इस वेलेंटाइन कैसे तलाशें अपना सच्‍चा प्‍यार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 14, 2014
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • प्‍यार का कोई कारण नहीं होता, प्‍यार होता है, तो होता है।
  • उसे देखकर आपके दिल में एक मीठा सा दर्द उठता है।
  • प्रेम सीमाओं को नहीं मानता, बल्कि अपनी सीमायें खुद तय करता है।
  • जब आप प्रेम में होते हैं, तो सारी दुनिया नजर आती है खूबसूरत।

 

प्‍यार जीवन को पूरा करने का अहसास। या कहा जाए जिंदगी का दूसरा नाम ही तो प्‍यार है। और वेलेंटाइन डे इस प्‍यार के इजहार और अपने प्‍यार को खास अहसास दिलाने का दिन है। लेकिन, आखिर अपना सच्‍चा प्‍यार पाया कैसे जाए। कैसे पहचाना जाए कि यही है आपका वेलेंटाइन-


प्‍यार को कहीं तलाशा नहीं जाता, वह तो आपके भीतर ही कहीं होता है। ठीक वैसे ही जैसे कस्‍तूरी मृग की खुशबू उसी में कहीं छुपी होती है, लेकिन वह उसकी तलाश में बावरा सा फिरता रहता है। वैसे ही प्रेम को सांसों की तरह हैं, हर क्षण आपके साथ। लेकिन कई बार इससे वाकिफ होने में अरसा लग जाता है। हमारी नजरों के सामने ही होता है वो, लेकिन हम उसे स्‍वीकार नहीं पाते। शंकायें, दुविधायें, सवाल और कई अन्‍य कारण उस वास्‍तविकता को कहीं ढंक देते हैं। और कई बार किसी से पहली ही मुलाकात में दिल के भीतर से यह आवाज आने लगती है कि हां यह वही है, जिसके लिए तुम इतने बेकरार थे। और जब भी यह अनुभूति होती है, तो यूं लगता है जैसे सारे बादल छंट गए।

find true love


प्‍यार तो इनसान के डीएनए में है। आदम और हौव्‍वा से शुरू हुआ यह प्रेम और फिर फैलता ही चला गया। आदम ने जन्‍नत सिर्फ हौव्‍वा के लिए छोड़ी, वो उसके बिना अधूरा जो था। लेकिन, उस दौर में न आदम के पास विकल्‍प थे और न ही हौव्‍वा के पास। लेकिन, आज का दौर जरा अलग है। आज सच्‍चा प्‍यार मिलना मुश्किल है, क्‍योंकि आज अरबों की आबादी में आपको किसी ऐसे शख्‍स से मिलना जरूरी है जिससे लिए दिल धड़क उठे।

 

कौन है वो

सबसे जरूरी बात, सच्‍चा प्‍यार किसी एक दिन का मोहताज नहीं होता। यह तो जिदंगी भर का अहसास होता है। प्‍यार का कोई फॉर्म्‍यूला नहीं, जो लगाया और उत्‍तर मिल गया। हर किसी को अलग तरह से होता है इसका अहसास और जब यह अहसास होता है, तो दुनिया में सब कुछ खूबसूरत नजर आने लगता है। हर ओर होती हैं बस  खुशियां ही खुशियां। यह मामला दिल का है, और यह कमबख्‍त दिल भला कब किसकी सुनता है। किस्‍मत खुद-ब-खुद उस शख्‍स से मिलवा देती है, और यह कह उठता है तुम ही तो हो, इतने बरसों से तलाश रहा था मैं जिसे। लेकिन, दुविधायें फिर भी आपकी राह में रोड़े अटका सकती हैं। चलिए हम आपका रास्‍ता साफ करने में मदद करते हैं। हो सकता है कि आपका प्‍यार आपकी आंखों के सामने हो और आप उसे देख न पा रहे हों। यह भी हो सकता है कि वो दुनिया के दूसरे कोने में बैठा हो आप की तरह तन्‍हा और आप ही का इंतजार करते हुए। चाहे जो भी हो, कोई न कोई इस दुनिया में आपके लिए जरूर बना है।

tips to find true love

पहली नजर का प्‍यार हर नजर का प्यार

प्रेम का सार यही है- 'पहली नजर का प्‍यार, आखिरी नजर का प्‍यार और हर नजर का प्‍यार'। जब आपका पहली नजर में ही किसी को देखते ही उसकी ओर खिंचने लगे, तो इसे एक इशारा समझें। इशारा कि आपको प्‍यार हो चला है। पहली नजर का प्‍यार ही प्‍यार हो यह जरूरी नहीं, लेकिन यह प्‍यार का आधार जरूर हो सकता है। लेकिन, आप किसी को पहली बार देखते ही उसके खयालों में खोये रहते हैं, तो जनाब आपका दिल किसी की नजरों में गिरफ्तार हो चला है, हुजूर आपको प्‍यार हो चला है।

