कुछ यूं करें प्‍यार को स्‍वीकार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 12, 2014
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Quick Bites

  • यदि लोग आपकी मदद करना चाहें तो हर बार इसे स्‍वार्थ न समझें।
  • सराहना और सम्‍मान की चाह रखना मानवीय स्‍वभाव का हिस्‍सा है।
  • लोगों की मदद के लिए उनका आभार व्‍यक्‍त करना सीखें।
  • किसी की मदद कर जो खुशी मिलती है उसकी कल्‍पना मुश्किल है।

जब भी बात प्रेम की जाती है, तो इसे केवल स्‍त्री-पुरुष संबंधों तक ही सीमित कर दिया जाता है। जबकि प्रेम का कैनवॉस बहुत बड़ा है। सारा ब्रह्मांड भी इसके लिए छोटा पड़ जाता है। प्रेम, सामाजिक सरोकारों और लोगों की मदद के लिए भी हो सकता है। प्रेम, दोस्‍ती के रूप में भी हो सकता है। और प्रेम किसी की मदद करने में भी हो सकता है। यदि आपको मानवता से प्रेम से है, तो आप हर किसी की मदद के लिए वक्‍त निकाल लेते हैं।

 

यदि आप केवल देते रहते हैं, तो एक मोड़ ऐसा आता है जब आप स्‍वयं को कई बार ठगा हुआ महसूस करते हैं। आपको लगता है कि कोई आपके अच्‍छे काम की तारीफ नहीं कर रहा। आपकी भलाई के बारे में कोई भी विचार नहीं कर रहा। यह स्थिति मानसिक और भावनात्‍मक रूप से थकाने वाली होती है और इसका परिणाम यह होता है कि आप शारीरिक रूप से भी अपने काम को पूरी लगन के साथ नहीं कर पाते।

 

आपकी मनोस्थिति काफी आक्रोशित हो सकती है। दूसरों से सराहना अथवा अपेक्षित व्‍यवहार न मिलना दुखी कर सकता है। यह मानवीय स्‍वभाव का हिस्‍सा है। इनसान अपनी मेहनत के बदले कुछ न कुछ पाने की चाह जरूर रखता है। भले ही वह चाहत मामूली ही क्‍यों न हो। और कुछ नहीं तो सम्‍मान की चाहत तो उसे जरूर होती है। यह सामान्‍य मानवीय प्रवृत्ति है और इसमें कुछ बुरा भी नहीं।

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याद रखिये एकतरफा रिश्‍ते अपूर्ण माने जाते हैं। यदि आप सिर्फ देते रहें और उसके बदले आपको कुछ न मिले, तो चिंता होनी स्‍वाभाविक है। इससे बचा नहीं जा सकता। यूं भी लौटकर आये प्रेम का आनंद दोगुना होता है। और जब आपको अपने किये गए काम के बदले कुछ मिलता है, तो एक संतोष होता है कि आपको, आपके काम को सराहा गया। लोगों ने उसकी कीमत समझी। इससे आपको और मेहनत और शिद्दत से काम करने की प्रेरणा मिलती है। आप अपने काम में और अधिक मेहनत और लगन से जुट जाते हैं।



तो आज से ही अपने जीवन को बदलिये और कुछ पाने की चाह रखिये। जानिये कैसे पाकर आप अपने जीवन को अधिक खुशनुमा बना सकते हैं और कैसे फिर उसी खुशी को ब्‍याज सहित दुनिया को लौटा सकते हैं।

अभिनंदन करें स्‍वीकार

आप कितने खुशकिस्‍मत हैं कि लोग आपके लिए कुछ करना चाहते हैं या आपके लिए कुछ अच्‍छा कहते हैं। यही आपकी ताकत है। लोगों की सराहना आपके लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है। इसका आनंद उठाना सीखिये। किसी भी प्रतिक्रिया को स्‍वीकार करना आपको आना चाहिए। लोग भले ही आपके काम की आलोचना करें, लेकिन आपको उसमें से भी अपने लिए अच्‍छी बात निकालना आना चाहिए। आपको यह जानना चाहिए कि आखिर आलोचना की वजह क्‍या है और उस आलोचना से क्‍या सीखा जा सकता है। यदि आप लोगों के विचारों को सुन सकते हैं, तो इससे यह संकेत जाएगा कि आप हर प्रकार के विचारों को आमंत्रित करते हैं।


अगर आप ऐसे लोगों को दूर कर देंगे जो आपको कुछ देने का प्रयास कर रहे हैं, तो इससे यह संकेत जाएगा कि आप कुछ लेना ही नहीं चाहते। और धीरे-धीरे लोग आपके साथ इस प्रकार का लेन-देन बंद कर देंगे।



लोगों की छोटी-छोटी बातों, सलाहों, अभिनंदनों, मदद और तोहफों को स्‍वीकार करने की कला सीखें। यह बहुत जरूरी है कि आप इन सब चीजों को आभार सहित स्‍वीकार करें।

खुद को पहचानें

कोई भी आदमी संपूर्ण नहीं होता। और आप भी अपवाद नहीं हैं। आपमें तमाम खूबियां हो सकती हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि आपके भीतर कोई कमी नहीं। ऐसा कोई इनसान नहीं जिसमें कोई कमी न हो। लोगों से अच्‍छे से मिलना, उनकी मदद करना और उनके साथ अच्‍छा व्‍यवहार करना आपके स्‍वभाव और व्‍यक्तित्‍व का उजला पक्ष हो सकता है, लेकिन इसके साथ ही कुछ ऐसी चीजें भी होंगी जिन्‍हें आप सुधारना चाहते हैं। इस बारे में भी लोगों से बात करें। अपनी खामियों और स्‍याह पक्ष के बारे में भी लोगों से जानना आपको बेहतर इनसान बना सकता है। दूसरों की सलाह सुनिये और अपने विवेक से तय कीजिए कि आखिर क्‍या चीज आपको सुधारनी चाहिए।

लोग अपनी खूबियों के बारे में तो जमकर बात करते हैं, लेकिन अपनी खामियों को अकसर छुपाकर रखते हैं। अपनी खामियों के बारे में दूसरों से बात करना और सलाह लेने के लिए काफी साहस की जरूरत होती है। यदि आप सच्‍चाई के साथ अपने बारे में बात कर सकते हैं, तो लोग भी आपसे ऐसे ही बात करेंगे। इससे आप जानेंगे कि दुनिया में कोई भी परफेक्‍ट नहीं। हां, इस बात का ध्‍यान जरूर रखें कि अपनी बात किसके साथ करनी है और कितनी करनी है। हर किसी के सामने भी दिल खोलकर रख देना अच्‍छा नहीं। इससे लोग आपकी खामियों का फायदा उठाने का प्रयास भी कर सकते हैं।

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याद रखें

जब लोग आपकी मदद करें, तो उसे याद रखें। लोगों की मदद और अपनापन आपकी ताकत है। यही आपकी प्रेरणा है। इसी से आपको जीवन के अंधेरे समय में रोशनी मिलेगी। जब कभी भी आप मुश्किल में होंगे तो लोगों की यही भावनायें आपके काम आएंगी और आपके लिए मार्ग प्रशस्‍त करेंगी। जीवन में ऐसे लोगों की कमी नहीं जो आपका जीवन चुनौतीपूर्ण बनाने में लगे हों, लेकिन साथ ही ऐसे लोग भी बड़ी तादाद में हैं, जो आपकी मदद करने को आतुर हैं। आप अपने फेसबुक वॉल से लेकर ब्‍लॉग तक में लोगों की मदद और सराहना का उल्‍लेख कर सकते हैं। उन्‍हें बतायें कि आप कितने लकी हैं कि आपको उनका साथ मिल रहा है।

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