हाथ धोने से आपके बच्‍चे बच सकते हैं डायरिया जैसी खतरनाक बीमारी से

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 21, 2013
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Quick Bites

  • खतरनाक बीमारियों के खतरे से दूर रखती है हाथ धोने की आदत।
  • बच्‍चों के साथ हाथ धोने से उन्‍हें हाथ धुलने का तरीका पता चलेगा।
  • गुनगुने पानी से हाथ धोने से मर जाते हैं अधिकांश कीटाणु।
  • एंटी बैक्‍टीरियल साबुन से कम से कम 20 सेकेंड तक हाथों को रगडें।

आमतौर पर बच्‍चे हाथ धोने को लेकर ज्‍यादा संजीदा नहीं होते। न तो वे खाने से पहले हाथ धोना पसंद करते हैं और न ही बाथरूम के बाद ही उन्‍हें अपने हाथ अच्‍छी तरह से साफ करना पसंद होता है। खेलने के बाद सीधा खाने की मेज पर बैठ जाना तो बच्‍चों के मामले में आम बात है। लेकिन, ऐसा नहीं है कि बच्‍चे आपकी सुनते नहीं हैं, तो आप उन्‍हें कहना बंद कर दें। हाथ धोना कीटाणुओं से बचने का सबसे कारगर तरीका है। इससे आप रोगाणुओं को फैलने से रोक सकते हैं और साथ ही अपने बच्‍चों को कई संक्रमणों से बचा सकते हैं।

benefits of hand washing

कीटाणुओं से बचने का पहला उपाय

बच्‍चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता व्‍यस्‍कों के मुकाबले कमजोर होती है, इसलिए आपको चाहिए कि उनकी खास देखभाल करें। कीटाणु भी निम्‍नलिखित प्रकार से हमारे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं-

  • गंदे हाथों से छूने
  • गंदे डायपर बदलते समय
  • दूषित पानी और भोजन के जरिये
  • छींक अथवा खांसी के समय आने वाली बूंदों से
  • दूषित सतहों से
  • बीमार व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ के साथ संपर्क के माध्यम से


जब बच्‍चे कीटाणुओं के संपर्क में आते हैं, तो वे जाने-अनजाने ही उससे संक्रमित हो जाते हैं। वे उन हाथों से कभी आंखों, कभी नाक और मुंह को छूते हैं। इससे कीटाणु उनके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और वे बीमार पड़ जाते हैं। एक बार अगर बच्‍चा किसी संक्रमित रोग से ग्रस्‍त हो जाए, तो पूरे परिवार के रोग ग्रस्‍त होने की आशंका रहती है।

 

हाथ धोना सुरक्षा की दीवार

अच्‍छी तरह से हाथ धोना कई बीमारियों से बचने की पहली रक्षा पंक्ति होती है। सिर्फ अच्‍छी तरह से हाथ धोने से ही आप सामान्‍य ठंड से लेकर, दिमागी बुखार, श्‍वासनलिकाशोथ, इन्फ्लूएंजा, हेपेटाइटिस ए, और संक्रामक दस्त तक से बच सकते हैं।

 

ऐसे धोएं अपने हाथ

बच्‍चों को अच्‍छी तरह हाथ धोने की आदत डालें। उन्‍हें अपने साथ खड़ा कर हाथ धोएं। हो सके तो दोनों साथ ही हाथ धोएं। इससे उन्‍हें हाथ धोने का सलीका तो मालूम चलेगा ही साथ ही साथ उन्‍हें इस बात का भी अंदाजा होगा कि आखिर हाथ धोना कितनी अच्‍छी आदत है।

 

गुनगुने पानी से धोएं हाथ

हाथ अगर गुनगुने पानी से धोए जाएं तो बेहतर। इससे अधिक संख्‍या में कीटाणु मरते हैं। इस बात का भी ध्‍यान रखें कि पानी अधिक गर्म न हो। अधिक गर्म पानी से बच्‍चों की त्‍वचा को नुकसान हो सकता है।

 

कितनी देर धोएं हाथ

साबुन से अच्‍छी तरह झाग बनाकर करीब 20 सेकेंड तक हाथ धोना सही रहता है। जरूरी नहीं कि आप एंटी बैक्‍टीरियल साबुन का ही इस्‍तेमाल करें। कोई भी साबुन कीटाणुओं को मारने में कारगर हो सकता है। इस बात का ध्‍यान रखें कि आपके बच्‍चे उंगलियों के बीच में और नाखूनों के आसपास भी अच्‍छी तरह से हाथ धोएं। और हां कलाई साफ करना न भूलें।

 

सुखाने के लिए तौलिया हो सही

हाथ धोने के बाद उसे तौलिये से पोंछ लें। इस बात का ध्‍यान रखें कि आपका बच्‍चा जिस तौलिये से हाथ साफ कर रहा है वह साफ और सूखा हो। गंदे तौलिये से हाथ साफ करने से बच्‍चे के हाथ पर दोबारा कीटाणु जमा हो सकते हैं। और ऐसे में उसका हाथ धोना बेकार जाएगा।

 

कीटाणुओं से बचने के लिए क्‍या करें

 

  • भोजन से पहले हाथ जरूर धोएं।
  • शौच के बाद भी हाथ धोना बहुत जरूरी है।
  • घर की साफ सफाई के बाद हाथ अवश्‍य साफ करें।
  • पालतू जानवरों से खेलने के बाद।
  • किसी बीमार व्‍यक्ति से मिलकर आने के बाद।
  • छींक या खांसी के बाद।
  • खेलने या बागवानी के बाद।


हाथ धोने की महत्ता को नजरअंदाज न करें। हाथों की सफाई पर लगाए गए चंद सेकेंड आपके और आपके बच्‍चे को डॉक्‍टर के पास लगने वाले कई चक्‍करों से बचा सकते हैं।

 

 

 

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