गर्भावस्‍था के दौरान खांसी की दवा लेने से नहीं पड़ता है साइड इफेक्‍ट

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 18, 2013
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Quick Bites

  • खांसी की दवा यानी बेनाड्रिल को एफडीए ने 1946 में अनुमोदित किया था।
  • गर्भावस्‍था में इसका उपयोग करने से इसका साइड इफेक्‍ट भी नही पड़ता है।
  • लेकिन खांसी की दवा खाने से एलर्जी और सांस लेने में दिक्‍कत हो सकती है।
  • इसे खाते वक्‍त ध्‍यान दें और दिन में ज्‍यादा बार इसका सेवन करने से बचें।

गर्भावस्‍था से पहले और गर्भधारण के बाद महिला को कई प्रकार के जांच कराने होते हैं। इसके अलाव गर्भावस्‍था में कई प्रकार की जटिलतायें होती हैं, जिसके उपचार के लिए महिलायें कई प्रकार की दवाओं का सेवन करती हैं।

खांसी की दवागर्भवती महिला और उसके भ्रूण के लिए कई प्रकार की दवाइयां आवश्यक होती हैं। लेकिन कुछ दवाईयां शरीर में पोषक तत्‍वों की कमी को पूरा करने के लिए होती हैं और बीमारियों के उपचार के लिए। बेनाड्रिल यानी खांसी की दवा भी महिलायें लेती हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि गर्भावस्‍था में इस दवा का सेवन करना फायदेमंद है या नही।

 

 

इस पर शोध

खांसी की दवा यानी बेनाड्रिल को एफडीए (यूएस फूड एंड ड्रग एड्मीनिस्‍ट्रेशन) ने 1946 में अनुमोदित किया था। इसलिए सभी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदाता संस्‍थान बेनाड्रिल को गर्भावस्‍था के दौरान उपयोग करने की सलाह देते हैं। गर्भावस्‍था में इसका उपयोग करने से इसका साइड इफेक्‍ट भी नही पड़ता है। जब से यह मेडिसिन अनुमोदित हुई है तब से लेकर अब तक इसका दुष्‍प्रभाव भ्रूण और मां पर नही दिखा है। हालां‍कि इसकी गुणवत्‍ता को जानने के लिए इसका प्रयोग जानवरों पर किया गया था। जानवरों को पांच गुना दवा खिलाया गया, लेकिन उनमें इसका साइड इफेक्‍ट नही दिखा। हालांकि, इस प्रकार का कोई भी शोध मानवों पर नहीं किया गया है।

 

 

चिकित्‍सकों की राय 

गर्भावस्‍था के दौरान खांसी की दवाओं को खाने की सलाह चिकित्‍सक भी देते हैं। लेकिन चिकित्‍सक इन दवाओं को विशेष रूप से गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही और प्रसव के बाद लेने की सिफारिश करते हैं। हालांकि इसका कुछ साइड इफेक्‍ट भी होता है। खांसी की दवा खाने से एलर्जी और सांस लेने में दिक्‍कत हो सकती है।

 

खांसी की दवाओं के प्रकार

बाजार में खांसी की दवा कई रूपों में मौजूद है। बेनाड्रिल के सिरप, कैप्‍सूल्‍स, टेबलेट्स और तुरंत राहत देने वाले स्ट्रिप आदि के रूप में उपलब्‍ध है। बच्‍चे इसका प्रयोग आसानी से कर सकें, इसलिए यह चेविंगगम के रूप में भी मौजूद है। अस्‍पतालों में बेनाड्रिल के चौथे फार्म का ज्‍यादा प्रयोग किया जाता है। हालांकि गर्भावस्‍था के दौरान खांसी की दवाओं का उपयोग सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इसका प्रयोग करने से पहले महिलाओं को एक बार चिकित्‍सक की सलाह ले लेना चाहिए।

 

कितनी खुराक

हालांकि यह दवा गर्भावस्‍था के दौरान सुरक्षित है लेकिन इसे खाते वक्‍त महिलाओं को पूरा ध्‍यान देना चाहिए और एक दिन में ज्‍यादा बार इसका सेवन करने से बचना चाहिए। चिकित्‍सक गर्भवती महिलाओं को खांसी की दवाओं के कम खुराक लेने सलाह देते हैं। जिनको एलर्जी की समस्‍या है वे इन दवाओं के सेवन से पहले एक बार चिकित्‍सक की सलाह अवश्‍य ले लें।

प्रभाव

कुछ महिलाओं में हार्मोन का स्‍तर बढ़ जाता है, जिसके कारण नाक बहने लगती है। ऐसी महिलाओं को लगता है कि उनको कोल्‍ड हो गया है, लेकिन वास्‍तव में यह गर्भावस्‍था की जटिलताओं में से एक है। हालांकि इस स्थिति में महिलाओं को यह जांच करा लेना चाहिए कि गर्भावस्‍था से पहले उनको एलर्जी हुई थी या नही, यदि पहले एलर्जी न हुई हो तो इससे राहत पाने के लिए आप खांसी की दवाओं का प्रयोग कर सकती हैं।

 

 

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