज डॉक्‍टर की सलाह को गंभीरता से नहीं लेता। इसके चलते भी अधिक वजन की समस्‍या सामने आती है।


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गर्भनिरोधक गोलियां तो नहीं बढ़ा रहीं वजन

कई गर्भनिरोधक गोलियां भी वजन बढ़ाने का काम करती हैं। कई बार इन दवाओं के विपरीत प्रभावों के चलते महिलाओं में वजन बढ़ने की समस्‍या सामने आती है। महिलाओं में अधिक वजन का अधिक असर उनकी कमर, थाईज और बेस्ट एरिया नजर आता है। इसलिए ऐसी दवाओं का सेवन करने से पहले अपनी डॉक्‍टर से सलाह लेना जरूरी है।


मानसिक रोग की दवाएं वजन

डिप्रेशन की दवाएं लंबे समय तक लेना भी वजन बढ़ने के पीछे का अहम कारण हो सकता है। मनोरोगी कई बार उग्र और हिंसक व्यवहार करने लगता है। मरीज के ऐसे व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए एंटीसाइकोटिक मेडिसिन देना जरूरी हो जाता है। इन दवाओं में ऐसे केमिकल्स होते हैं, जो उसके शरीर और ब्रेन को रिलैक्स कर देते हैं। इससे उन्हें ज्यादा नींद आती है और उनका वजन बढने लगता है। ऐसे मरीजों को नियमित रूप से अपने डॉक्टर से सलाह लेते रहनी चाहिए ताकि दवाओं में उचित बदलाव किया जा सके। इसके लिए जरूरी है कि मरीज नियमित व्‍यायाम करता रहे। कसरत के जरिए वह अपना वजन नियंत्रित कर सकता है।

 

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वेट मशीन पर रखें निगाह

जब आप कोई नई दवा खाना शुरू करते हैं या किसी दवा का सेवन बंद कर देते हैं तो उस समय अपने वजन पर ध्यान रखें क्योंकि असामान्य रूप से वजन का बढना या घटना दोनों ही किसी गंभीर बीमारी का संकेत देते हैं। कई बार थॉयरायड संबंधी परेशानियां भी अनियमित वजन का कारण हो सकती हैं। माना जाता है कि एक्सरसाइज और डाइटिंग के बावजूद कोई भी इंसान एक महीने में 10 प्रतिशत से ज्यादा वजन नहीं घटा सकता। मिसाल के तौर पर अगर किसी का वजन 70 किलोग्राम है तो वह एक महीने में 7 किलो से ज्यादा वजन नहीं घटा सकता। अगर एक महीने के भीतर इससे ज्यादा वजन घटने लगे तो बिना देर किए डॉक्‍टर से संपर्क करें।

 

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