मयूरा मुद्रा कैसे करें और क्‍या हैं इसके फायदे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 10, 2016
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • मुद्रा को हठयोग का तीसरा अंग माना जाता है।
  • इस मुद्रा में हाथ मयूर के सिर जैसा बन जाता है।
  • इससे याद्दाश्‍त बढ़ती है और मन शांत रहता है।

योग में सिर्फ आसन ही नहीं होता है बल्कि इसके कई अंग होते हैं। मुद्रा भी योग का एक प्रमुख अंग है, और योग के अभ्यास में मुद्राओं का बहुत अधिक महत्व है। इन मुद्राओं के नियमित अभ्यास से बुढ़ापा दूर होता है और आयु में वृद्धि होती है। यह मन को शांत और एकाग्र करता है। इसकी खासियत है कि यह दूसरे योग को करने में भी सहायता प्रदान करता है।


मुद्रा को हठयोग का तीसरा अंग माना गया है। मुद्रा का अभ्‍यास करने वाला अपनी इंद्रियों को आसानी से अपने वश में कर लेता है। मयूरा मुद्रा भी एक प्रकार की मुद्रा है। इसके बारे में विस्‍तार से जानने के लिए इस लेख को पढ़ें।

Mayura Mudra in Hindi

 

कैसे करें

इस मुद्रा में हाथ का आकार मोर के सिर के जैसा हो जाता है, इसके कारण ही इसे मयूरा मुद्रा कहते हैं। एक हाथ से की जाने 28 मुद्राओं में मयूरा मुद्रा का स्‍थान पांचवां है। इसे करने के लिए सबसे पहले जमीन पर किसी भी आसन में बैठ जाएं। इसके बाद दाएं हाथ को घुटने पर रखें तथा बाएं हाथ को मुंह के सम्मुख उठाएं। लेकिन हथेली को खोलकर नीचे की तरफ ही रखें। अंगूठे को ऊपर के होंठ पर रखें। इसी हाथ को सबसे छोटी उंगली की ओर मिलाकर स्थिर करें मतलब खाली स्थान पर ध्यान करें।

इसे भी पढ़ें- रज मुद्रा करने के तरीके और फायदों के बारे में जानें

इसके फायदे

  • यह दिमाग के लिए बहुत फायदेमंद है, मयूरी मुद्रा का नियमित अभ्‍यास करने से याद्दाश्‍त तेज होती है।  
  • इस मुद्रा को करने से मन भी शांत रहता है और नकारात्‍मक विचार नहीं आते हैं।
  • यह मु्द्रा कुं‍डलिनी जागरण में बहुत खास भूमिका निभाती है।


यह मुद्रा वैसे तो इसे करना बहुत मुश्किल है लेकिन इसके निरंतर अभ्यास से यह बहुत आसान हो जाता है।

 

Image source - Getty

Read More Articles on Yoga in Hindi

 

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES18 Votes 4215 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर