हायपरथायराइडिज्‍म की संभावित अवधि

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 27, 2012
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

जब थायराइड ग्रंथि ज्‍यादा मात्रा में हार्मोन का निर्माण करती है हायपरथायराइडिज्‍म की स्थिति आती है। ओवरएक्टिव थायराइड ग्रंथि को हायपरथायराइडिज्‍म कहते हैं। थायराइड की समस्‍या को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। थायराइड बीमारियों के साथ सबसे बड़ी समस्‍या होती है इ‍सका निदान। इसका इलाज लंबा चलता है। हायपरथायराइडिज्‍म के साथ कई समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है। आइए जानें हायपरथायराइडिज्‍म से ग्रस्‍त व्‍यक्ति में कितने दिनों के अंदर इसके इलाज की संभावना होती है।

 

[इसे भी पढ़ें : हायपरथायराइडिज्‍म में सावधानियां]

 

हायपरथायराइडिज्‍म की संभावित अवधि – हायपरथायराइडिज्‍म के इलाज के लिए एक निश्चित संभावित अवधि नहीं है। हालांकि इस थायराइड समस्‍या की समय सीमा इलाज के साथ-साथ खान-पान और वातावरण पर भी निर्भर करती है। ओवरएक्टिव थायराइड ग्रंथि की पहचान अगर जल्‍दी हो जाए तो इसके इलाज में कम समय लगता है। लेकिन सही समय पर निदान न करने से इसके इलाज में अधिक वक्‍त लगता है। हाइपरथायरायडिज्म में निम्‍न शारीरिक समस्‍यायें होती हैं –

  • शरीर का वजन कम होने लगता है |
  • शरीर का तापमान  सामान्य से अधिक हो जाता है |
  • अनिद्रा, उत्‍तेजना और घबराहट जैसे लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं |
  • हाथ-पैर की अंगुलियों में कम्पन होने लगता है।
  • मधुमेह रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • घेंघा रोग हो जाता है।

 

[इसे भी पढ़ें : हायपरथायराइडिज्‍म का निदान]

 

हाइपरथायराइडिज्‍म का इलाज –

रेडियोएक्टिव आयोडीन – हायपरथायरइडिज्‍म के इलाज के लिए रेडियोएक्टिव आयोडीन सबसे सामान्‍य प्रक्रिया है। इस तरीके से इलाज करने में एक से दो महीने का समय लग जाता है। शुरूआत में इसकी डोज 2 से 3 महीने तक चलती है। लेकिन इसकी एक खुराक ज्‍यादा दिनों तक चल सकती है। इसे गोलियों या लिक्विड के रूप में दिया जाता है। रेडियोएक्टिव आयोडीन देने से पहले नियमित स्‍कैन किया जाता है। स्‍कैन के द्वारा हाइपरथायराइडिज्‍म की पुष्टि होने के बाद ही रेडियोधर्मी आयोडीन दिया जाता है। यह थायराइड ग्रंथि से अतिसक्रिय कोशिकाओं को उठाकर उनको समाप्‍त कर देता है। इस थेरेपी की सबसे खास बात यह है कि इससे इलाज करने के बाद इसका कोई साइड-इफेक्‍ट नहीं होता है।

 

सर्जरी – थायराइड ग्रंथि के इलाज के लिए सर्जरी सबसे अच्‍छा तरीका है। सर्जरी के द्वारा अति‍सक्रिय थायराइड ग्रंथि का हमेशा के लिए इलाज हो जाता है। सर्जरी के द्वारा ऐसे ऊतकों को निकाला जाता है जो ज्‍यादा मात्रा में हार्मोन का निर्माण करते हैं। सर्जरी अतिसक्रिय थायराइड के लिए सबसे अच्‍छा इलाज तो है लेकिन इसमें कुछ दिक्‍कतें भी सामने आती हैं। सर्जरी के दौरान थायराइड ग्रंथि के आसपास के ऊतक भी निकल जाते हैं। गले की नली (वोकल कार्ड) भी डैमेज हो सकता है। इसके कारण शरीर में कैल्सियम का स्‍तर कम हो सकता है (क्योंकि वोकल कार्ड के पास पैराथाइराइड ग्रंथि होती है जो कि शरीर में कैल्सियम के स्‍तर को नियत्रित करती है)। इसके लिए कैल्सियम रिप्‍लेसमेंट थेरेपी की आवश्‍यकता हो सकती है।

 

एंटीथायराइड ड्रग –अतिसक्रिय थायराइ ग्रंथि का इलाज एंटीथायराइड ड्रग के जरिए भी दिया जाता है। लगभग 6 से 12 सप्‍ताह तक ये दवाइयां दी जाती हैं। लेकिन कुछ मामलों में इन लगभग एक साल तक ये दवाइयां चलती हैं। ये दवाइयां थायराइड ऊतकों में जाकर हार्मोन बनने की प्रक्रिया को रोक देती हैं। इन दवाइयों के उपयोग में सबसे बड़ी समस्‍या यह है कि सफेद ब्‍लड सेल्‍स को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए इन दवाओं का प्रयोग चिकित्‍सक से पूछ कर ही कीजिए।

 

Read More Articles on Hyperthyroidism in Hindi.

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES1 Vote 11806 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर