क्या सोराइसिस से बचाती है हल्दी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 05, 2015
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Quick Bites

  • गंभीर त्वचा रोग का प्रकार होता है सोराइसिस।
  • कमजोर इम्यूनटी और दूषित खून मुख्य कारण।
  • हल्दी करती है सोराइसिस की बीमारी से बचाव।
  • इसमे होता है करक्यूमिन और एल्ब्यूमिनॉयड।

सोराइसिस त्वचा का ऐसा गंभीर रोग है, जिसमें त्वचा की पर्त बदसूरत व बदरंग होने लगती है। यह रोग अधिकतर खून की खराबी से उत्पन्न होते हैं। सोराइसिस होने का एक मुख्य कारण शरीर में अम्ल व क्षार का असंतुलन और इम्यून सिस्टम के कमजोर होने के कारण होता है। यह रोग अधिकतर खून की खराबी से उत्पन्न होते हैं। सोराइसिस में हल्दी का प्रयोग फायदेमंद होता है। हल्दी औषधीय गुणों से भरपूर है। इसके एंटीबैक्टीरियल और एंटी सेप्टिक गुण सोराइसिस की बीमारी से बचाव करते है।

Turmeric in Hindi

हल्दी करती है सोराइसिस का इलाज

कच्ची हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटी सेप्टिक गुण होते हैं। इसमें इंफेक्शन से लडने के गुण भी पाए जाते हैं। इसमें सोराइसिस जैसे त्वचा संबंधी रोगों से बचाव के गुण होते हैं।हल्दी में छः प्रतिशत एक हरे भूरे रंग का कर्पूर की सी गन्ध वाला उड़नशील तेल पाया जाता है तथा इसमें करक्यूमिन नामक रंजक द्रव्य होता है। इसके अतिरिक्त इसमें स्टार्च एवं एल्ब्यूमिनॉयड पाए जाते हैं।

हल्दी का रक्त विकार एवं त्वचा रोगों की अन्य औषधियों के साथ उपयोग होता है। हल्दी पूरी तरह से एंटी बायोटिक होती है। इसलिए इसके सेवन से आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है और बीमारी होने की संभावना कम होती है। हल्दी खून को साफ करती है और ऊर्जा को निर्मल बनती है। हल्दी सिर्फ आपके शरीर पर ही काम नहीं करती,बल्कि यह आपकी ऊर्जा को भी प्रभावित करती है। यह शरीर, खून और ऊर्जा तंत्र की सफाई करती है।

Turmeric n Hindi

हल्दी प्रयोग करने का तरीका

आधा किलो हल्दी पीसकर चार लीटर पानी में घोलकर उबालें और ठण्डा करके इसमें दो सौ ग्राम शहद मिला दें। इस मिश्रण को किसी शीशे के बर्तन में दो सप्ताह तक रखा रहने दें, अब इसको छानकर किसी साफ बोतल में भरकर रख दें। खाना खाने के बाद इस आसव को दस या पन्द्रह ग्राम की मात्रा में सेवन करें। इस आसव को पीने से रक्त साफ हो जाता है। शहद युक्त हल्के गुनगुने पानी के साथ नीम और हल्दी का सेवन एक शानदार तरीके से कोशिकीय स्तर पर सफाई कर उन्हें खोलने का काम करता है, जिससे वे अपने भीतर अच्छी तरह से ऊर्जा अवशोषित कर सकें।

यह शरीर, खून और ऊर्जा तंत्र की सफाई करती है। बाहरी सफाई के लिए अपने नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी डालें और इस पानी से नहाएं। आप पाएंगे कि आपका शरीर दमकने लगेगा। दूध में हल्दी चूर्ण मिलाकर सुबह शाम लेना चाहिए। रोज के अपने खाने में हल्दी को शामिल करें।


हल्दी विस्मयकारी गुणों से भरपूर है परंतु कुछ लोगों पर इसके विपरीत प्रभाव पड़ सकते हैं। जिन लोगों को हल्दी से एलर्जी है उन्हें पेट में दर्द या डायरिया जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं।

 

Image Source-Getty

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