अपने चेहरे की खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए जरूरी है मुंह के फटे किनारों से बचना

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 15, 2013
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Quick Bites

  • शरीर में पोषक तत्त्‍वों की कमी से फटने हैं मुंह के किनारे।
  • मुंह से संबंधित समस्‍या से जीवाणु या कवक का आसानी से फैलना।
  • खूबसूरती को कम करने के साथ दर्दनाक भी होता है, किनारों का फटना।   
  • हर्बल उपचार के माध्यम से किया जा सकता है फटे किनारों का इलाज।

मुंह के फटे किनारेशरीर में पोषक तत्त्‍वों की कमी व अन्‍य कई कारणों से मुंह के किनारे फटने लगते हैं। इससे आपकी खूबसूरती पर तो असर पड़ता ही है साथ ही कई बार यह बहुत दर्दनाक भी होता है।

 

यह समस्या बार-बार लार के आपके होठों के किनारों से छुलने के कारण हो सकती है। बहुत कम मामलों में लेकिन चेहरे पर लगाने वाली क्रीम या लिपस्टिक भी मुंह के किनारों के फटने का कारण बन सकते हैं। यह समस्या होने पर आपके मुंह के किनारों पर लाली और स्केलिंग हो जाती है। आयरन की कमी के कारण भी यह समस्या हो जाती है। जीवाणु या कवक को भी इस समस्या के होने का कारण माना जाता है। हालांकि हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इन जीवाणु या कवक से लड़कर संक्रमण को फैलने से रोक लेती है, लेकिन कभी-कभी संक्रमण फैल भी जाता है।

 

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सामान्य तौर पर जब हमारा शरीर अस्वस्थ या थका होता है, तो हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ठीक प्रकार से काम नहीं करती। ऐसे में यदि मुंह से संबंधित कोई समस्या जैसे लार का आना, फटे होंठ या किनारों के फटने जैसी कोई समस्या होती है तो जीवाणु या कवक आसान से फैल जाते हैं।  

 

मुंह के किनारों के फटने के सम्‍भावित कारण- 

 

 

जीवाणुओं के कारण –

 

-  गंदे हाथों व उंगलियों से अपने होठों को छूने पर

-  कलम, नाखूनों आदि को चबाने से

-  खाते या सोते समय लार बहने पर

-  लिपस्टिक, किसी प्रकार के चमक वाले उत्पाद से एलर्जी होने पर

 

 

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली –

 

- फटे होंठ

- दांतो पर किये किसी काम के कारण

- शारीरिक चोटों (चेहरे या मुंह पर) के कारण

- सनबर्न (चेहरे पर या आसपास)

- तनाव

- कोई बीमारी

- लगातार उल्टी

- कुपोषण (उपवास, अनीयमित परहेज़, विटामिन और खनिज की कमी)

 

उपरोक्त में से किसी लक्षण के होने पर जीवाणु या कवक के फैलने की अधिक संभावना होती है और आपके मुंह के कोनों और होठों पर सूजन के साथ जलन होती है तथा शुष्कता हो जाती है और मुंह के किनारे फटने लगते हैं।

 

उपचार-

- हर्बल उपचार के माध्यम से फटे हुए मुंह के किनारों का इलाज किया जा सकता है, लेकिन इसे करने से पहले अपने स्वास्थ्य सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

 

- संक्रमित जगह पर एलोवेरा का जेल लगायें। एलोवेरा का जेल त्वचा पर लगाने से लाभ होता है। वेबसाइट मायो क्लीनिक के अनुसार एलोवेरा जेल को होटों की कटी हुई त्वचा पर लगाने से घावों में सुधार और सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है।

 

- होठों पर लिप बाम या कोई प्राकृतिक चिकनाई लगाएं। होठों को बार बार हाथ ना लगाएं और ना ही चाटें।

 

 

उपरोक्त उपायों के बाद भी यदि लाभ ना हो तो बिना किसी देरी के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

 

 

 

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