जानें क्‍या है हाइपरहाइड्रोसिस, कारण, लक्षण और उपचार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 04, 2016
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Quick Bites

  • इस बीमारी में शरीर से अधिक पसीना निकलता है।
  • ठंड के मौसम में शरीर से बहुत अधिक पसीना निकलता है।
  • पसीने के साथ दुर्गंध भी आती है, जिससे आपको शर्मिंदगी होगी।
  • बोटॉक्‍स और दूसरे तरीकों से इसका उपचार हो सकता है।

हमारे शरीर में कई ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं जिनको हम सामान्‍य समझकर नजरअंदाज करते हैं, धीरे-धीरे वही गंभीर समस्‍या बन जाते हैं। ऐसी ही एक सामान्‍य बीमारी है हाइपरहाइड्रोसिस। कई लोगों को बिना किसी कारण हथेलियों और तलवों में बहुत सारा पसीना आता है। अगर गर्मी के मौसम में ये समस्‍या हो तो कुछ हद तक सही है, लेकिन अगर यह हर मौसम में हो रहा है तो इसे नजरअंदाज न करें। अधिक पसीना आने की बीमारी है हाइपरहाइड्रोसिस। इस लेख में इसके बारे में विस्‍तार से जानते हैं।

hyperthidrosis in hindi

क्‍या है हाइपरहाइड्रोसिस

सामान्‍यतया शरीर से पसीना आने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है। लेकिन यदि आप हाइपरहाइड्रोसिस नामक बीमारी से ग्रस्‍त हैं तो सर्दियों में भी आपकी हथेलियों और तलवों से पसीना आएगा। पसीना पूरे शरीर से भी निकल सकता है या फिर यह किसी खास स्थान से भी आ सकता है। हाइपरहाइड्रोसिस से ग्रस्‍त लोगों में पसीने की ग्रंथि बहुत अधिक सक्रिय होती है। हाइपरहाइड्रोसिस दो भागों में बंटा है - प्राइमरी और सेकेंडरी। प्राइमरी हाइपरहाइड्रोसिस में कोई कारण नज़र नहीं आता और बेवजह पसीना बहता है। वहीं दूसरी तरफ सेकेंडरी हाइपरहाइड्रोसिस में पसीना निकलने के बहुत सारे कारण सामने आ सकते हैं, जैसे - डायबिटीज, मेनोपॉज़, लो ब्‍लड ग्‍लूकोज़ या हाइपरथायराइडिज्म।


क्‍या हैं लक्षण

गर्मी के मौसम में शरीर से खासकर हथेली से सामान्य पसीना आना तो ठीक है, लेकिन अधिक पसीना आना और कंपकपाती ठंड में भी पसीना आना एक समस्या हो सकती है। हाइपरहाइड्रोसिस में पसीने के साथ दुर्गंध भी हो सकती है। यह हाइपरहाइड्रोसिस के सामान्‍य लक्षण हैं।


क्‍या हैं कारण

पसीना लगातार आए तो शारीरिक और मानसिक, दोनों तरह की असहजता पैदा हो सकती है। अत्यधिक पसीने से जब हाथ, पैर और बगलें (कांख) तर हो जाती हैं तो इस स्थिति को प्राइमरी या फोकल हाइपरहाइड्रोसिस कहते हैं। प्राइमरी हाइपरहाइड्रोसिस से 2-3 प्रतिशत आबादी प्रभावित है। इस बीमारी के बारे में लोगों को पता नहीं चल पाता, जिसके कारण इसकी शिकायत कम ही आती है।

यह आनुवांशिक भी हो सकती है। यदि अत्यधिक पसीने की शिकायत किसी मेडिकल कंडीशन के कारण होती है तो इसे सेकेंडरी हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है। पसीना पूरे शरीर से भी निकल सकता है या फिर यह किसी खास स्थान से भी आ सकता है। दरअसल, हाइपरहाइड्रोसिस से पीड़ित लोगों को मौसम ठंडा रहने या आराम के दौरान भी पसीना आ सकता है।


क्‍या है उपचार

प्रभावित व्यक्ति बोटॉक्स के नाम से मशहूर बोटुलिनम टॉक्सिन टाइप ए का प्रयोग करके पसीने की शिकायत से बच सकता है। यह उसके अतिसक्रिय पसीना ग्रंथि की तंत्रिकाओं को शांत करता है, जिससे पसीना आने की रफ्तार बहुत हद तक कम हो जाती है। बोटॉक्‍स के इंजेक्‍शन भी प्रयोग किये जा सकते हैं। एक्सिलरी हाइपरहाइड्रोसिस की स्थिति के लिए यह सर्वश्रेष्ठ विकल्प है, जिससे चार-महीने तक राहत मिल जाती है और शरीर की दुर्गंध भी दूर हो जाती है।

अगर माथे पर या चेहरे पर अधिक पसीना आये तो यह फोकल हाइपरहाइड्रोसिस की स्थिति है। ऐसे में मेसो बोटॉक्स सबसे अच्छा उपाय है। इसमें पसीने की रफ्तार कम करने के लिए त्वचा के संवेदनशील ऊतकों में बोटॉक्स के पतले घोल का इंजेक्शन लगाया जाता है।


अन्य उपाय

एंटी-पर्सपिरेंट का प्रयोग बहुत अधिक पसीने पर काबू पाने के लिए किया जा सकता है। यह पसीने की नलिकाओं को अवरुद्घ कर देते हैं। बाजुओं में पसीने के शुरुआती इलाज के लिए 10 से 20 प्रतिशत अल्युमीनियम क्लोराइड हेक्साहाइड्रेट की मात्र वाले उत्पादों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
कुछ मरीजों को अल्युमीनियम क्लोराइड की अत्यधिक मात्र वाले उत्पादों का प्रयोग करने की भी सलाह दी जा सकती है। ये उत्पाद प्रभावित हिस्सों में रात के समय इस्तेमाल किए जा सकते हैं। एंटी-पर्सपिरेंट से त्वचा में खुजलाहट हो सकती है। इसकी अधिकता से कपड़े भी खराब हो सकते हैं।
जिन लोगों को बहुत ज्यादा पसीना होता है और जिनके पास उपचार के कोई और विकल्प नहीं होते, ऐसे लोगों के इलाज के लिए सर्जरी सबसे अंतिम विकल्प होता है।


ये भी आजमायें

ऐसी स्थिति में सफाई का विशेष ध्‍यान रखें, रोज नहायें। कॉटन, ऊन और रेशम के कपड़े ही पहनें। इससे त्‍वचा आराम से सांस ले सकेगी। जूतों को धूप दिखाएं, मोजों को नियमित रूप से बदलें। जितना हो सके बिना जूतों के रहें जिससे पैरों में पसीना ना आए। नियमित मेडिटेशन और योगा करें, जिससे मन में तनाव ना आए और पसीना कम बहे।

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Image Source : Getty

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