जानें क्यों मनाते हैं जल दिवस और क्या है इसका महत्व

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 21, 2012
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • प्रकृति के द्वारा मानवता के लिये जल एक अनमोल उपहार है।
  • लेकिन इसकी बबार्दी की वजह से विश्व जल संकट से जूझ रहा है।
  • पृथ्वी पर होने वाली सभी वनस्पतियों से हमें पानी मिलता है।
  • पानी बचाने और इसकी  बर्बाद रोकने के संकल्प का दिन  है 22 मार्च, विश्व जल दिवस।

पानी हमारे जीवन के लिए बहुत जरुरी है। लेकिन हमारे आस पास ऐसे कई लोगों होगें जो पानी की महत्ता को बिना समझे ना जाने कितने लीटर पानी यूं ही बर्बाद कर देते हैं। 22 मार्च को विश्व जल दिवस यानी पानी बचाने व पानी बर्बाद नहीं करने के संकल्प का दिन। विश्व में पानी की बर्बादी का स्तर बहुत ज्यादा है। हममें से हर किसी को इस बर्बादी को रोकने के लिए अपने स्तर पर प्रयास करना चाहिए।

 

  • आकड़ो के मुताबिक विश्व के 1.5 अरब लोगों को पीने का पानी भी नहीं मिल रहा है। पानी प्रकृतिक देन है इसलिए हमें प्राकृतिक संसाधनों को दूषित नहीं होने देना चाहिए और ना ही पानी को बर्बाद करना चाहिए।
  • पूरे विश्व में 22 मार्च को जल दिवस मना कर लोगों को जल की महत्ता के बारे में जागरुक किया जाता है।
  • विश्व जल दिवस के जरिए लोगों को पानी बर्बाद नहीं करने और उसके संसाधनों को बचाने के लिए प्रेरित किया जाता है। 
  • यूनाईटेड नेशन जर्नल एसंबेली में 22 मार्च 1993 को पहला विश्व जल दिवस मनाया गया था।
  • हर साल विश्व जल दिवस पानी की एक नई अवधारणा पर मनाया जाता है।
  • इस साल 2012 की अवधारणा है पानी व खाद्य सुरक्षा।
  • जल दिवस पर लोगों को जागरुक करने के लिए टी.वी, रेडियो और इंटरनेट पर कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए।

 

 

 

चौंकाने वाले तथ्य

  • दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे महानगरों में पाइप लाइनों की खराबी खराबी के कारण रोज 17 से 44 प्रतिशत पानी सड़को व नालियों में बेकार बह जाता है।
  • स्वच्छ पानी नहीं मिलने पर दूषित पानी पीने पर मजबूर लोगों में से कई लोगों रोगों का शिकार हो जाते हैं।
  • पानीजन्य रोगों से विश्व में हर वर्ष 22 लाख लोगों की मौत हो जाती है।
  • नदियां पानी का सबसे बड़ा स्रोत हैं। जहां एक ओर नदियों में बढ़ते प्रदूषण रोकने के लिए विशेषज्ञ उपाय खोज रहे हैं वहीं कारखानों से बहते हुए रसायन उन्हें भारी मात्रा में दूषित कर रहे हैं।
  • लोग अपनी किमती गाड़ियों को धोने में न जाने कितने लीटर पानी बर्बाद कर देते हैं।
  • पीने के लिए लोगों को रोज 3 लीटर और पशुओं को 50 लीटर पानी चाहिए।
  • पृथ्वी पर होने वाली सभी वनस्पतियों से हमें पानी मिलता है।
  • अभी भी हमारे कई गांवों में पीने के पानी की उचित व्यनस्था नहीं है। महिलाओं को गांव से मीलों दूर पैदल चलकर पानी लेकर आना पड़ता है।

 

प्रकृति के द्वारा मानवता के लिये जल एक अनमोल उपहार है। जल की वजह से ही धरती पर जीवन संभव है, लेकिन वर्तमान में भारत के कई राज्य पानी की कमी से बेहाल हैं और स्थिति गंभीर है। भविष्य में जल की कमी की समस्या को सुलझाने के लिये जल संरक्षण ही जल बचाना है। जल की कमी के कारण विभिन्न क्षेत्रों में लोगों द्वारा मुश्किलों का सामना किये जाने के कारण पर्यावरण, जीवन और विश्व को बचाने के लिये जल बचाने और संरक्षण करने के लिये हमें सिखाता है।

 

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES8 Votes 14347 Views 1 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर