गर्भावस्‍था के दौरान एग्जिमा होने पर मॉइश्‍चराइजर का करें इस्‍तेमाल

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 28, 2013
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • बहुत ज्यादा सोडे वाले साबुन का प्रयोग करने से बचें।
  • सर्दी और गर्मी में एसी और रूम हीटर से दूर से भाप लें।
  • त्वचा अधिक रूखी होने पर बार-बार माश्चराइजर लगाएं।
  • एग्जिमा में सूती कपड़े पहनें, कपड़े ढीलें हो तो अच्‍छा है।

आमतौर पर हर महिला गर्भावस्‍था के दौरान एग्जिमा से पीड़ि‍त नहीं होती। प्रेग्‍नेंसी में एग्जिमा होने पर पेट और उसके आसपास की त्‍वचा पर सफेद-लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। एग्जिमा के कारण खुजली होती है, यह खुजली असहनीय होती है।

एग्जिमा से पीडि़त गर्भवती महिलाइस बीमारी को वंशानुगत माना जाता है, जो किसी गर्भावती महिला को हो सकती है। केवल गर्भवती महिलायें ही नहीं, अपितु बच्‍चे सबसे ज्‍यादा इसकी चपेट में आते हैं। गर्भावस्‍था के दौरान डरमेटाइटिस या एग्जिमा होने पर इससे निपटने के रास्‍ते बताने में यह लेख आपकी मदद करेगा।

 

 

क्‍या है एग्जिमा

एग्जिमा त्‍वचा की समस्‍या है, इसमें लाल-सफेद चकत्ते त्‍वचा पर पड़ जाते हैं। एग्जिमा जहां होता है वहां तेज खुजली होती है। एग्जिमा को आमतौर पर 'डरमेटाइटिस' भी कहते हैं। इस अवस्था में त्वचा काफी खुश्क हो जाती है और उसमें खुजली होने लगती है। त्चचा में नमी की कमी से ये बीमारी उत्पन्न होती है। यह संक्रामक बीमारी नहीं है।

इसमें त्वचा में खुजलाने के कारण लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। यह अक्सर माथे, कोहनी, घुटने और गर्दन पर उत्पन्न होती है। गर्भावस्‍था के दौरान यह पेट और उसके आसपास के हिस्‍से पर ज्‍यादा होती है। कुछ वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि यह बीमारी वंशानुगत होती है।

 

 

एग्जिमा के कारण

डरमेटाइटिस यानी एग्जिमा वंशानुगत रोग है। एग्जिमा के अन्‍य प्रकारों की तुलना में एटोपिक एग्जिमा सबसे ज्‍यादा सामान्‍य है। यह बीमारी पर्यावरण के कारण होने वाली एलर्जी है। यदि घर के किसी सदस्‍य में यह बीमारी पहले हुई है, तो परिवार के अन्‍य सदस्‍यों को भी यह हो सकती है। इसके अलावा अस्‍थमा, बुखार (हे फीवर) और फूड एलतर्जी के कारण यह हो सकती है।

कुछ प्रकार के एग्जिमा (कांटैक्‍ट डरमटाइमिट) केमिकल, डिटर्जेंट, खमीर और कुछ धातुओं के संपर्क में आने से होता है। गर्भवती महिलाओं में यीस्‍ट संक्रमण के कारण यह होता है। यदि गर्भावस्‍था के दौरान आपको एग्जिमा की समस्‍या हो गई है तो प्रेग्‍नेंसी हार्मोंस के कारण आपकी स्थिति खराब या अच्‍छी हो सकती है।

 

गर्भावस्‍था के दौरान एग्जिमा से बचने के टिप्‍स

  • अत्यधिक पसीने और अत्यधिक ऊष्मा से बचें।
  • बहुत ज्यादा सोडे वाले साबुन का प्रयोग करने की बजाय सौम्य साबुन का इस्तेमाल करें।
  • सर्दियों में एसी और रूम हीटर से दूर से गर्मी लें।
  • नहाने वक्‍त त्चचा को ज्यादा न रगड़ें।
  • घर से बाहर माश्चराइजर लगाकर ही निकलें।
  • त्वचा अधिक रूखी होने पर दिन में तीन से चार बार माश्चराइजर लगाएं।
  • एग्जिमा में सूती कपड़े पहनें, कपड़े ढीलें हो तो अच्‍छा है।
  • गर्भावस्‍था के दौरान यह समस्‍या होने पर इसका उपचार तुरंत करना चाहिए।
  • त्‍वचा पर बार-बार खुजली करने से त्‍वचा कट भी सकती है।
  • इस बीमारी के कारण तनाव होता है जो गर्भावस्‍था के दौरान बहुत हानिकारक है।



प्रेग्‍नेंसी के दौरान एलर्जी करने वाले खाद्य पदार्थो को खाने और धूल मिट्टी वाले वातावरण के संपर्क में आने से बचें। समस्‍या गंभीर होने पर चिकित्‍सक कसे संपर्क कीजिए।

 

Read More Articles on Pregnancy Care in Hindi

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES7 Votes 3719 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर