हार्ट अटैक के समय अगर आप पड़ जाएं अकेले, तो कुछ बातें बचा सकती हैं आपकी जान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 17, 2013
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Quick Bites

  • हृदय रोगी को हमेशा अपने पास दवाएं रखनी चाहिए।
  • दिल संबंधी परेशानी होने पर ड्राइविंग हो सकती है खतरनाक।
  • हृदयाघात का लक्षण होने पर अपनी छाती को जोर से दबाएं।
  • शरीर को रिलैक्‍स करने के लिए कम से कम शारीरिक क्रियाएं करें।

कया आप हृदय रोगी है तो आपको विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। आप खुद को तैयार रखकर हार्ट अटैक से होने वाले संभावित खतरों से बच सकते हैं। हमें इस बात का खयाल रखना चाहिए कि हृदयाघात दुनिया भर में होने वाली मौतों की बड़ी वजह है। ऐसे में कुछ बातें हैं जिन्‍हें आपको जरूर ध्‍यान में रखना चाहिए।

heart attack problem हृदयाघात जानलेवा हो सकता है। जरूरत इस बात की है कि हम स्‍वयं को इसके हमले से बचने के लिए तैयार कर लें। लेकिन, मुसीबत के वक्‍त आपका कोई अपना आपके साथ मौजूद हो, यह भी जरूरी नहीं। कई बार हालात ऐसे बन जाते हैं कि हृदयाघात जैसे भीषण हालात में कोई व्‍यक्ति अकेला हो सकता है। ऐसे हालात में जरा सी समझदारी आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। जानिए हृदयाघात के समय अगर आप अकेले हों, तो छोटे-छोटे कदम आपका जीवन बचा सकते हैं।


सावधानी है बेहतर

दिल का दौरा धूम्रपान, उच्‍च रक्‍तचाप, व्‍यायाम न करना, अनियमित खानपान और कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर बढ़ने के कारण हो सकता है। हार्ट अटैक से बचने के लिए इन सब कारकों से दूर रहें। अपने आहार में वसा की मात्रा नियंत्रित रखें। साथ ही आपको नियमित रूप से पैदल चलना चाहिए।

 

सामान्‍य लक्षणों को पहचानें

 

  • सीने में दर्द और अकड़न
  • मतली, महिलाओं में यह समस्‍या विशेष रूप से होती है
  • सांसों का टूटना
  • छाती में तीव्र पीड़ा
  • दिल की धड़कन में अनियमितता
  • दिल की धड़कनों की रफ्तार में तेजी
  • पेट के ऊपरी हिस्‍से में दर्द
  • बाहों, जबड़ों, गर्दन और दांतों में दर्द और असहजता
  • चक्कर आना
  • अधिक पसीना आना
  • बेहोशी
  • अचानक बीमार लगने लगना

 

क्‍या करें

 

अपने पास दवा रखें

दिल के रोगी अपनी दवा को हर समय अपने पास रखें। साथ ही कोई भी लक्षण नजर आने पर एम्‍बुलेंस या डॉक्‍टर को फोन करें। स्वयं नजदीकी अस्‍पताल या चिकित्‍सा केंद्र पहुंच सकें, तो अच्‍छा होगा।

 

वाहन न चलाएं

आपको वाहन चलाते समय कोई लक्षण नजर आए, तो फौरन गाड़ी रोककर बाहर आ जाएं। ऐसे समय में वाहन चलाना अच्‍छा नहीं। भले ही आप किसी अस्‍पताल के पास हैं, तो भी गाड़ी न चलाएं। ऐसे समय में आप कभी भी बेहोश हो सकते हैं, इ‍सलिए वाहन चलाना ठीक नहीं।

 

परिजनों के नंबर स्‍पीड डॉयल में रखें

अपने परिवार और प्रियजनों के नंबर स्‍पीड डॉयल में रखें और उन्‍हें अपनी परिस्थिति के बारे में सूचित रखें। यदि आप हवाई यात्रा कर रहे हैं और ऐसे में आपको हृदयाघात का अहसास हो, तो फौरन फ्लाइट अटेंडेट को बुलाएं। उनके पास दवाएं मौजूद रहती हैं।

 

