जीन बता सकता है कब होगी आपकी मौत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 19, 2012
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jean bata sakta hai ab hogi aapki moutआप हर दिन किस समय सोकर उठेंगे और आपकी मौत दिन के किस समय होने की संभावना अधिक है। वैज्ञानिकों ने पहली बार जीन में एक ऐसी सामान्य विसंगति खोज निकाली है, जो इन सब बातों के बारे में बताती है।

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शोधकर्ताओं ने जीन में ऐसे बदलावों को पहचाना है जो दिन में एक ही समय उठने वाले या रातभर जागते रहने वाले लोगों की जनसंख्या पर असर डालता है। साथ ही इस खोज में यह बात भी सामने आई है कि इस परिवर्तन के जरिए यह भी पता लगा सकता है कि किसी व्यक्ति की मौत दिन के किस समय होने की संभावना अधिक है।

यह अध्‍ययन वाकई चौंकाने वाला है। इसमें काम का समय बदलने, चिकित्सीय उपचार की योजना बनाने और नाजुक हालत वाले मरीजों की स्थिति का जायजा लेने का समय तय किया जा सकता है।

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अध्ययन के प्रमुख लेखक एंड्रयू लिम ने कहा कि हमारी आंतरिक जैविक घड़ी मानवीय जीव विज्ञान और व्यवहार के कई पक्षों को नियंत्रित करती है। इनमें सोने का समय, संज्ञान आधारित प्रदर्शन का समय और कई अन्य शारीरिक क्रियाओं का समय शामिल है। यह आघात या दिल के दौरे जैसी कई चिकित्सकीय घटनाओं के समय पर भी अपना प्रभाव डालती है।

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के प्रोफेसर सैपर ने अपने बयान में कहा कि आभासी रूप से सभी शारीरिक क्रियाओं की एक लय होती है। मतलब यह हुआ कि मृत्यु की भी एक लय है। इसीलिए सामान्य जनसंख्या में औसतन लोगों की मृत्यु सुबह के समय होती है। कई बार यह समय औसतन सुबह 11 बजे का रहता है।

 

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