क्या सुपर फूड एक छलावा है? जानिए इसकी हकीकत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 28, 2016
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Quick Bites

  • सुपर फूड भी हमारे नॉर्मल खान पान की तरह होते हैं।
  • सुपर फूड कोई जादुई खाना नही है जो तुरंत असर करता हो।
  • मार्केट में कई तरह के सुपर फूड मौजूद हैं।

बढ़ते बाजारवाद ने हमारे खान-पान को काफी प्रभावित किया है। पैकेटबंद उत्‍पादों की गुणवत्‍ता को समझ पाना भी बहुत कठिन होता है। वैसे तो कंपनियां बड़े-बड़े दावे करती हैं मगर उसकी सच्‍चाई कुछ और ही होती है। आजकल मार्केट में ऐसे ही कुछ सुपर फूड आ गए हैं जिन्‍हें लोग सौ फीसदी सही समझते हैं। जब कि सच्‍चाई कुछ और ही है।

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डॉक्टर रोज़मेरी स्टैंटन का कहना है कि आजकल तमाम कंपनियां, लोगों को बरग़लाने के लिए अपने प्रोडक्ट के बारे में तमाम दावे करती हैं। रोज़मेरी आगाह करती हैं कि 'सुपर फूड' जैसी कोई चीज़ होती ही नहीं, अपने खाने और खाने की आदतों के प्रति ये सिर्फ़ लोगों का एक पागलपन है। हमारे शरीर को किसी एक पोषक तत्व की ज़रूरत नहीं होती है। बल्कि सही तादाद में सभी पोषक तत्व हमारे खाने में शामिल होने चाहिए। मुश्किल इसी बात की है कि लोग किसी एक ख़ास पोषक तत्व के पीछे पड़ जाते हैं। जैसे अक्सर लोगों को लगता है कि कार्बोहाईड्रेड अपने आहार से निकालने हैं और ज़्यादा प्रोटीन शामिल करना है। हालांकि यह ग़लत है।

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डॉक्‍टर रोज़मेरी कहती हैं कि हमारा ध्यान आज ताज़ा फल-सब्ज़ियों से हट चुका है। हमारे खान-पान में रेडीमेड चीज़ों की तादाद बढ़ गई है। चूंकि इन खानों को बनाने वाले ये जानते हैं कि आपको कैसे खाने की तलाश है। लिहाज़ा आपकी उसी कमज़ोरी को वो फायदा उठाते हैं और बड़े-बड़े दावों के साथ बाज़ार में उत्पाद उतारने शुरू कर देते हैं, जबकि जिस पोषक तत्व का वो दावा करते हैं वो उस खाने में नाम मात्र को ही होते हैं।

थोड़ा-थोड़ा खाएं

डॉ रोज़मेरी कहती हैं हमें उचित मात्रा में हरेक चीज़ का लुत्फ़ लेना चाहिए। आपके खाने में फल और सब्ज़ियां दोनों शामिल होनी चाहिए। मोटा अनाज, थोड़ी मात्रा में प्रोटीन, मछली और समुद्री खाने ख़ास तौर पर आहार के हिस्से होने चाहिए। लेकिन हां, अगर अपने खाने से मीठा हटा दें या कम कर दें तो कोई हर्ज नहीं। आपके शरीर को जितने मीठे की ज़रूरत है वो आपके खाने में शामिल चीज़ों से मिल जाएगी।

खान-पान हो संतुलित

डॉक्‍टर रोज़मेरी का कहना है कि खान-पान बेहद संतुलित होना चाहिए। जो आहार अभी उपलब्ध हैं उसके अलावा भी ऐसे खानों पर ध्यान दिया जाए जो पर्यावरण को नुक़सान पहुंचाने वाले न हों, जैसे हमें 'सी-वीड' या 'समुद्री घास' को खान-पान में शामिल करना चाहिए। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, ओमेगा-3, फाइबर, एंटी- ऑक्सिडेंट, विटामिन और खनिज होते हैं। इतने पोषक तत्व मछली या किसी अन्य समुद्री जानवर के अंदर हो सकते हैं, वो सभी पोषक तत्व सी-वीड में मिल जाएंगे।

इसकी ख़ासियत के बारे में अभी लोगों को पता नहीं। ज़रूरत है कि लोग खाने की आदतों को बदलने के बजाय इसे अपने खाने में शामिल करें। कुल मिलाकर, हमें किसी ऐसे खाने की तलाश बंद कर देनी चाहिए, जिससे चमत्कार होगा। इसके बजाय आदतों और खान-पान में छोटे बदलाव से हम अपने मौजूदा खाने को ही सुपरफूड में तब्दील कर सकते हैं। source: bbc

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Image Source : Getty

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