एस्प्रिन का सेवन फायदेमंद

हृदयाघात के लक्षण नजर आते ही एस्प्रिन का सेवन करना फायदेमंद रहता है। एस्‍प्रिसन से खून पतला हो जाता है, जिससे रक्‍त प्रवाह सुचारू बनाने में मदद मिलती है। एस्प्रिन को चूसना अधिक फायदेमंद होता है। एस्प्रिन लेने से पहले अपने डॉक्‍टर से जरूर बात कर लें, क्‍योंकि कुछ मरीजों के लिए यह नुकसानदेह भी हो सकती है। याद रखें अगर आपके डॉक्‍टर ने आपको किसी दवा का सेवन करने के लिए मना कर रखा है, तो उस दवा का सेवन न करें।

 

शारीरिक क्रियाएं न करें

अगर आप फौरन किसी चिकित्‍सकीय सहायता हासिल कर पाने में असमर्थ हैं, तो घबराएं नहीं। रिलैक्‍स रहने की कोशिश करें और जितना हो सके कम हिले-ढुलें। ज्‍यादा शारीरिक क्रियाएं करने से आपकी तबीयत खराब हो सकती है। इस बात का खयाल रखें कि आपको सांस लेने में कोई परेशानी नहीं हो रही। अपने घर पर ऑक्‍सीजन सिलेंडर रखें, विशेष परिस्थितियों में यह काफी काम आ सकता है।

 

छाती को जोर से दबाएं

कई बार हृदयाघात बिना किसी लक्षण के ही सामने आ जाता है। और तब यह अधिक खतरनाक और नुकसानदेह होता है। क्‍योंकि आने से पहले यह किसी प्रकार की चेतावनी नहीं देता। ऐसे होने पर अपनी छाती को जितना जोर से हो सके दबाएं। हालांकि, आपके लिए स्‍वयं अपनी छाती को दबाना काफी मुश्किल होता है, लेकिन फिर भी प्रयास जारी रखें।

 

अच्‍छी यादों के बारे में सोचिए

शरीर के तापमान को कम रखने के लिए अपनी बगलों में गीला तौलिया या कोई अन्‍य कपड़ा रखें। कई मामलों में यह देखा गया है कि शरीर का तापमान कम करने से हृदयाघात से बचने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। हृदयाघात के समय सांसों की गति अपने आप ही बढ़ जाती है और आप तेजी से लंबी सांसें लेने लगते हैं। लेकिन, वास्‍तव में आपको इसके ठीक उलट करने की जरूरत होती है। अच्‍छी यादों के बारे में सोचिए और स्‍वयं को रिलैक्‍स रखिए।

अब जब आपके हृदय की गति नियंत्रित हो चुकी है और आप स्‍वयं को पहले से अधिक सहज महसूस कर रहे हैं, अपने शरीर को अधिक मात्रा में ऑक्‍सीजन पहुंचाने का प्रयास कीजिए। इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि आप एक बार फिर तेजी से लंबी सांस लेने लग जाएं। आपको बस इतना करना है कि जमीन पर लेटकर अपनी दोनों टांगों को ऊपर उठाना है।

 

भोजन और पानी से रहें दूर

अपने घर के खि‍ड़की-दरवाजे खोल दें। या फिर पंखे अथवा एयरकंडीशनर के सामने खड़े हो जाएं। जब तक आपको जब तक आपको सतत ताजा हवा मिलती रहे आप सांस लेते रहें। इससे आपको काफी फायदा होगा। किसी भी प्रकार का भोजन और तरल पदार्थ का सेवन आपकी हालत को और खराब कर सकता है। जमीन अथवा काउच पर लेटकर अपनी टांगों को ऊपर उठाएं। यह मुद्रा शॉक को दूर करने में भी मदद करती है।

हार्ट अटैक बेहद खतरनाक हो सकता है। क्‍योंकि यह हमारा दिल ही है जो शरीर के सभी अंगों को गतिशील बनाए रखने के लिए जरूरी रक्‍त मुहैया कराता है। इन निर्देशों का पालन करके आप हृदयाघात जैसी विकट स्थिति से बेहतर ढंग से निपट सकेंगे।

 

 

 

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