अपने रक्‍तचाप की जांच करते रहना है जरूरी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 15, 2014
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Quick Bites

  • रक्‍तचाप का आपकी सेहत पर कोई सीधा असर नजर नहीं आता।
  • अनियमित जीवनशैली व अनुवांशिक कारणों से हो सकता है बीपी।
  • हृदय रोग का बड़ा कारण होता है उच्‍च रक्‍तचाप।
  • 120/80 माना जाता है सामान्‍य रक्‍तचाप।

 

रक्‍तचाप साइलेंट किलर हो सकता है। आपको रक्‍तचाप होने के बाद भी आप सामान्‍य महसूस कर सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि रक्‍तचाप में ऐसे लक्षण सामने नहीं आते, जो आप देख अथवा महसूस कर सकें। इसी कारण उच्‍च रक्‍तचाप को 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है। यह बड़ी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या है। अगर रक्‍तचाप को जीवनशैली में बदलाव और दवाओं के जरिये काबू न किया जाए तो यह स्‍ट्रोक, हृदय रोग, आंखों की समस्‍या अथवा किडनी फैल्‍योर तक का कारण बन सकता है।

क्‍या होता है रक्‍तचाप

जब आप रक्‍तचाप की जांच करते अथवा करवाते हैं, तो आपको दो नंबर पता चलते हैं- जैसे 130/90। इसमें ऊपर वाला अंक प्रतीकात्‍मक रक्‍त दाब होता है। इससे यह पता चलता है कि दिल के धड़कने पर रक्‍तवा‍हिनियों में बहने वाला रक्‍त, वा‍हिनियों की दीवार पर कितना दबाव डाल रहा है। वहीं नीचे वाला अंक इस बात की ओर इंगित करता है कि जब धड़कनों के बीच जब दिल को जरा सा आराम मितला है उस दौरान आपका रक्‍तचाप कितना है। वैसे 120/80 को सामान्‍य रक्‍तचाप माना जाता है।

 

क्‍या आपको उच्‍च रक्‍तचाप है

अगर आपको उच्‍च रक्‍तचाप की शिकायत है, तो आपको नियमित उसकी जांच करवानी चाहिए। अगर आपका रक्‍तचाप 140/90 से ज्‍यादा है अथवा लगातार दो बार की जांच में आपका रक्‍तचाप अधिक आता है, तो आपको डॉक्‍टर दिन के अलग-अलग समय रक्‍तचाप की जांच करने की सलाह दे सकता है। अगर कई बार जांचने के बाद भी आपका रक्‍तचाप अधिक आ रहा है, तो डॉक्‍टर आपको दवा और जीवनशैली बदलने की सलाह दे सकता है।

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आपको प्री-हायपरटेंशन भी हो सकती है

यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें आपका रक्‍तचाप सामान्‍य से अधिक होता है, लेकिन आप उच्‍च रक्‍तचाप की श्रेणी में नहीं होते। यह स्थिति 120 से 139 व 80-89 के बीच हो सकती है। प्री-हायपरटेंशन से आपको उच्‍च रक्‍तचाप होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। डॉक्‍टर की सलाह से अपने जीने का अंदाज बदलकर आप इस रक्‍तचाप को काबू कर सकते हैं।

 

अगर केवल पहला अंक ही अधिक हो

कुछ लोगों, विशेषकर बुजुर्गों में ऊपरी अंक आमतौर में 140 से अधिक होता है, लेकिन नीचे का अंक 90 से कम होता है। इस समस्‍या को आइसोलेटेड साइस्‍टोलिक हायपरटेंशन कहा जाता है। समय के साथ-साथ यह बीमारी कई गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का कारण बन सकती है। इसका इलाज भी उच्‍च रक्‍तचाप की ही तरह होता है। अगर आपके रक्‍तचाप का पहला अंक 140 अथवा उससे अधिक है, तो अपने डॉक्‍टर से सलाह लेकर इसे कम करने का प्रयास करें।

 

कुछ चीजें जो आप नहीं बदल सकते

उच्‍च रक्‍तचाप किसी को भी हो सकता है। लेकिन, कुछ लोगों को कुछ खास कारणों से उच्‍च रक्‍तचाप होने का खतरा होता है। इनमें से कई कारण ऐसे होते हैं, जिन पर आपका नियंत्रण नहीं होता। उम्र, पारिवारिक इतिहास और लिंग आदि का उच्‍च रक्‍तचाप से सीधा संबंध है।


कैसे करें रक्‍तचाप को काबू


वजन रखें काबू में

अधिक वजन होना आपको रक्‍तचाप होने की आशंका बढ़ा देता है। आप अपने डॉक्‍टर की सलाह से वनज कम करने का प्रयास कर सकते हैं।

 

रोजाना करें व्‍यायाम

रोजाना व्‍यायाम करने से आपको हृदय रोग होने की आशंका कम हो जाती है। रोजाना कम से कम 30 मिनट व्‍यायाम जरूर करें। हां, अगर आपको कोई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या है, तो आप किसी भी प्रकार का व्यायाम कार्यक्रम शुरू करने से पहले डॉक्‍टर से सलाह जरूर लें। और हां अगर आपकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है तो भी आपको व्‍यायाम बिना डॉक्‍टरी सलाह के नहीं करना चाहिए।

 

स्‍वस्‍थ खाओ

फल और सब्जियों युक्‍त आहार खायें, इसके साथ ही अपने आहार में साबुत अनाज और लो फैट डेयरी उत्‍पादों को शामिल करें। इससे आपका रक्‍तचाप सामान्‍य बनाये रखने में मदद मिलेगी।

 

अल्‍कोहल का सेवन कम करें

अल्‍कोहल का अधिक सेवन आपके रक्‍तचाप पर विपरीत असर डालता है। आपको रोजाना दो ड्रिंक से अधिक का सेवन नहीं करना चाहिए। वहीं महिलाओं के लिए यह माता्र एक ड्रिंक से अधिक नहीं होनी चाहिए।

 

धूम्रपान न करें

धूम्रपान आपका रक्‍तचाप बढ़ा देता है, जिससे आपको हृदय रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। अगर आप धूम्रपान नहीं करते हैं, तो बहुत अच्‍छी बात है, लेकिन साथ ही आपको परोक्ष धूम्रपान से भी दूर रहना चाहिए।

 

 

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तनाव प्रबंधन की कला सीखें

लोगों के तनाव प्रबंधन के तरीके अलग-अलग होते हैं। तनाव से कुछ लोगों का रक्‍तचाप बढ़ जाता है। आप इस बारे में अपने डॉक्‍टर से बात कर सकते हैं कि आखिर कैसे तनाव को कम किया जा सकता है। व्‍यायाम, और रात को अच्‍छी नींद आपको तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं।

 

उच्‍च रक्‍तचाप के बारे में तथ्‍य

  • उच्‍च रक्‍तचाप आपको बीमार नहीं बनाता, लेकिन यह आपको काफी बीमार बना सकता है। ऐसे में आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना जरूरी है।
  • अपनी रोजमर्रा की आदतों में कुछ बदलाव लाकर आप अपने रक्‍तचाप को काबू में रख सकते हैं।
  • अगर आप पहले से रक्‍तचाप की दवा खा रहे हैं और आपका रक्‍तचाप 120 अ‍थवा उससे कम है, तो यह बहुत अच्‍छी बात है। इसका अर्थ यही है कि आपकी दवा और जीवनशैली संबंधी बदलाव काम कर रहे हैं।
  • डॉक्‍टर की सलाह के बिना कभी भी कोई रक्‍तचाप संबंधी दवा न लें। ऐसा करना आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे आपके दिल और रक्‍तचाप पर बुरा असर पड़ सकता है।

 

घर पर कैसे करें रक्‍तचाप की जांच

 

  • आप बाजार में मिलने वाली कुछ मशीनों के जरिये रक्‍तचाप की जांच कर सकते हैं। अपने डॉक्‍टर से पूछकर अपने लिए सर्वश्रेष्‍ठ मशीन का चयन कर सकते हैं। साथ ही उसे इस्‍तेमाल करने का सही तरीका भी जान सकते हैं।
  • ध्‍यान रहे कि आपके पैर जमीन पर हों और आपकी कमर किसी चीज से टिकी हुई हो।
  • रक्‍तचाप जांचने से पहले कम से कम पांच मिनट आराम कर लें।


अपने रक्‍तचाप का रिकॉर्ड रखें और उसे अपने डॉक्‍टर को दिखाते रहें। बीच-बीच में अपने घर के मॉनीटर को डॉक्‍टर के पास जाकर चैक भी करवा लें कि वो सही प्रकार काम कर भी रहा है।

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