हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 01, 2012
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Quick Bites

  • हाइपोथायराइडिज्म में शारीरिक क्षमता कम होने लगती है।
  • शुरुआती दौर में थकान की समस्या होने लगती है।
  • भूख पर इसका असर होना शुरु हो जाता है।
  • हाथ-पैर में सूजन भी हो सकती है।

हाइपोथायरायडिज्म मनुष्य में होने वाले रोग की वह अवस्‍था या रोग है जो थायरायड ग्रंथि से थायरायड हॉर्मोन के अपर्याप्त उत्पादन के कारण होता है। हाइपोथायरायडिज्म आयोडीन की कमी से या प्रसव पश्चात थायरोडिटिस के परिणामस्वरूप भी हो सकता है, यह एक ऐसी स्थिति है जो लगभग महिलाओं को बच्चे के जन्म देने के बाद एक वर्ष के भीतर प्रभावित करती है। कभी-कभी हाइपोथायरायडिज्म आनुवंशिक भी होता है और कभी कभी यह गुणसूत्र पर अप्रभावी लक्षण के रूप में भी पाया जाता है।

 

thyroid symptomsगले के निचले हिस्से में तितली के आकार की आपकी थायराइड ग्रंथि, उर्जा और पाचन की मुख्य ग्रंथि है। यह ग्रंथि एसे जीन्स का स्राव करती है जिससे कोशिकाएं अपना कार्य सुचारु रुप से करती हैं। हाइपोथायरायडिज्म, धीरे-धीर फैलने वाली बीमारियां हैं। लोग कई सालों से इनके लक्षणों से पीड़ित हैं लेकिन हमारी पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली में इसका कोई इलाज नहीं है और जिससे इसे सही ढंग से ठीक किया जा सके। इसका मुख्य कारण है कि जो भी शिकायतें आती हैं वो बहुत मामूली और अस्पष्ट होती हैं। इसमें गलत यह है कि ज्यादातर मामलों में हाइपोथायरायडिज्म शुरू में थायरॉयड की समस्या के रूप में पैदा नहीं होती है। इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी से इसकी शुरुआत होती है लेकिन ज्यादातर डॉक्टर एंटी बॉडी टेस्ट नहीं करते हैं जिससे ऑटो इम्युनिटी दिखाई देती है। इसलिए, थायराइड का इलाज करने के लिए, आपको असंतुलन की जड़ तक जाना जरूरी है, दवा लेते हुए लक्षणों को बढ़ते हुए देखना तो एक गलत दिशा में जाने जैसा है ।

 

हाइपोथायरायडिज्म के प्रारम्भिक लक्षण

  • थकान।
  • सर्दी को सहन करने की क्षमता में कमी।
  • डिप्रेशन या अवसाद।
  • बालों का पतला और आसानी से टूटना।
  • शरीर या चेहरे पर पीलापन।
  • पसीना कम आना।
  • त्‍वचा का शुष्क और खुजली होना।
  • वजन बढ़ना और प्यास अधिक लगाना।
  • ब्रेडीकार्डिया।
  • कब्ज। 
  • मांसपेशियों की कार्य क्षमता में कमी।
  • मांसपेशियों में अकड़न और जोड़ों में दर्द।
  • गले की रस वाहनियों का सुजन के कारण बढ़ना। 
  • अंगुलियों के नाखुन पतले और आसानी से टूटने वाले हो जाना।

 

 

बाद में दिखाई देने वाले लक्षण

  • धीमी आवाज।
  • हकलाहट या आवाज में गहराई या भारीपन।
  • फूला हुआ चेहरा।
  • भौहों के बालों का झड़ना।
  • महिलाओं में असामान्य मासिक चक्र।
  • शरीर के आधारभूत तापमान में कमी।

 

देर से प्रकट होने वाले, सामान्य लक्षण

  • बालों का झड़ना।
  • एनीमिया।  
  • निगलने में कठिनाई।
  • सांस का छोटा होना।
  • नींद अधिक आना।
  • चिड़चिड़ापन और मूड अस्थिर रहना।
  • त्वचा में पीलापन।
  • याददाश्त कमजोर होना।
  • भुलक्‍कड़पन।
  • ह्रदय दर का धीमा होना।
  • खाने के बाद भी ग्लूकोज की कमी 
  • शरीर के प्रतिक्रियाओं का धीमा और सुस्त होना।
  • किडनी के असामान्य कार्य।
  • सीरम कोलेस्ट्रॉल के स्तर का बढ़ना।
  • तीव्र मानसिकता।
  • टेस्टोस्टेरोन के कम उत्पादन के कारण सेक्स में कमी।
  • स्वाद और गंध को समझने में भूल या कमी।
  • फूला हुआ चेहरा साथ में हाथ और पैर भी।

 

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