 

सीमाओं से परे

इश्‍क की कोई हद नहीं होती। यह खुद तय करता है अपने नियम और कायदे। जिसके लिए आपके दिल में प्रेम होता है उसकी मदद करने के लिए आप कुछ भी करते हैं। आपको ऐसा करते हुए न कभी अजीब लगता है और न ही आपको कुछ अलग करने का अहसास ही होता है। अगर दूसरा व्‍यक्ति भी आपकी मदद के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार है, तो जनाब यही प्‍यार है। प्‍यार में शर्तें नहीं होतीं, प्‍यार में सौदा नहीं होता। यह तो होता है और होता है.... प्‍यार मैं और तुम के बीच की दूरियां पाटते हुए हम तक ले जाने का नाम है।

 

सब कुछ भुला के

कहते हैं,  'इश्‍क न पूछे दीन धर्म और इश्‍क न पूछे जात'। प्रेम नियमों पर कहां चलता है। सामाजिक वृजनायें तोड़ने का नाम ही तो प्‍यार है। आपके दोस्‍तों की सलाह, पढ़ी-पढ़ाई बातें, आपके कुछ पूर्वाग्रह... सब नेपृथ्‍य में चले जाते हैं और रह जाता है तो बस प्रेम। आपके हृदय में तमाम बातों को झुठलाया जाता है, और आपको अहसास होता है कि यही है वो सच्‍चा प्‍यार। प्‍यार विकल्‍प नहीं तलाशता। आपको कोई इनसान पसंद है, तो बस पसंद है... अपनी खूबियों और खामियों के साथ। आप वैसे ही चाहते हैं उसे... इस बात से बेपरवाह कि वो भी आपके बारे में वैसा ही सोचे। प्‍यार कोई निवेश नहीं जिसमें आपको रिटर्न की उम्‍मीद हो। प्‍यार है, तो बस है। और अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं, तो मान लीजिए कि यह हर लिहाज से सच्‍चा प्‍यार है।

 

प्‍यार का दर्द है...

उसकी हंसी हो या नजर... उसकी बातें हो या व्‍यवहार सब कुछ आपके लिए खास होता है। अगर उसे देखते ही दिल में मीठा दर्द हो उठे, तो समझ जाइए कि दिल आपसे कुछ कह रहा है। उसके देखते ही आपका दिल प्रेम से भर आता है। सारी दुनिया में सबसे प्‍यारा दिखता है वो। ठीक वैसे ही जैसे मां-बाप के लिए उनकी औलाद होती है। अगर किसी को देखकर आपके दिल में भी ऐसा हो, तो मान जाइए कि आप प्‍यार में हैं। इंतजार मत कीजिए डूब जाइए इस दरिया में।

true love

 

खिंचा जाऊं मैं तेरी ओर

प्रेम महज आकर्षण नहीं यह और बात है, लेकिन आकर्षण के बिना प्रेम संभव भी नहीं। प्रेम का आधार है आकर्षण... अगर हर सूरत में आप दोनों एक दूजे के साथ रहना चाहते हैं और किसी भी कीमत पर आपको जुदाई बर्दाश्‍त नहीं, तो यह इशारा है सच्‍चे प्‍यार का। आपके दिल को जो भा जाए, जरूरी नहीं कि वो देखने में हूर की तरह हो, कहते हैं लैला का रंग बेहद काला था, लेकिन कैस को वो ऐसी भायी कि वो गलियों में मजनूं बनकर घूमने लगा। अगर, आपके दिल में भी यह आकर्षण महीनों बना रहता है, तो जनाब आपको सच्‍चे वाला प्‍यार हो गया है।  


सबसे जरूरी बात, प्रेम सत्‍य का ही प्रतिबिंब है। अगर यह सच नहीं है, तो प्रेम नहीं है। तो सच और सत्तचरित्र होना ही प्रेम की पहली और आखिरी शर्त है। उम्‍मीद है कि इस वेलेंटाइन डे आपके दिल के आंगन में सच्‍चे प्‍यार का फूल खिले...

Write a Review
Is it Helpful Article?YES30 Votes 4348 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर